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शरदकालीन गन्ना बुवाई के लिए DAP व NPK की किल्लत खत्म: यूपी में 2 लाख बोरी खाद की स्पेशल रैक रवाना — समितियों पर ₹1,350 में मिलेगी बोरी

Aamir Raza Sep 23, 2026 3 min read
शरदकालीन गन्ना बुवाई के लिए DAP व NPK की किल्लत खत्म: यूपी में 2 लाख बोरी खाद की स्पेशल रैक रवाना — समितियों पर ₹1,350 में मिलेगी बोरी
अंतिम अपडेट: September 23, 2026 9:45 AM IST — यह आर्टिकल नियमित रूप से अपडेट किया जाता है।

लखनऊ / मुरादाबाद / बरेली (CaneUp विशेष ब्यूरो — 23 सितंबर 2026): उत्तर प्रदेश में शरदकालीन गन्ना बुवाई और रबी फसलों की तैयारी में जुटे किसानों के लिए केंद्र और राज्य सरकार ने बड़ी राहत दी है। पिछले एक सप्ताह से कई जिलों में डीएपी की किल्लत और प्राइवेट दुकानों पर ओवर-रेटिंग की शिकायतों के बीच रेलवे और उर्वरक मंत्रालय ने 2 लाख बोरी (लगभग 10,000 मीट्रिक टन) डीएपी और एनपीके की विशेष मालगाड़ी रैक उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों के लिए रवाना कर दी हैं।

कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने लखनऊ में समीक्षा बैठक के बाद बताया कि पश्चिमी यूपी के मेरठ, मुजफ्फरनगर, मुरादाबाद, बरेली, सहारनपुर तथा तराई बेल्ट के लखीमपुर और पीलीभीत के बफर गोदामों में खाद की खेप 24 घंटे के अंदर पहुंच जाएगी।


💰 आधिकारिक सरकारी रेट सूची (No Over-rating)

उर्वरक का प्रकार (Fertilizer)बैग का वजनआधिकारिक खुदरा मूल्यमुख्य पोषक तत्व
इफको डीएपी (IFFCO DAP)50 किग्रा बोरी₹1,350 / बोरी18% नाइट्रोजन, 46% फास्फोरस
एनपीके (NPK 12:32:16)50 किग्रा बोरी₹1,470 / बोरीनाइट्रोजन, फास्फोरस, पोटाश संतुलित
म्यूरेट ऑफ पोटाश (MOP)50 किग्रा बोरी₹1,650 / बोरी60% पोटाश (गन्ना मिठास व वजन)
यूरिया (Neem Coated Urea)45 किग्रा बोरी₹266.50 / बोरी46% नाइट्रोजन

🚨 जबरन टैगिंग और कालाबाजारी पर सीधी जेल

कृषि विभाग ने सभी खाद विक्रेताओं और सहकारी समितियों के सचिवों को सख्त चेतावनी दी है:

  • जबरन दवा थोपने पर पाबंदी: यदि कोई भी सहकारी समिति या प्राइवेट डीलर डीएपी की बोरी के साथ जबरन सल्फर, जिंक, जाइम या कीटनाशक टैग करता है, तो आवश्यक वस्तु अधिनियम (ECA) की धारा 3/7 के तहत तुरंत लाइसेंस रद्द कर एफआईआर होगी।
  • खतौनी और आधार देखकर वितरण: प्रत्येक किसान को उसकी जोत बही (खतौनी) के आधार पर प्रति एकड़ अधिकतम 2 बोरी डीएपी पीओएस (POS) मशीन से अंगूठा लगवाकर दी जाएगी।
  • शिकायत सेल सक्रिय: किसान खाद की कालाबाजारी की शिकायत टोल-फ्री नंबर 1800-180-1551 पर दर्ज करा सकते हैं।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

प्रश्न 1: शरदकालीन गन्ने में प्रति एकड़ कितनी डीएपी डालनी चाहिए?

उत्तर: वैज्ञानिकों के अनुसार बुवाई के समय ट्रेंच या कूंड़ में प्रति एकड़ 1.5 बोरी (75 किग्रा) डीएपी, 1 बोरी (50 किग्रा) पोटाश और 10 किग्रा जिंक सल्फेट डालना सर्वोत्तम होता है।

प्रश्न 2: समिति में खाद न मिलने पर क्या करें?

उत्तर: किसान अपने ब्लॉक के सहायक विकास अधिकारी (कृषि) या जिला कृषि अधिकारी के कार्यालय में जाकर बफर स्टॉक से खाद आवंटन का टोकन ले सकते हैं।

प्रश्न 3: क्या नैनो डीएपी का उपयोग बुवाई में कर सकते हैं?

उत्तर: नैनो डीएपी (तरल) का उपयोग मुख्य रूप से बुवाई के समय 2-आंख वाले गन्ना टुकड़ों को 5 मिली प्रति लीटर पानी के घोल में उपचारित करने के लिए किया जाता है, जिससे जड़ें बहुत तेजी से निकलती हैं।

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Aamir Raza
लेखक एवं मुख्य संपादक

Aamir Raza

संस्थापक एवं प्रधान संपादक — CaneUp.xyz। उत्तर प्रदेश गन्ना उद्योग, पर्ची कैलेंडर, SAP/MSP मूल्य नीति, ई-गन्ना पोर्टल और किसान अधिकारों पर 10+ वर्षों का जमीनी अनुभव।

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