शरदकालीन गन्ना बुवाई के लिए बीज बुकिंग शुरू — Co-15023 व CoS-17231 के प्रमाणित बीज पर सब्सिडी

लखनऊ / शाहजहांपुर: उत्तर प्रदेश गन्ना विकास विभाग और यूपी गन्ना शोध परिषद (UPCSR) ने 15 सितंबर 2026 से आरंभ होने जा रहे शरदकालीन गन्ना बुवाई सीजन के लिए किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले प्रमाणित एवं रोगमुक्त बीज उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आज से ‘फाउंडेशन एवं प्रमाणित बीज ऑनलाइन अग्रिम बुकिंग’ शुरू कर दी है। इस वर्ष राज्य सरकार ने लाल सड़न (Red Rot) रोग से बुरी तरह प्रभावित पुरानी प्रजाति Co-0238 को पूरी तरह बदलने के लिए नई रोगरोधी अगेती किस्मों के बीज पर विशेष राजकीय अनुदान की घोषणा की है।
गन्ना शोध परिषद के निदेशक ने बताया कि शाहजहांपुर, मुजफ्फरनगर, सेवरही (कुशीनगर) और गोला गोकर्णनाथ स्थित शोध फार्मों तथा पंजीकृत प्रगतिशील किसानों की नर्सरियों में कुल 8.5 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज तैयार किया गया है। किसान भाई CaneUp पोर्टल (caneup.in) या अपनी क्षेत्रीय सहकारी गन्ना विकास समिति के बीज काउंटर पर जाकर अग्रिम टोकन बुक कर सकते हैं।
अनुमोदित टॉप-5 प्रजातियों के बीज और उनकी विशेषताएं
इस वर्ष शरदकालीन बुवाई के लिए वैज्ञानिकों द्वारा मुख्य रूप से 5 अगेती प्रजातियों के फाउंडेशन सीड आवंटित किए जा रहे हैं:
| प्रजाति का नाम | परिपक्वता अवधि | औसत पैदावार (कुंतल/एकड़) | चीनी रिकवरी | मुख्य विशेषता |
|---|---|---|---|---|
| Co-15023 (करण-15) | 9 से 10 माह | 450 - 520 | 13.40% | लाल सड़न प्रतिरोधी, अगेती पेराई हेतु सर्वोत्तम |
| CoS-17231 | 10 से 11 माह | 480 - 540 | 12.80% | अधिक कल्ले, गिरने के प्रति मजबूत, जलभराव सहिष्णु |
| CoLk-14201 | 10 से 12 माह | 420 - 500 | 12.60% | सूखा व अधिक पानी दोनों में सक्षम, मजबूत तना |
| Co-0118 | 11 से 12 माह | 450 - 510 | 13.10% | बेहतरीन गुड़-शक्कर गुणवत्ता, पेड़ी की शानदार क्षमता |
| CoLk-16202 | 10 से 11 माह | 460 - 520 | 12.90% | मध्य व पूर्वी यूपी के लिए आदर्श, रोगमुक्त |
प्रति क्विंटल ₹50 की सीधी सरकारी सब्सिडी
गन्ना विकास विभाग ने घोषणा की है कि जो किसान समिति के माध्यम से प्रमाणित बीज खरीदेंगे, उन्हें सामान्य मूल्य पर ₹50 प्रति क्विंटल की सब्सिडी सीधे डीबीटी के जरिए दी जाएगी। इसके अतिरिक्त महिला स्वयं सहायता समूहों (SHG) द्वारा सिंगल बड नर्सरी (ट्रे में तैयार पौधे) से तैयार किए गए पौध की खरीद पर प्रति पौधा ₹1.50 का अनुदान मिलेगा।
अधिकारियों ने किसानों को चेतावनी दी है कि वे अनाधिकृत बिचौलियों या बिना बिल वाले गैर-सरकारी व्यापारियों से बीज खरीदने से बचें। बीज हमेशा सरकारी पर्ची, किस्म प्रमाण पत्र और गर्म पानी शोधन (HWT) के प्रमाण पत्र के साथ ही लें ताकि बुवाई के बाद लाल सड़न का कोई जोखिम न रहे।
सह-फसली खेती से डबल मुनाफे का मौका
शरदकालीन बुवाई में किसान भाई गन्ने की दो कतारों के बीच 4.5 फीट की दूरी रखकर आलू, सरसों या मटर की अंतःफसली खेती कर सकते हैं। इससे गन्ने की लागत शून्य हो जाती है और किसान को 90 दिनों में अतिरिक्त नकदी आमदनी प्राप्त होती है।
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