शरदकालीन गन्ना बुवाई महाभियान शुरू: 5 लाख हेक्टेयर का लक्ष्य — सरसों, आलू व लहसुन सहफसली खेती पर प्रति एकड़ ₹4,000 प्रोत्साहन

शाहजहांपुर / मुजफ्फरनगर / मेरठ (CaneUp विशेष ब्यूरो — 24 सितंबर 2026): उत्तर प्रदेश गन्ना शोध परिषद (UPCSR), शाहजहांपुर और राज्य गन्ना विकास विभाग ने आज से समूचे प्रदेश में शरदकालीन गन्ना बुवाई महाभियान 2026 का औपचारिक शंखनाद कर दिया है। इस वर्ष राज्य सरकार ने 5 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में शरदकालीन गन्ने की बुवाई का ऐतिहासिक लक्ष्य निर्धारित किया है।
वैज्ञानिक अनुसंधानों के अनुसार, वसंतकालीन (फरवरी-मार्च) बुवाई की तुलना में सितंबर-अक्टूबर में बोया गया शरदकालीन गन्ना 20 से 25 प्रतिशत अधिक उत्पादन देता है। इसके अतिरिक्त, गन्ने की दो पंक्तियों के बीच खाली पड़ी जमीन में दलहन और तिलहन की सहफसली (Intercropping) खेती करके किसान अतिरिक्त नकदी आमदनी अर्जित कर सकते हैं।
🔴 लाइव अपडेट — 29 सितंबर 2026
धामपुर मिल क्षेत्र में खेत तैयारी तेज, हैदरगढ़ में किसान गोष्ठियां: बारिश थमते ही बिजनौर के धामपुर चीनी मिल क्षेत्र में किसानों ने शरदकालीन गन्ना बुवाई की तैयारी तेज कर दी है। यहां इस बार करीब 1,000 हेक्टेयर क्षेत्रफल में बुवाई का लक्ष्य रखा गया है। किसान गोबर की खाद डालकर पलटने वाले हल से गहरी जुताई कर रहे हैं ताकि खरपतवार नष्ट हो और मिट्टी भुरभुरी हो जाए। मिल के उपाध्यक्ष आशीष शर्मा और सहायक उपाध्यक्ष संजीव कुमार ने सलाह दी है कि मिट्टी बहुत गीली न हो तभी जुताई करें, रोगमुक्त और अनुशंसित प्रजाति का बीज लें, ट्रेंच विधि से बुवाई करें और बुवाई से पहले बीज गन्ने को दवा से उपचारित करें। उधर बाराबंकी के हैदरगढ़ क्षेत्र में बलरामपुर चीनी मिल्स ने गांवों में किसान गोष्ठियां आयोजित कर अधिक रकबे में शरदकालीन गन्ना बोने की अपील की है और उन्नत बीज, उर्वरक व तकनीकी मार्गदर्शन की जानकारी दी है। (स्रोत: गांव जंक्शन, 24 सितंबर 2026; जनता आवाज, 18 सितंबर 2026)
नई स्वीकृत प्रजातियों पर वैज्ञानिकों का जोर: गन्ना किसान संस्थान एवं प्रशिक्षण केंद्र, काशीपुर में आयोजित एक दिवसीय गन्ना कृषक गोष्ठी में वैज्ञानिकों ने शरदकालीन बुवाई के लिए नई स्वीकृत प्रजातियों — कोलख 16202, कोशा 17231, कोशा 18231, कोशा 19231, कोशा 15023, कोलख 14201, कोपन्त 12226 और कोपन्त 12221 — की बुवाई पर जोर दिया। गोष्ठी का शुभारंभ आयुक्त गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग त्रिलोक सिंह मर्तोलिया ने किया और कहा कि उन्नत बीज, खाद व दवाइयां समितियों के माध्यम से उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसमें 80 किसानों के साथ 119 विभागीय अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे और गन्ने में लगने वाले रोगों व कीटों की पहचान-रोकथाम पर भी जानकारी दी गई। (स्रोत: लाइव हिंदुस्तान, 24 सितंबर 2026; गांव जंक्शन, 24 सितंबर 2026)
