अमरोहा किसान महापंचायत में गूंजा ₹600/क्विंटल गन्ना भाव का नारा — भाकियू का अल्टीमेटम: 20 अक्टूबर तक दर घोषित न हुई तो 25 को जलेगी गन्ने की होली

अमरोहा / मुरादाबाद (CaneUp विशेष ब्यूरो — 13 सितंबर 2026): पश्चिमी उत्तर प्रदेश में आगामी पेराई सत्र 2026-27 से ठीक पहले गन्ने के लाभकारी मूल्य को लेकर किसानों का आक्रोश चरम पर पहुंच गया है। अमरोहा जिले में नेशनल हाईवे स्थित अतरासी ओवरब्रिज के नीचे भारतीय किसान यूनियन (चौधरी करतार सिंह गुट) के तत्वावधान में आयोजित विशाल किसान महापंचायत में हजारों किसानों ने एकजुट होकर सरकार के सामने दो टूक मांग रखी — “लागत दोगुनी हो चुकी है, अब ₹370 का भाव मंजूर नहीं; सरकार पेराई शुरू होने से पहले गन्ने का भाव कम से कम ₹600 प्रति क्विंटल घोषित करे।”
महापंचायत को संबोधित करते हुए भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी महावीर सिंह ने सरकार और प्रशासन को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि “यदि 20 अक्टूबर 2026 तक सरकार ने ₹600 प्रति क्विंटल की आधिकारिक घोषणा नहीं की, तो 25 अक्टूबर को पूरे प्रदेश में किसान अपने-अपने खेतों के गन्ने की होली जलाकर सड़कों पर उतरेंगे और किसी भी चीनी मिल को एक डंडी गन्ना नहीं जाने देंगे।”
📍 महापंचायत में पहुंचे प्रशासनिक अफसर, सौंपा 11 सूत्रीय मांग पत्र
अतरासी पुल के नीचे सुबह से ही अमरोहा, मुरादाबाद, संभल, रामपुर और बिजनौर जनपदों से ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में सवार होकर किसान पहुंचने लगे थे। किसानों के भारी जमावड़े और हाईवे जाम की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन के आला अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे:
- उपस्थित अधिकारी: जिला गन्ना अधिकारी (DCO), मुरादाबाद विकास प्राधिकरण (MDA) के उपाध्यक्ष, विद्युत वितरण निगम के उप-खंडीय अधिकारी (SDO), स्थानीय तहसीलदार और जिला सहकारी बैंक के महाप्रबंधक (GM)।
- अधिकारियों ने मंच पर पहुंचकर किसानों के प्रतिनिधियों से वार्ता की और उनकी मांगों को शासन तक पहुंचाने का लिखित आश्वासन दिया।
- भाकियू नेताओं ने अधिकारियों को 11 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा, जिसमें गन्ना भाव के अलावा एक्सप्रेसवे मुआवजा और बिजली बिल के मुद्दे प्रमुख रहे।
📋 महापंचायत में पारित प्रमुख 5 प्रस्ताव एवं अल्टीमेटम
| क्र. सं. | प्रमुख मांग / प्रस्ताव | भाकियू द्वारा तय की गई समय-सीमा (Deadline) |
|---|---|---|
| 1. | गन्ना भाव ₹600 प्रति क्विंटल | आगामी पेराई सत्र 2026-27 के लिए मिलें चलने से पहले यानी 20 अक्टूबर 2026 तक आधिकारिक शासनादेश जारी हो। |
| 2. | 25 अक्टूबर को गन्ने की होली | यदि 20 अक्टूबर तक ₹600 का भाव नहीं आया तो 25 अक्टूबर को विरोध स्वरूप हर तहसील पर गन्ने की होली जलाई जाएगी। |
| 3. | गंगा एक्सप्रेसवे भूमि मुआवजा | जिन किसानों की जमीन गंगा एक्सप्रेसवे और महा कॉरिडोर के लिए अधिग्रहित की जा रही है, उन्हें वर्तमान बाजार दर का 4 गुना मुआवजा मिले। |
| 4. | कृषि नलकूपों पर स्मार्ट मीटर रोक | किसानों के ट्यूबवेल पर स्मार्ट डिजिटल मीटर लगाने की प्रक्रिया तुरंत रोकी जाए और सिंचाई के लिए मुफ्त बिजली का शासनादेश सख्ती से लागू हो। |
| 5. | दूध खरीद मूल्य में ₹15-20 की बढ़ोतरी | दुग्ध उत्पादक किसानों के हितों की रक्षा करते हुए कॉपरेटिव सोसायटियों द्वारा दूध का खरीद भाव तुरंत बढ़ाया जाए। |
🌾 किसानों का गणित: ₹600 प्रति क्विंटल की मांग क्यों जायज है?
