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25 अक्टूबर से अमरोहा की 3 चीनी मिलें चालू: 1.68 लाख किसानों का गन्ना अब पर्ची पर जाएगा, बुढ़ाना मिल भी आज से चलेगी

Aamir Raza Aamir Raza • Oct 25, 2026 • 6 min read
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25 अक्टूबर से अमरोहा की 3 चीनी मिलें चालू: 1.68 लाख किसानों का गन्ना अब पर्ची पर जाएगा, बुढ़ाना मिल भी आज से चलेगी
अंतिम अपडेट: October 25, 2026 3:18 PM IST — यह आर्टिकल नियमित रूप से अपडेट किया जाता है।

पश्चिमी उत्तर प्रदेश के गन्ना किसानों के लिए आज का दिन लंबे इंतजार के खत्म होने का दिन है। अमरोहा जिले में चीनी मिलों के संचालन का विंडो 25 अक्टूबर से खुल रहा है और जिले की मिलें 1 नवंबर तक चरणबद्ध तरीके से चल पड़ेंगी। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार जिला गन्ना अधिकारी मनोज कुमार ने यह समयसीमा बताई है। बारिश के कारण संचालन करीब एक सप्ताह आगे बढ़ा था, लेकिन अब मिल प्रबंधन ने मरम्मत और तैयारियों का काम पूरा करने की ओर कदम बढ़ा दिए हैं।

इसका सीधा मतलब यह है कि अब तक कोल्हू पर गन्ना डाल रहे किसानों के पास मिल का विकल्प खुलने जा रहा है, और गेहूं की बुवाई के लिए खेत खाली करने की राह भी खुलेगी।

इसी के साथ मुजफ्फरनगर में भी पेराई का पहिया घूम चुका है। रॉयल बुलेटिन के अनुसार मंसूरपुर की धामपुर बायो ऑर्गेनिक मिल का विंडो 24 से 26 अक्टूबर था और बुढ़ाना की बजाज हिंदुस्तान मिल का विंडो 25 से 26 अक्टूबर है, यानी आज बुढ़ाना के किसानों के लिए भी पेराई का दरवाजा खुल रहा है।

अमरोहा में आज से क्या बदलेगा

अमरोहा में हसनपुर, धनौरा और चंदनपुर की मिलों को चलाने की तैयारी चल रही है। मिल प्रबंधन ने मरम्मत का काम कराया है, ताकि संचालन शुरू होने पर तौल या आपूर्ति में अड़चन न आए। जिला गन्ना अधिकारी पहले ही मिल प्रशासन को मिलें चालू कराने के निर्देश दे चुके हैं।

जिले में करीब 1.68 लाख किसान गन्ने की खेती से जुड़े हैं, जो बाहर की मिलों को भी गन्ना भेजते हैं। इस साल जिले में करीब 1.2 लाख हेक्टेयर में गन्ने की फसल है, जबकि पिछले साल यह रकबा करीब 98 हजार हेक्टेयर था। आवक ज्यादा रहने से पर्ची और इंडेंट की व्यवस्था पर नजर रखना और भी जरूरी हो जाएगा।

मुजफ्फरनगर: बुढ़ाना आज, बाकी मिलों की तारीखें भी तय

मुजफ्फरनगर के किसानों के लिए पूरा शेड्यूल पहले ही घोषित हो चुका है और अब वह शेड्यूल जमीन पर उतर रहा है। मंसूरपुर के बाद बुढ़ाना की बारी आज से है। इसके बाद खैखेड़ी की उत्तम शुगर मिल्स 27 से 28 अक्टूबर, टिकौला शुगर मिल्स 28 से 29 अक्टूबर, रोहाना कलां की इंडियन पोटाश लिमिटेड मिल 29 से 30 अक्टूबर, मोरना की गंगा किसान सहकारी चीनी मिल और तितावी की इंडियन पोटाश लिमिटेड मिल 30 से 31 अक्टूबर को पेराई शुरू करेंगी। सबसे आखिर में खतौली की त्रिवेणी इंजीनियरिंग मिल 1 से 2 नवंबर के बीच चलेगी।

