गन्ना सट्टा और पर्ची के लिए AgriStack डिजिटल किसान आईडी अनिवार्य, ई-केवाईसी न होने पर रुकेंगी सुविधाएं

गन्ना सट्टा और पर्ची के लिए AgriStack डिजिटल किसान आईडी अनिवार्य, ई-केवाईसी न होने पर रुकेंगी सुविधाएं
By
Aamir Raza - 2026-08-30
लखनऊ/अमरोहा (विशेष संवाददाता)। ### हेल्पलाइन और समाधान व्यवस्था
ई-केवाईसी और किसान आईडी जनरेशन में आने वाली तकनीकी दिक्कतों के समाधान के लिए गन्ना विकास विभाग ने जिला मुख्यालयों पर ‘किसान सहायता डेस्क’ स्थापित की है।
यदि किसी किसान का आधार मोबाइल नंबर से लिंक नहीं है, तो वे सीधे अपने ब्लॉक के गन्ना पर्यवेक्षक (Cane Supervisor) या समिति सचिव से मिलकर ऑफलाइन बायोमेट्रिक मशीन द्वारा सत्यापन करा सकते हैं। विभाग का लक्ष्य 15 सितंबर तक राज्य के 100 प्रतिशत किसानों का डिजिटल ऑनबोर्डिंग पूरा करना है।
उत्तर प्रदेश के गन्ना किसानों के लिए महत्वपूर्ण प्रशासनिक आदेश जारी हुआ है। डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन के अंतर्गत प्रदेश के सभी गन्ना किसानों के लिए 12 अंकों की डिजिटल किसान आईडी (एग्रीस्टैक आईडी) बनाना अनिवार्य कर दिया गया है। गन्ना विकास विभाग ने स्पष्ट किया है कि पेराई सत्र 2026-27 के लिए सट्टा नवीनीकरण, पर्ची आवंटन और डीबीटी भुगतान केवल सत्यापित किसान आईडी पर ही किया जाएगा।
जिला गन्ना अधिकारी अमरोहा ने बताया, “किसान आईडी से काश्तकार के आधार कार्ड और उसकी खसरा-खतौनी का भूखंडवार रिकॉर्ड डिजिटल रूप से जुड़ जाता है। इससे फर्जी सट्टेबाजी पूरी तरह बंद होगी और वास्तविक किसान को ही उसकी उपज की पूरी पर्चियां मिलेंगी। जिन किसानों की आईडी 15 सितंबर तक नहीं बनेगी, उनका सट्टा रोक दिया जाएगा।”
किसान आईडी बनवाने के 2 आसान माध्यम
| माध्यम | प्रक्रिया | आवश्यक दस्तावेज | समय |
|---|---|---|---|
| सीएससी जन सेवा केंद्र | नजदीकी केंद्र पर बायोमेट्रिक फिंगरप्रिंट द्वारा | आधार कार्ड, खतौनी नकल, मोबाइल नंबर | 5 मिनट |
| ऑनलाइन पोर्टल | upfr.agristack.gov.in पर ओटीपी द्वारा | आधार-लिंक्ड मोबाइल नंबर | 2 मिनट (निःशुल्क) |
इन सरकारी योजनाओं से सीधे जुड़ेगी किसान आईडी
अधिकारियों के मुताबिक, डिजिटल किसान आईडी बनने से किसानों को कई अन्य लाभ भी निर्बाध मिलेंगे:
- पीएम किसान 24वीं किश्त: अक्टूबर 2026 में जारी होने वाली सम्मान निधि बिना किसी रुकावट के सीधे खाते में आएगी।
- सहकारी समितियों से खाद की खरीद: बायोमेट्रिक सत्यापन से रियायती यूरिया और डीएपी का कोटा निर्धारित होगा।
- फसल बीमा क्लेम: आपदा या नुकसान की स्थिति में सैटेलाइट सर्वे के आधार पर सीधे खाते में मुआवजा पहुंचेगा।
गांव-गांव विशेष कैंप आयोजित कर रहा प्रशासन
तहसील स्तर पर लेखपाल और गन्ना पर्यवेक्षकों की संयुक्त टीमें गांव-गांव कैंप लगाकर किसानों का सत्यापन कर रही हैं। अमरोहा के जोया, हसनपुर और मंडी धनौरा विकास खंडों में अब तक 65 प्रतिशत किसानों की आईडी जनरेट की जा चुकी है।
अधिकारियों ने अपील की है कि जिन किसानों के आधार कार्ड में मोबाइल नंबर अपडेट नहीं है, वे तुरंत अपने नजदीकी डाकघर या बैंक में जाकर मोबाइल नंबर लिंक करा लें ताकि ओटीपी सत्यापन में कोई अड़चन न आए।
पश्चिमी यूपी की चंदनपुर चीनी मिल, असमौली चीनी मिल, अगवानपुर चीनी मिल और बेलवाड़ा चीनी मिल के किसान भाई समिति में जाने से पहले अपना विवरण जांच लें।
किसान अपनी आईडी का स्टेटस enquiry.caneup.in पोर्टल पर देख सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए गन्ना पर्ची कैलेंडर 2026-27 देखें और ई-गन्ना ऐप डाउनलोड करें।
अपनी समस्या या सवाल दर्ज करें
गन्ना पर्ची, सट्टा संशोधन, सर्वे, ई-गन्ना ऐप या भुगतान में कोई भी दिक्कत हो, नीचे अपनी जानकारी भरें। हमारी टीम समाधान में आपकी पूरी मदद करेगी।
यह आर्टिकल कैसा लगा?



