होम › 101.83 करोड़ बकाया: पलिया बजाज मिल का …

101.83 करोड़ बकाया: पलिया बजाज मिल का लिखित आश्वासन — 1 अक्टूबर से 7% भुगतान, दीवाली से पहले पूरा पैसा

Aamir Raza Aamir Raza • Oct 1, 2026 • 6 min read
Google पर हमें फ़ॉलो करें
शेयर करें:
101.83 करोड़ बकाया: पलिया बजाज मिल का लिखित आश्वासन — 1 अक्टूबर से 7% भुगतान, दीवाली से पहले पूरा पैसा
अंतिम अपडेट: October 1, 2026 5:25 PM IST — यह आर्टिकल नियमित रूप से अपडेट किया जाता है।

लखीमपुर खीरी के पलिया क्षेत्र के हजारों गन्ना किसानों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। लंबे समय से रुके गन्ना भुगतान को लेकर भारतीय किसान मजदूर यूनिट (सिंघानिया संगठन) के प्रतिनिधिमंडल ने बजाज हिंदुस्तान लिमटेड शुगर मिल पलिया के यूनिट हेड और जीएम से आमने-सामने वार्ता की। वार्ता के बाद मिल प्रशासन ने लिखित आश्वासन दिया है कि आज यानी 1 अक्टूबर 2026 को कुल बकाया का 7 प्रतिशत भुगतान कर दिया जाएगा, और पूरे 101 करोड़ 83 लाख रुपये का भुगतान अक्टूबर माह के अंत तक यानी दीवाली से पहले किसानों के बैंक खातों में भेज दिया जाएगा।

बताया जा रहा है कि कई दिनों से भुगतान न होने के कारण किसानों में भारी आक्रोश था। किसान संगठन लगातार मिल प्रशासन पर भुगतान का दबाव बना रहा था। आखिरकार किसान नेताओं की सीधी बातचीत के बाद मिल प्रबंधन को झुकना पड़ा और लिखित आश्वासन देना पड़ा।

वार्ता में क्या हुआ

वार्ता के दौरान मिल के यूनिट हेड ने स्वीकार किया कि कुछ तकनीकी कारणों से भुगतान में देरी हुई है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि भुगतान का शेड्यूल अब तय कर दिया गया है और इसमें कोई और देरी नहीं होगी।

वार्ता में शामिल किसान नेताओं में प्रदेश उपाध्यक्ष रमाकांत दीक्षित, प्रदेश संगठन मंत्री नन्द किशोर आर्या, मंडल मीडिया प्रभारी निर्वेंद्र कुमार गुप्ता, निघासन ब्लॉक सचिव सादाब खान, तहसील पलिया अध्यक्ष साहब लाल बौद्ध और ब्लॉक अध्यक्ष पलिया लक्ष्मी कांत मौजूद रहे। किसान नेताओं ने मिल प्रशासन को साफ कहा कि सिर्फ आश्वासन से काम नहीं चलेगा — पैसा समय पर खाते में दिखना चाहिए।

कितना गन्ना बकाया है, कब-कब मिलेगा पैसा

मिल प्रशासन के मुताबिक पलिया बजाज शुगर मिल पर किसानों का कुल बकाया 101 करोड़ 83 लाख रुपये है। यह बकाया पिछले पेराई सत्र 2025-26 का है। भुगतान का शेड्यूल इस तरह तय हुआ है:

1 अक्टूबर 2026 (आज): कुल बकाये का 7 प्रतिशत भुगतान। यानी लगभग 7 करोड़ 13 लाख रुपये की पहली किस्त आज किसानों के खातों में भेजी जानी है।

अक्टूबर अंत तक: बचे हुए पूरे बकाये का शत-प्रतिशत भुगतान, यानी दीवाली से पहले किसानों का पूरा 101.83 करोड़ रुपये बकाया साफ कर दिया जाएगा।

मिल प्रशासन ने कहा है कि भुगतान सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजा जाएगा। किसानों को सलाह है कि वे अपने बैंक खाते की केवाईसी और मोबाइल नंबर अपडेट रखें ताकि भुगतान में कोई तकनीकी अड़चन न आए।

