AgriStack डिजिटल फार्मर ID: सट्टे से लिंक कराने 12-13 सितंबर को 8,000 CSC केंद्रों पर विशेष महा-कैंप, फ्री बनेगी ID

मुख्य बिंदु (Quick Summary): केंद्र और राज्य सरकार के डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन के तहत उत्तर प्रदेश के सभी गन्ना किसानों को 12 अंकों की विशिष्ट ‘डिजिटल किसान आईडी’ (Farmer ID) से जोड़ने के लिए 12 और 13 सितंबर 2026 (शनिवार व रविवार) को प्रदेश के 8,000 से अधिक जन सेवा केंद्रों (CSC) और ग्राम सचिवालयों में ‘विशेष महा-कैंप’ आयोजित किए जा रहे हैं। कैंप में किसानों की आईडी बिल्कुल मुफ्त बनाई जाएगी।
लखनऊ/बरेली/सहारनपुर (CaneUp विशेष रिपोर्ट — 11 सितंबर 2026): उत्तर प्रदेश कृषि विभाग और गन्ना विकास विभाग ने संयुक्त आदेश जारी करते हुए राज्य के सभी गन्ना उत्पादक जनपदों में सट्टे से डिजिटल किसान आईडी (Farmer ID) को लिंक करने के लिए दो दिवसीय ‘राज्यव्यापी महा-कैंप’ की घोषणा की है। यह विशेष अभियान आगामी 12 और 13 सितंबर 2026 (शनिवार और रविवार) को सुबह 9:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक संचालित होगा।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि आगामी पेराई सत्र 2026-27 में गन्ना पर्ची जारी करने और चीनी मिलों द्वारा गन्ना मूल्य भुगतान सीधे किसान के खाते में भेजने के लिए यह 12 अंकों की डिजिटल फार्मर आईडी अनिवार्य की जा रही है।
🏛️ विशेष महा-कैंप की मुख्य विशेषताएं
| विवरण | शासकीय व्यवस्था |
|---|---|
| कैंप की तिथियां | 12 और 13 सितंबर 2026 (शनिवार व रविवार) |
| शिविर स्थल | प्रदेश के सभी 8,000+ CSC केंद्र, साधन सहकारी समितियां और ग्राम पंचायत भवन |
| पंजीकरण शुल्क | पूर्णतः निःशुल्क (₹0) — सीएससी संचालकों को सरकार प्रति आईडी ₹15 का भुगतान करेगी |
| लक्षित किसान | ऐसे 18 लाख गन्ना किसान जिनकी आईडी अभी तक सट्टे से लिंक नहीं हो पाई है |
| निगरानी अधिकारी | प्रत्येक ब्लॉक में खंड विकास अधिकारी (BDO) और ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक (CDI) |
📄 कैंप में जाने से पहले किसान अपने साथ क्या ले जाएं?
किसानों को अपनी डिजिटल फार्मर आईडी जनरेट और लिंक कराने के लिए केवल 3 आवश्यक दस्तावेजों की मूल प्रति लानी होगी:
- आधार कार्ड: आधार कार्ड में किसान का सक्रिय मोबाइल नंबर लिंक होना चाहिए (ओटीपी सत्यापन हेतु)।
- भूलेख खतौनी: अद्यतन प्रमाणित खतौनी जिसमें किसान का गाटा संख्या और रकबा स्पष्ट दर्ज हो।
- गन्ना सट्टा पर्ची / किसान कोड: CaneUp पोर्टल पर दर्ज 6 अंकों का किसान कोड या पुरानी पर्ची।
यदि किसान आईडी लिंक न हुई तो क्या नुकसान होगा?
अपर मुख्य सचिव (कृषि एवं गन्ना) ने बताया कि पारदर्शी व्यवस्था लागू करने और बिचौलियों/फर्जी सट्टेबाजों को तंत्र से बाहर करने के लिए एग्रीस्टैक को गन्ने के सट्टा सॉफ्टवेयर से सीधे जोड़ा गया है।
- जिन किसानों की फार्मर आईडी 30 सितंबर तक लिंक नहीं होगी, उनका बेसिक कोटा लॉक हो सकता है।
- पीएम-किसान की 24वीं किस्त और गन्ना मूल्य भुगतान में तकनीकी अड़चन आ सकती है।
सभी ग्राम प्रधानों और गन्ना विकास समितियों को लाउडस्पीकर द्वारा गांवों में मुनादी कराकर किसानों को इन दो दिनों में सीएससी कैंप तक लाने के निर्देश दिए गए हैं।
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