महापंचायत में वक्ताओं ने मंच से गन्ने की फसल की लागत का पूरा ब्योरा प्रस्तुत किया। जिलाध्यक्ष चौधरी जय सुख लाल सिंह ने कहा कि पिछले तीन वर्षों में खेती की लागत में बेतहाशा बढ़ोतरी हुई है:
- डीजल और जुताई का खर्च: डीजल की कीमतें ₹90 पार होने से खेत की गहरी जुताई, ट्रेंच विधि से बुवाई और ढुलाई का खर्च प्रति एकड़ 35% बढ़ गया है।
- खाद और कीटनाशकों का बोझ: डीएपी (DAP), पोटाश और यूरिया के साथ-साथ रेड रॉट और टॉप बोरर से फसल को बचाने के लिए किसानों को प्रति एकड़ ₹8,000 से ₹12,000 तक के महंगे फंगीसाइड और कीटनाशक (जैसे कोराजन, फर्टेरा) छिड़कने पड़ रहे हैं।
- मजदूरी में भारी उछाल: गन्ने की छिलाई, बंधाई और ट्राली में लदाई की मजदूरी अब ₹50 से ₹60 प्रति क्विंटल पहुंच चुकी है।
- पड़ोसी राज्यों से पिछड़ा यूपी: पंजाब में गन्ना भाव पहले ही ₹391 प्रति क्विंटल और हरियाणा में ₹386 प्रति क्विंटल है। जबकि देश का 50% गन्ना पैदा करने वाले उत्तर प्रदेश में पिछले साल सामान्य प्रजाति का भाव मात्र ₹360 और अगेती का ₹370 प्रति क्विंटल था।
🚜 20 सितंबर को पश्चिमी यूपी में अगली बड़ी रणनीति
अमरोहा महापंचायत के साथ ही पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अन्य किसान संगठनों में भी हलचल तेज हो गई है। भारतीय किसान यूनियन (टिकैत गुट) ने भी 20 सितंबर 2026 को मुजफ्फरनगर और सिसौली में ऐतिहासिक रात्रि किसान महापंचायत बुलाई है।
राकेश टिकैत ने पहले ही स्पष्ट किया है कि चीनी मिलों के बॉयलर पूजन से पहले यदि गन्ना मूल्य तय नहीं हुआ, तो पेराई सत्र की शुरुआत में भारी टकराव देखने को मिल सकता है। किसानों की मांग है कि सरकार स्वामीनाथन आयोग के C2+50% फॉर्मूले के आधार पर गन्ने की लाभकारी कीमत तय करे।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्र. 1: क्या यूपी सरकार गन्ना मूल्य बढ़ाने पर विचार कर रही है?
उत्तर: हां, गन्ना मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी पहले ही संकेत दे चुके हैं कि कैबिनेट की आगामी बैठक में गन्ना मूल्य वृद्धि से जुड़ा प्रस्ताव लाया जाएगा। विभागीय स्तर पर ₹25 से ₹35 प्रति क्विंटल तक की बढ़ोतरी की चर्चा है, लेकिन किसान ₹500 से ₹600 की मांग पर अड़े हैं।
प्र. 2: अमरोha महापंचायत की चेतावनी का नए पेराई सत्र पर क्या असर पड़ेगा?
उत्तर: यदि समय रहते वार्ता नहीं हुई, तो पश्चिमी यूपी की चीनी मिलों (अमरोहा, धनौरा, चंदनपुर, हसनपुर) में 20 से 25 अक्टूबर के बीच पेराई शुरू होने में देरी हो सकती है या तौल केंद्रों पर किसानों का धरना शुरू हो सकता है।
प्र. 3: गन्ना पर्ची और सट्टा संशोधन की अंतिम तारीख क्या है?
उत्तर: सभी किसान भाई ध्यान दें कि सट्टा प्रदर्शन मेले में अपनी आपत्तियां दर्ज कराने की अंतिम तिथि 15 सितंबर 2026 है।
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