बुवाई से पहले रिकॉर्ड दुरुस्त कराने का आखिरी मौका — 30 सितंबर: प्रदेश की सभी गन्ना समितियों में इन दिनों सट्टा प्रदर्शन मेले चल रहे हैं। जो किसान अभी तक समिति के सदस्य नहीं बने हैं, वे 30 सितंबर तक सदस्यता ले सकते हैं और जिन किसानों की उपज जिले की औसत उपज से अधिक है, वे भी 30 सितंबर तक उपज बढ़ोतरी का आवेदन कर सकते हैं। सदस्य बनने वालों को पेराई सत्र 2026-27 में चीनी मिलों को गन्ना आपूर्ति की सुविधा मिलेगी। विभाग ने अपील की है कि किसान मेलों में जाकर अपने रकबे-सट्टे के रिकॉर्ड का मिलान कर लें ताकि समय पर सुधार हो सके। (स्रोत: दैनिक जागरण, 23 सितंबर 2026; अमर उजाला, 24 सितंबर 2026)
💰 सहफसली खेती पर प्रति एकड़ ₹4,000 का सरकारी प्रोत्साहन
प्रदेश सरकार ने ‘राष्ट्रीय कृषि विकास योजना’ और ‘राज्य गन्ना विकास निधि’ के तहत सहफसली खेती को बढ़ावा देने के लिए विशेष पैकेज की घोषणा की है:
- गन्ना + लाही/सरसों: ₹3,500 प्रति एकड़ डीबीटी सहायता + प्रमाणित सरसों बीज किट मुफ्त।
- गन्ना + अगेती आलू / मटर: ₹4,000 प्रति एकड़ प्रोत्साहन + फफूंदनाशी (ट्राइकोडर्मा) पैकेट मुफ्त।
- गन्ना + लहसुन / प्याज: ₹4,000 प्रति एकड़ वित्तीय सहायता + ड्रिप सिंचाई पर अतिरिक्त 10% टॉप-अप।
🌾 शरदकालीन बुवाई की सर्वश्रेष्ठ अनुशंसित प्रजातियां (UPCSR 2026)
| प्रजाति (Variety) | परिपक्वता अवधि | अनुमानित पैदावार (क्विंटल/एकड़) | चीनी परता (%) | मुख्य विशेषताएं |
|---|---|---|---|---|
| Co-15023 | अगेती (Early) | 420 - 460 | 13.8% | लाल सड़न रोधी, सर्वाधिक चीनी रिकवरी, बंपर कल्ले |
| Co-0118 | अगेती (Early) | 400 - 440 | 13.2% | जलभराव और सूखे के प्रति सहनशील, सीधा तना |
| CoS-13235 | अगेती (Early) | 430 - 470 | 13.5% | रोगमुक्त, उच्च कल्ले फूटने की क्षमता, पेड़ी में शानदार |
| CoLk-14201 | मध्य देर (Mid-Late) | 450 - 500 | 12.8% | तराई और भारी मिट्टी के लिए सर्वोत्तम अनुकूल |
❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
प्रश्न 1: शरदकालीन बुवाई के लिए सबसे उपयुक्त समय कौन सा है?
उत्तर: 20 सितंबर से 31 अक्टूबर तक का समय शरदकालीन बुवाई के लिए सर्वोत्तम माना जाता है। इस दौरान तापमान कल्ले फूटने और अंकुरण के लिए आदर्श होता है।
प्रश्न 2: ट्रेंच विधि में लाइन से लाइन की दूरी कितनी रखनी चाहिए?
उत्तर: सहफसली खेती के लिए लाइन से लाइन की दूरी न्यूनतम 4 फीट (120 सेमी) से 4.5 फीट रखनी चाहिए ताकि बीच में आलू या सरसों की 2 पंक्तियां आसानी से बोई जा सकें।
प्रश्न 3: प्रमाणित बीज कहां से प्राप्त करें?
उत्तर: किसान भाई अपनी स्थानीय गन्ना विकास समिति अथवा UPCSR शाहजहांपुर, मुजफ्फरनगर, सेवरही अनुसंधान केंद्रों से क्यूआर कोड युक्त प्रमाणित बीज प्राप्त कर सकते हैं।
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