हर मिल क्षेत्र के किसान अपनी कटाई का कार्यक्रम इसी क्रम के हिसाब से बनाएं। पर्ची और कैलेंडर के अनुसार ही कटाई करना सबसे सुरक्षित तरीका है। मोरना के लिए ध्यान रहे कि भाकियू ने 25 अक्टूबर से पेराई की मांग की थी, लेकिन आधिकारिक शेड्यूल में उसकी तारीख 30 से 31 अक्टूबर है, इसलिए मोरना क्षेत्र के किसान समिति से ताजा स्थिति जरूर पूछ लें।

एसएमएस पर्ची: मोबाइल में ये बातें अभी जांच लें

इस सत्र में गन्ना पर्ची एसएमएस से मोबाइल पर मिलेगी। अमर उजाला के अनुसार किसानों को मोबाइल अपडेट रखना है, विभाग के रिकॉर्ड में दर्ज नंबर सही रखना है और इनबॉक्स खाली रखना है, ताकि पर्ची का संदेश रुकने न पाए।

किसान अभी तीन काम कर लें: समिति में दर्ज मोबाइल नंबर जांच लें, इनबॉक्स में जगह बनाएं, और पर्ची का संदेश आते ही उसकी तारीख व केंद्र का नोट संभालकर रखें। पर्ची न आए तो समिति और क्रय केंद्र पर पूछताछ करें। सर्वेक्षण रिकॉर्ड में रकबा, किस्म और बेसिक कोटा का ब्योरा भी जांच लें, वरना पर्ची और भुगतान में अड़चन आती है।

गन्ना दाम पर अभी क्या स्थिति है

पेराई शुरू होने के साथ सबसे बड़ा सवाल गन्ने के दाम का है। 2026-27 सत्र के लिए उत्तर प्रदेश के एसएपी की घोषणा अभी बाकी है। पिछले सत्र 2025-26 के लिए एसएपी 400 रुपये प्रति क्विंटल (अगेती) था, जिसमें 30 रुपये की बढ़ोतरी हुई थी। यह दर पिछले सत्र की है, इसे इस सत्र की दर न समझें।

केंद्र का एफआरपी 365 रुपये प्रति क्विंटल (10.25 प्रतिशत बेसिक रिकवरी पर) बताया गया है, एसएपी इससे अलग राज्य का मूल्य होता है। चिनीमंडी के अनुसार रालोद नेता राजपाल सिंह बालियान के नेतृत्व में विधायकों और सांसदों ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर 2026-27 सत्र से पहले मूल्य बढ़ाने की मांग की है, क्योंकि खेती की लागत बढ़ी है।

लखनऊ में 23 अक्टूबर की किसान मजदूर पंचायत में भाकियू नेता राकेश टिकैत ने भी गन्ने का दाम 600 रुपये प्रति क्विंटल से अधिक करने और बकाया चुकाने की मांग रखी। अमरोहा में भाकियू शंकर के अध्यक्ष दिवाकर चौधरी ने भी 600 रुपये का मूल्य घोषित करने और 14 दिन में भुगतान की मांग की है। ये सभी मांगें हैं, घोषणाएं नहीं, इसलिए दाम की खबर को तभी पक्का मानें जब वह आधिकारिक आदेश में आए।

चीनी स्टॉक, बाजार और शिकायत का रास्ता

बाजार में चीनी की कमी की अफवाहों के बीच विभागीय आंकड़े दूसरी तस्वीर दिखाते हैं। कृषि भूमि और गांव जंक्शन के अनुसार प्रदेश के गोदामों में कुल 70.64 लाख क्विंटल चीनी का स्टॉक है, जिसमें 13.40 लाख क्विंटल सहकारी मिलों, 2.93 लाख क्विंटल निगम की मिलों और 54.3 लाख क्विंटल से ज्यादा निजी मिलों के पास है। गन्ना आयुक्त ने सभी जिलाधिकारियों को स्टॉक व कीमतों की नियमित समीक्षा का पत्र लिखा है, और नवंबर में नए सत्र की चीनी भी बाजार में आ जाएगी।

