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गन्ना किसानों के लिए एग्रीस्टैक 'फार्मर रजिस्ट्री' अनिवार्य: 31 अक्टूबर तक बनाएं डिजिटल किसान आईडी — सट्टा पर्ची और डीबीटी के लिए सीएससी पर ऐसे कराएं ई-केवाईसी

Aamir Raza Sep 22, 2026 3 min read
गन्ना किसानों के लिए एग्रीस्टैक 'फार्मर रजिस्ट्री' अनिवार्य: 31 अक्टूबर तक बनाएं डिजिटल किसान आईडी — सट्टा पर्ची और डीबीटी के लिए सीएससी पर ऐसे कराएं ई-केवाईसी
अंतिम अपडेट: September 22, 2026 12:30 PM IST — यह आर्टिकल नियमित रूप से अपडेट किया जाता है।

लखनऊ / सहारनपुर / शामली (CaneUp विशेष ब्यूरो — 22 सितंबर 2026): डिजिटल इंडिया और एग्रीस्टैक मिशन (AgriStack) के तहत उत्तर प्रदेश के गन्ना किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक व्यवस्था लागू की गई है। कृषि विभाग और गन्ना विकास विभाग द्वारा जारी संयुक्त अधिसूचना के अनुसार प्रदेश के सभी सट्टा धारक गन्ना किसानों को 31 अक्टूबर 2026 तक ‘फार्मर रजिस्ट्री’ (Kisan Pehchaan Patra) में अनिवार्य पंजीकरण कराना होगा।

इस व्यवस्था के तहत प्रत्येक किसान को 11 अंकों की एक विशिष्ट ‘डिजिटल किसान आईडी’ आवंटित की जाएगी, जिसमें किसान के आधार, मोबाइल नंबर और राजस्व खतौनी (गाटा/खसरा संख्या) का डिजिटल सत्यापन शामिल होगा।


📱 फार्मर रजिस्ट्री से गन्ना किसानों को होने वाले 5 सीधे लाभ

  1. फर्जी सट्टे और बिचौलियों का अंत: जमीन के वास्तविक मालिक और काश्तकार का शत-प्रतिशत सत्यापन होने से फर्जी सट्टा माफियाओं की दुकानें बंद होंगी।
  2. सट्टा पर्ची जारी करने में पारदर्शिता: enquiry.caneup.in पर किसान कोड सीधे एग्रीस्टैक आईडी से मैप हो जाएगा, जिससे रकबे में कोई हेराफेरी नहीं हो सकेगी।
  3. डीबीटी (DBT) सब्सिडी तुरंत खाते में: गन्ना बीज, कृषि यंत्र, सोलर पंप और खाद की सब्सिडी बिना किसी सत्यापन के सीधे बैंक खाते में आएगी।
  4. केसीसी (KCC) लोन 10 मिनट में: किसान क्रेडिट कार्ड के लिए बैंकों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे; बैंक डिजिटल आईडी देखकर तुरंत स्वीकृति देंगे।
  5. फसल बीमा व आपदा मुआवजा: बेमौसम बारिश, कीट रोग या ओलावृष्टि होने पर सेटेलाइट गिरदावरी द्वारा सीधा मुआवजा मिलेगा।

🖥️ सीएससी (CSC) या मोबाइल से पंजीकरण करने की 4-चरणीय प्रक्रिया

  • वेबसाइट पर जाएं: आधिकारिक पोर्टल upfr.agristack.gov.in खोलें।
  • आधार ई-केवाईसी: अपना 12 अंकों का आधार नंबर दर्ज करें और पंजीकृत मोबाइल नंबर पर आए ओटीपी को सत्यापित करें।
  • खतौनी चयन: अपने जिले, तहसील, ब्लॉक और गांव का चयन कर अपने गाटा नंबर को टिक करें।
  • डिजिटल किसान आईडी प्राप्त करें: प्रक्रिया पूरी होते ही 11 अंकों का किसान पहचान पत्र स्क्रीन पर आ जाएगा, जिसका प्रिंट आउट लेकर अपनी गन्ना समिति में जमा करें।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

प्रश्न 1: क्या फार्मर रजिस्ट्री के लिए कोई सरकारी शुल्क देना होगा?

उत्तर: बिल्कुल नहीं! कृषि विभाग ने सभी जनसेवा केंद्रों (CSC) को निर्देश दिया है कि किसानों का पंजीकरण पूर्णतः निःशुल्क किया जाएगा।

प्रश्न 2: यदि मोबाइल नंबर आधार से लिंक न हो तो क्या करें?

उत्तर: आप अपने नजदीकी सीएससी (CSC) केंद्र पर जाकर बायोमेट्रिक (फिंगरप्रिंट या आईरिस) स्कैनिंग के माध्यम से ई-केवाईसी करा सकते हैं।

प्रश्न 3: क्या फार्मर आईडी न बनवाने पर गन्ना पर्ची रुक जाएगी?

उत्तर: चालू सत्र 2026-27 में पर्ची नहीं रुकेगी, लेकिन आगामी भुगतानों और सरकारी योजनाओं का लाभ पाने के लिए 31 अक्टूबर तक इसे बनवाना अनिवार्य है।

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Aamir Raza
लेखक एवं मुख्य संपादक

Aamir Raza

संस्थापक एवं प्रधान संपादक — CaneUp.xyz। उत्तर प्रदेश गन्ना उद्योग, पर्ची कैलेंडर, SAP/MSP मूल्य नीति, ई-गन्ना पोर्टल और किसान अधिकारों पर 10+ वर्षों का जमीनी अनुभव।

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