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अमरोहा की चंदनपुर मिल में पेराई शुरू: 93 लाख क्विंटल गन्ना पेरने का लक्ष्य, पहले दिन पहुंचे किसानों का हुआ सम्मान

Aamir Raza Aamir Raza • Nov 5, 2026 • 6 min read
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अमरोहा की चंदनपुर मिल में पेराई शुरू: 93 लाख क्विंटल गन्ना पेरने का लक्ष्य, पहले दिन पहुंचे किसानों का हुआ सम्मान
अंतिम अपडेट: November 5, 2026 8:36 AM IST — यह आर्टिकल नियमित रूप से अपडेट किया जाता है।

अमरोहा के गन्ना किसानों के लिए पेराई सत्र 2026-27 की सबसे ठोस खबर सामने आ गई है। जिले की त्रिवेणी शुगर मिल चंदनपुर में नए पेराई सत्र का शुभारंभ हो गया है। हसनपुर के विधायक महेंद्र सिंह खड़गवंशी और जिलाधिकारी डॉ. नितिन गौड़ ने संयुक्त रूप से फीता काटकर पेराई सत्र की शुरुआत की। इस सत्र में मिल ने 93 लाख क्विंटल गन्ना पेरने का लक्ष्य रखा है, जबकि चीनी परता का लक्ष्य 11.40 निर्धारित किया गया है।

चंदनपुर में कैसे हुआ शुभारंभ

चंदनपुर चीनी मिल में पेराई सत्र की शुरुआत वैदिक मंत्रोच्चार और हवन के साथ हुई। कार्यक्रम में मिल प्रबंधन, गन्ना विभाग के अधिकारी और बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे। मिल के उपाध्यक्ष आमोद कुमार शर्मा ने बताया कि इस वर्ष 93 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई का लक्ष्य रखा गया है और चीनी परता का लक्ष्य 11.40 तय किया गया है। उन्होंने किसानों से साफ और ताजा गन्ना आपूर्ति करने की अपील की और समय से गन्ना मूल्य भुगतान का आश्वासन दिया।

पहले दिन गन्ना लेकर पहुंचे किसानों का विशेष सम्मान किया गया। बुग्गी से गन्ना लाने वाले मटीपुरा के अजीत और ट्रैक्टर से गन्ना लाने वाले खनौरा के दयाराम को सम्मानित किया गया। वहीं, चंदनपुर के किसान सुभाष को जिला गन्ना अधिकारी ने माल्यार्पण कर सम्मानित किया।

93 लाख क्विंटल का लक्ष्य और 11.40 परता का क्या मतलब है

93 लाख क्विंटल का लक्ष्य चंदनपुर मिल के लिए पूरे सत्र का पेराई अनुमान है। आसान भाषा में कहें तो मिल इस सत्र में किसानों से करीब 93 लाख क्विंटल गन्ना खरीदकर पेरने की तैयारी में है। चीनी परता 11.40 का मतलब है कि हर 100 क्विंटल गन्ने से औसतन 11.40 क्विंटल चीनी मिलने का अनुमान लगाया गया है। परता जितना बेहतर होता है, मिल की उत्पादन क्षमता उतनी ही मजबूत मानी जाती है।

किसानों के लिए परता इसलिए अहम है, क्योंकि साफ और ताजा गन्ना परता को बेहतर बनाता है, जबकि पानी भरा होना या देर से कटाई उसे घटा सकती है।

अमरोहा की तीनों मिलें: 2.79 करोड़ क्विंटल का पूरा हिसाब

अमरोहा जिले में तीन चीनी मिलें पेराई सत्र 2026-27 के लिए तैयार हैं। तीनों मिलों का कुल पेराई लक्ष्य 2.79 करोड़ क्विंटल है। इसमें वेब शुगर मिल धनौरा को एक करोड़ 50 लाख क्विंटल, त्रिवेणी शुगर मिल चंदनपुर को 93 लाख क्विंटल और किसान सहकारी चीनी मिल हसनपुर को 36 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई का लक्ष्य मिला है।

तीनों मिलों के 1 नवंबर से चालू होने की संभावना पहले ही जताई जा चुकी थी। चंदनपुर के शुभारंभ के साथ जिले में पेराई सत्र ने रफ्तार पकड़ ली है।

मुरादाबाद मंडल से अतिरिक्त गन्ना: चंदनपुर को 9.30 लाख क्विंटल

चंदनपुर मिल के लिए एक और अहम व्यवस्था पहले ही की जा चुकी है। मुरादाबाद मंडल की सात चीनी मिलों को मेरठ और बरेली मंडल की चीनी मिलों के क्षेत्र से कुल 110.52 लाख क्विंटल अतिरिक्त गन्ना आवंटित किया गया है। इसमें अमरोहा की चंदनपुर चीनी मिल को 9.30 लाख क्विंटल गन्ना और पांच क्रय केंद्र आवंटित किए गए हैं। यह आवंटन गन्ना सुरक्षण आदेश के तहत किया गया है।

उप गन्ना आयुक्त हरपाल सिंह के अनुसार, मंडल की मिलों के संचालन के लिए क्षमता के अनुरूप गन्ना उपलब्ध कराना जरूरी था। इस व्यवस्था से मंडल की मिलों में गन्ने की कमी नहीं रहने की उम्मीद जताई गई है।

