घटतौली पर पूर्ण विराम — 800 क्रय केंद्रों के डिजिटल कांटों पर लगी बारकोड सील, किसानों की सतर्कता कमेटी गठित

मुख्य बिंदु (Quick Summary): 15 अक्टूबर से शुरू होने जा रहे पेराई सत्र में घटतौली रोकने के लिए नाप-तौल विभाग ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 800 बाह्य गन्ना क्रय केंद्रों के वे-ब्रिज की डिजिटल बारकोड सीलिंग पूरी कर ली है। प्रत्येक केंद्र पर 3 स्थानीय किसानों की सतर्कता कमेटी बनाई गई है जो किसी भी समय कांटे की शुद्धता जांच सकेगी।
मेरठ / सहारनपुर / मुरादाबाद: उत्तर प्रदेश में आगामी पेराई सत्र 2026-27 के दौरान गन्ना क्रय केंद्रों पर घटतौली (कम तौल) की शिकायतों को जड़ से खत्म करने के लिए विधिक माप विज्ञान विभाग (नाप-तौल विभाग) और गन्ना विकास विभाग ने एक बेहद कड़ा संयुक्त सुरक्षा तंत्र लागू कर दिया है।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, शामली, बिजनौर और मुरादाबाद मंडलों में स्थित 800 से अधिक बाह्य क्रय केंद्रों और मिल गेट के डिजिटल धर्मकांटों का इलेक्ट्रॉनिक कैलिब्रेशन और बारकोड युक्त एंटी-टैम्पर सीलिंग का कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है।
डिजिटल सीलिंग की 3 मुख्य तकनीकी विशेषताएं
- एंटी-टैम्पर होलोग्राम सील: वजन दर्शाने वाले डिजिटल इंडिकेटर, लोड सेल जंक्शन बॉक्स और कंप्यूटर केबलिंग को विशेष सील से लॉक किया गया है। यदि कोई सील से छेड़छाड़ की कोशिश करेगा, तो कांटा स्वतः ‘Error Lock’ मोड में चला जाएगा।
- ग्रीन क्यूआर कोड सत्यापन प्रमाण पत्र: जिस कांटे की जांच पूरी हो चुकी है, उस पर नाप-तौल विभाग का हरा क्यूआर कोड सर्टिफिकेट चस्पा किया गया है। किसान मोबाइल से क्यूआर कोड स्कैन करके जांच अधिकारी का नाम और वैधता तिथि देख सकते हैं।
- सॉफ्टवेयर बायपास पर रोक: तौल सॉफ्टवेयर को सीधे राज्य मुख्यालय के केंद्रीय सर्वर से जोड़ा गया है ताकि तौल क्लर्क वजन में कोई मैनुअल हेराफेरी न कर सके।
3-सदस्यीय किसान सतर्कता समिति के विशेषाधिकार
प्रत्येक क्रय केंद्र पर स्थानीय गाँव के 3 प्रगतिशील किसानों की ‘क्रय केंद्र सतर्कता समिति’ (Purchase Center Vigilance Committee) गठित की गई है:
- समिति सदस्य किसी भी समय तौल क्लर्क से कांटे का शून्य (0.00) बैलेंस चेक करा सकते हैं।
- संदेह होने पर सरकारी 100 किग्रा और 200 किग्रा के मानक लौह बाट (Standard Test Weights) रखकर कांटे की शुद्धता का प्रत्यक्ष परीक्षण करा सकते हैं।
- यदि तौल में 5 किग्रा से अधिक का अंतर मिलता है, तो समिति तुरंत तौल बंद कराकर एसडीएम को सूचना देगी।
घटतौली करते पकड़े जाने पर मिल प्रबंधन, ठेकेदार और तौल क्लर्क के खिलाफ विधिक माप विज्ञान अधिनियम और आईपीसी की धारा 420 के तहत गैर-जमानती एफआईआर दर्ज कर तत्काल जेल भेजा जाएगा।
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