एग्रीस्टैक किसान आईडी: यूपी के 35 लाख गन्ना किसानों का डिजिटल डेटाबेस तैयार — डीबीटी में बिचौलियों का खेल पूरी तरह खत्म

लखनऊ (CaneUp विशेष ब्यूरो — 25 सितंबर 2026 सुबह 8:02 बजे): उत्तर प्रदेश के कृषि एवं ग्रामीण विकास परिदृश्य में पारदर्शिता और सुशासन का नया स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया है। केंद्र सरकार के डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन ‘एग्रीस्टैक’ (AgriStack - National Digital Farmers Registry) के अंतर्गत उत्तर प्रदेश के गन्ना विकास विभाग और राजस्व विभाग ने एक संयुक्त महाभियान चलाकर राज्य के 35 लाख 42 हजार से अधिक सक्रिय गन्ना किसानों का त्रि-स्तरीय सत्यापित डिजिटल डेटाबेस सफलतापूर्वक तैयार कर लिया है।
इस डिजिटल एकीकरण के साथ ही दशकों से गन्ना आपूर्ति व्यवस्था में दीमक की तरह फैले फर्जी सट्टे, मृत किसानों के नाम पर अवैध पर्ची चलाने वाले माफियाओं और बिचौलियों के गठजोड़ पर हमेशा के लिए ताला लग गया है।
🌐 एग्रीस्टैक (AgriStack) क्या है और यह कैसे कार्य करता है?
एग्रीस्टैक भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा विकसित एक एकीकृत डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना (Digital Public Infrastructure - DPI) है। जिस प्रकार नागरिकों के लिए ‘आधार’ और वित्तीय क्षेत्र के लिए ‘यूपीआई’ (UPI) ने क्रांति की है, उसी प्रकार किसानों के लिए ‘किसान रजिस्ट्री’ (Farmers Registry) कार्य करती है।
एग्रीस्टैक का त्रि-स्तरीय सत्यापन मॉडल (Tri-Layer Authentication):
- प्रथम स्तर (भू-अभिलेख एकीकरण): उत्तर प्रदेश राजस्व परिषद के ‘भूलेख’ पोर्टल से किसान के नाम दर्ज वास्तविक गाटा संख्या, खतौनी और अंश (Share of Land) का डिजिटल सत्यापन।
- द्वितीय स्तर (पहचान सत्यापन): भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) के माध्यम से किसान के आधार नंबर का ई-केवाईसी और फिंगरप्रिंट/ओटीपी मिलान।
- तृतीय स्तर (वित्तीय मैपिंग): नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के माध्यम से किसान के सक्रिय बचत बैंक खाते का आधार से प्रत्यक्ष जुड़ाव।
🛡️ 35 लाख गन्ना किसानों को मिलने वाले 5 अभूतपूर्व लाभ
- फर्जी सट्टे और पर्ची माफियाओं का समूल नाश: पहले कई चीनी मिल क्षेत्रों में बिचौलिए मृत किसानों या गैर-काश्तकारों के नाम पर फर्जी सट्टा बनाकर अवैध गन्ने की पर्चियां 500 से 1,000 रुपये में बेचते थे। अब चूंकि प्रत्येक सट्टा आधार और बायोमेट्रिक से लॉक है, बिना वास्तविक किसान की अनुमति के एक भी पर्ची जारी नहीं हो सकेगी।
- स्वतः रकबा संशोधन (Real-Time Land Update): यदि किसी किसान ने अपनी 1 बीघा जमीन बेची या विरासत में नाम दर्ज हुआ, तो भूलेख पोर्टल में बदलाव होते ही सट्टे में दर्ज रकबा स्वतः अपडेट हो जाएगा। लेखपाल या केन सुपरवाइजर को रिश्वत देकर रकबा बढ़वाने का खेल खत्म हो गया है।
- सिंगल विंडो डीबीटी (One-Click Direct Benefit Transfer): अब किसान को विभिन्न योजनाओं के लिए अलग-अलग दस्तावेज जमा नहीं करने पड़ेंगे। गन्ना भुगतान, पीएम-किसान सम्मान निधि (₹6,000), कृषि यंत्र सब्सिडी, फसल बीमा क्लेम और खाद अनुदान—सभी का पैसा एक ही सत्यापित खाते में स्वतः पहुंचेगा।
- डिजिटल फसल सर्वेक्षण (Digital Crop Survey): जीपीएस और सेटेलाइट रिमोट सेंसिंग द्वारा सत्यापित फसल डाटा के आधार पर किसान का बेसिक कोटा बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के स्वतः कैलकुलेट होगा।
- सुलभ कृषि ऋण (Instant KCC Approval): बैंक एग्रीस्टैक डेटाबेस से किसान की साख और गन्ना आपूर्ति इतिहास देखकर बिना किसी बिचौलिए के 24 घंटे में किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) स्वीकृत कर सकेंगे।
📱 किसान अपनी 11 अंकों की ‘डिजिटल किसान आईडी’ कैसे देखें?
गन्ना विभाग ने इस सुविधा को enquiry.caneup.in पोर्टल और eGanna App पर पूरी तरह लाइव कर दिया है:
- पोर्टल के होमपेज पर ‘किसान भाई अपना डाटा देखें’ विकल्प पर क्लिक करें।
- अपना जिला, चीनी मिल, गांव और किसान कोड (Grower Code) चुनें।
- स्क्रीन पर किसान के प्रोफाइल के सबसे ऊपर 11 अंकों की विशिष्ट ‘AgriStack Farmer ID’ हरे रंग के ‘Verified’ टिक मार्क के साथ प्रदर्शित होगी।
📊 उत्तर प्रदेश में एग्रीस्टैक आच्छादन की प्रगति (जिलेवार अग्रणी मंडल)
- सहारनपुर व मेरठ मंडल: 94.2% किसानों का सत्यापन पूर्ण (लगभग 11.8 लाख किसान)
- मुरादाबाद व बरेली मंडल: 91.5% किसानों का सत्यापन पूर्ण (लगभग 9.6 लाख किसान)
- लखीमपुर खीरी व सीतापुर मंडल: 88.0% किसानों का सत्यापन पूर्ण (लगभग 8.2 लाख किसान)
- गोरखपुर, बस्ती व देवीपाटन मंडल: 82.4% किसानों का सत्यापन पूर्ण (लगभग 5.8 लाख किसान)
❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
प्रश्न 1: यदि किसी किसान की प्रोफाइल में ‘AgriStack Pending’ लिखा आ रहा हो तो क्या करें?
उत्तर: किसान भाई अपनी स्थानीय साधन सहकारी समिति या कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर जाएं और अपना आधार कार्ड व खतौनी प्रस्तुत कर ई-केवाईसी (e-KYC) अंगूठा लगाकर सत्यापित कराएं। यह 24 घंटे के भीतर ‘Verified’ हो जाएगा।
प्रश्न 2: क्या एग्रीस्टैक आईडी न होने पर गन्ना पर्ची रुक जाएगी?
उत्तर: पेराई सत्र 2026-27 के लिए विभाग ने उन किसानों को भी पर्चियां देने का निर्णय लिया है जिनका सत्यापन प्रक्रियाधीन है। लेकिन 100% गन्ना भुगतान सीधे बैंक खाते में पाने के लिए 30 अक्टूबर से पहले ई-केवाईसी कराना अनिवार्य होगा।
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