धनौरा क्षेत्र की रिपोर्टों के अनुसार हाल में कोल्हुओं पर गन्ने का भाव 450 से 500 रुपये प्रति क्विंटल के आसपास रहा है, जबकि चीनी फुटकर में करीब 60 रुपये प्रति किलो बिकी है। कोल्हू पर नकद भुगतान का लालच होता है, लेकिन मिल की पर्ची व्यवस्था से भुगतान का रिकॉर्ड और अगली पर्ची की निरंतरता बनती है।

अगर पर्ची, तौल या भुगतान में दिक्कत आए तो गन्ना विभाग की टोल-फ्री हेल्पलाइन 1800-121-3203 और 1800-180-5129 पर संपर्क करें, सरकारी एसएमएस शॉर्टकोड 51969 भी उपलब्ध है। शिकायत में नाम, गांव, मिल, क्रय केंद्र और पर्ची की तारीख का ब्योरा रखें, और तौल की पर्ची संभालकर रखें। उत्तर प्रदेश में कुल 122 चीनी मिलें हैं, और इतने बड़े तंत्र में किसान की सतर्कता ही व्यवस्था को सही रखती है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

सवाल: अमरोहा की चीनी मिलें कब से चलेंगी? जवाब: जिला गन्ना अधिकारी के अनुसार 25 अक्टूबर से 1 नवंबर के बीच जिले की मिलें चलेंगी। बारिश से संचालन करीब एक सप्ताह आगे बढ़ा था।

सवाल: मुजफ्फरनगर की बुढ़ाना मिल कब चलेगी? जवाब: घोषित शेड्यूल के अनुसार बुढ़ाना की बजाज हिंदुस्तान मिल का विंडो 25 से 26 अक्टूबर है, जबकि मंसूरपुर की मिल 24 से 26 अक्टूबर के बीच चलेगी।

सवाल: गन्ना पर्ची मोबाइल पर कैसे मिलेगी? जवाब: पर्ची एसएमएस के जरिये मिलेगी। इसके लिए गन्ना विभाग के रिकॉर्ड में दर्ज मोबाइल नंबर सही होना चाहिए और इनबॉक्स में जगह होनी चाहिए। पर्ची न आने पर समिति या क्रय केंद्र से संपर्क करें।

सवाल: 2026-27 सत्र के लिए यूपी का गन्ना एसएपी घोषित हुआ है? जवाब: नहीं, घोषणा अभी बाकी है। 400 रुपये (अगेती) की दर 2025-26 सत्र की है।

सवाल: पर्ची या भुगतान में दिक्कत हो तो कहां शिकायत करें? जवाब: टोल-फ्री हेल्पलाइन 1800-121-3203 या 1800-180-5129 पर संपर्क करें। इसके अलावा अपनी गन्ना समिति और जिला गन्ना अधिकारी कार्यालय में लिखित शिकायत दर्ज कराएं।

स्रोत: अमर उजाला, रॉयल बुलेटिन, कृषि भूमि, गांव जंक्शन, चिनीमंडी, आईबीसी24, डेक्कन हेराल्ड

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Aamir Raza
लेखक एवं मुख्य संपादक

Aamir Raza

संस्थापक एवं प्रधान संपादक — CaneUp.xyz। उत्तर प्रदेश गन्ना उद्योग, पर्ची कैलेंडर, SAP/MSP मूल्य नीति, ई-गन्ना पोर्टल और किसान अधिकारों पर 10+ वर्षों का जमीनी अनुभव।

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