प्रदेश का हाल: 9 मिलों में पेराई चालू, 33 ने इंडेंट जारी किए

उत्तर प्रदेश में पेराई सत्र 2026-27 की शुरुआत हो चुकी है। गन्ना विकास विभाग के अनुसार, प्रदेश की 9 चीनी मिलों में व्यावसायिक रूप से पेराई कार्य शुरू हो चुका है। इनमें सहकारी क्षेत्र की एक और निजी क्षेत्र की आठ चीनी मिलें शामिल हैं। सहारनपुर परिक्षेत्र की तीन, मेरठ परिक्षेत्र की एक, मुरादाबाद परिक्षेत्र की दो और लखनऊ परिक्षेत्र की तीन चीनी मिलों ने पेराई शुरू कर दी है।

इसके अलावा, 33 चीनी मिलों ने गन्ना खरीद के लिए इंडेंट जारी कर दिया है, जिनमें से 24 मिलों का पेराई कार्य दिवाली से पहले शुरू होना प्रस्तावित था। प्रदेश में चालू सत्र में 28.14 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में गन्ने की खेती की गई है।

एसएपी का सवाल: 2026-27 की घोषणा अभी बाकी है

पेराई शुरू होने के बावजूद किसानों का सबसे बड़ा सवाल अभी अनुत्तरित है। पेराई सत्र 2026-27 के लिए राज्य परामर्श मूल्य, यानी एसएपी, की घोषणा अभी बाकी है। पिछले पेराई सत्र 2025-26 में अगेती किस्म के गन्ने का एसएपी 400 रुपये प्रति क्विंटल और सामान्य किस्म का मूल्य 390 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया था। यह साफ करना जरूरी है कि 400 रुपये का आंकड़ा पिछले सत्र 2025-26 का है, इसे नए सत्र 2026-27 का घोषित भाव नहीं समझा जाना चाहिए।

खबरों के अनुसार, सरकार एसएपी में 10 से 20 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी पर विचार कर रही है, जबकि किसान संगठनों ने 100 रुपये तक की बढ़ोतरी की मांग की है। भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष नरेश टिकैत ने गन्ने का भाव 500 रुपये प्रति क्विंटल करने की मांग रखी है। उनका कहना है कि गन्ना उत्पादन की लागत 400 रुपये प्रति क्विंटल से अधिक हो चुकी है।

किसान के लिए काम की बातें: पर्ची, तौल और भुगतान का रिकॉर्ड रखें

चंदनपुर मिल के चालू होने के बाद अमरोहा के किसानों को कुछ बातों पर विशेष ध्यान देना चाहिए। पहली बात, पर्ची की तारीख का पालन करें। मिल इंडेंट के आधार पर ही सहकारी गन्ना विकास समिति के माध्यम से तोल पर्ची जारी करती है, और पर्ची पर लिखी तारीख पर ही गन्ना तौल केंद्र पर ले जाना होता है। दूसरी बात, गन्ना साफ, ताजा और बिना सूखा हुआ होना चाहिए। तीसरी बात, तौल पर्ची, भुगतान की रसीद और बैंक खाते में आई राशि का रिकॉर्ड संभालकर रखें।

भुगतान में देरी होने पर किसान गन्ना विभाग के अधिकारियों और गन्ना समिति कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं। सरकार की ओर से किसानों के लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1800-121-3203 और 1800-180-5129 उपलब्ध हैं, जबकि सरकारी एसएमएस सेवा के लिए शॉर्टकोड 51969 का इस्तेमाल किया जाता है।

आपके सवाल

चंदनपुर चीनी मिल में इस सत्र में कितना गन्ना पेरने का लक्ष्य है? चंदनपुर मिल में पेराई सत्र 2026-27 के लिए 93 लाख क्विंटल गन्ना पेरने का लक्ष्य रखा गया है, जबकि चीनी परता का लक्ष्य 11.40 निर्धारित किया गया है।

अमरोहा जिले की तीनों मिलों का कुल पेराई लक्ष्य कितना है? जिले की तीनों मिलों का कुल लक्ष्य 2.79 करोड़ क्विंटल है। इसमें धनौरा मिल को एक करोड़ 50 लाख क्विंटल, चंदनपुर मिल को 93 लाख क्विंटल और हसनपुर मिल को 36 लाख क्विंटल का लक्ष्य मिला है।

चंदनपुर मिल को अतिरिक्त गन्ना कहां से आवंटित हुआ है? मुरादाबाद मंडल की मिलों के लिए मेरठ और बरेली मंडल के क्षेत्र से कुल 110.52 लाख क्विंटल गन्ना आवंटित किया गया है। इसमें चंदनपुर मिल को 9.30 लाख क्विंटल गन्ना और पांच क्रय केंद्र मिले हैं।

2026-27 सत्र के लिए गन्ने का नया एसएपी घोषित हुआ है? नहीं, 2026-27 पेराई सत्र के लिए एसएपी की घोषणा अभी बाकी है। पिछले सत्र 2025-26 में अगेती किस्म का एसएपी 400 रुपये और सामान्य किस्म का 390 रुपये प्रति क्विंटल था।

स्रोत: वॉयस ऑफ क्रांति (4 नवंबर 2026), दैनिक जागरण (26 अक्टूबर 2026), अमर उजाला (23 अक्टूबर 2026), गन्ना विकास विभाग, उत्तर प्रदेश।

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Aamir Raza
लेखक एवं मुख्य संपादक

Aamir Raza

संस्थापक एवं प्रधान संपादक — CaneUp.xyz। उत्तर प्रदेश गन्ना उद्योग, पर्ची कैलेंडर, SAP/MSP मूल्य नीति, ई-गन्ना पोर्टल और किसान अधिकारों पर 10+ वर्षों का जमीनी अनुभव।

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