किसानों की चेतावनी साफ: वादा टूटा तो सड़क पर आंदोलन

लिखित आश्वासन के बाद किसान नेताओं ने फिलहाल आंदोलन टाल दिया है, लेकिन साथ ही दो टूक चेतावनी भी दी है। किसान नेताओं का कहना है कि अगर तय समय में पूरा भुगतान नहीं हुआ तो किसान सड़क पर उतरकर बड़ा आंदोलन करेंगे, और उसकी पूरी जिम्मेदारी स्थानीय प्रशासन और चीनी मिल प्रबंधन की होगी।

किसान नेताओं का कहना है कि दीवाली का त्योहार नजदीक है और घर में पैसों की सख्त जरूरत है। ऐसे में मिल को अपना वादा हर हाल में निभाना होगा। यह पहली बार नहीं है जब पलिया मिल भुगतान में देरी को लेकर सवालों के घेरे में आई है — पहले भी बकाया भुगतान पर किसानों ने रोष जताया था और यूनिट हेड के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने तक की मांग उठी थी।

पृष्ठभूमि: गोला में भी बैठक में हंगामा

यह घटना अकेली नहीं है। चार दिन पहले ही लखीमपुर खीरी के गोला गोकर्णनाथ में सहकारी गन्ना विकास समिति की सामान्य निकाय की बैठक में बकाया गन्ना भुगतान को लेकर जमकर हंगामा हुआ था। किसानों और समिति के डेलीगेटों ने मांग की थी कि 15 अक्टूबर तक ब्याज सहित पूरा भुगतान कराया जाए, वरना आगामी पेराई सत्र शुरू नहीं होने दिया जाएगा।

बैठक में राष्ट्रीय किसान शक्ति संगठन के प्रदेश अध्यक्ष पटेल श्रीकृष्ण वर्मा ने कहा था कि किसानों का बकाया भुगतान किए बिना और आगामी पेराई सत्र का गन्ना 14 दिन में भुगतान करने का शपथपत्र दिए बिना चीनी मिल का चक्का नहीं घूमने दिया जाएगा। राष्ट्रीय किसान शक्ति संगठन के जिलाध्यक्ष संतोष सिंह ने कहा था कि बजाज चीनी मिल पहले पिछले पेराई सत्र का गन्ना भुगतान करे, इसके बाद ही चीनी मिल का संचालन शुरू होना चाहिए। इस मुद्दे पर विधायक अमन गिरि से उनकी बहस भी हो गई थी।

बड़ी तस्वीर: प्रदेश में भुगतान की क्या स्थिति है

प्रदेश स्तर पर देखें तो उत्तर प्रदेश सरकार के मुताबिक 2025-26 पेराई सत्र में गन्ना किसानों के कुल बकाये का 94.86 प्रतिशत से अधिक भुगतान किया जा चुका है। राज्य सरकार के अनुसार 102 निजी चीनी मिलों ने अपने पूरे गन्ना भुगतान दायित्व पूरे कर दिए हैं। अब तक किसानों के खातों में गन्ने की कीमत के रूप में 3.25 लाख करोड़ रुपये सीधे हस्तांतरित किए जा चुके हैं।

23 सहकारी चीनी मिलों ने किसानों को 2,820 करोड़ रुपये और राज्य चीनी निगम की तीन मिलों ने 543.51 करोड़ रुपये का भुगतान किया है। 2025-26 सत्र के लिए राज्य परामर्शित मूल्य (एसएपी) अगेती प्रजातियों के लिए 400 रुपये प्रति क्विंटल और सामान्य प्रजातियों के लिए 390 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया था — यह 30 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी थी, जिससे किसानों को लगभग 3,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त लाभ मिला।

गौरतलब है कि चीनी सत्र 2026-27 आज 1 अक्टूबर से शुरू हो गया है, और नए सत्र के एसएपी (2026-27) की घोषणा अभी बाकी है। ऐसे में पिछले सत्र के बकाये का दीवाली से पहले साफ होना किसानों के लिए बड़ी राहत होगी।

आपके सवाल

पलिया मिल का किसानों पर कुल कितना बकाया है?

मिल प्रशासन के मुताबिक कुल बकाया 101 करोड़ 83 लाख रुपये है। यह पिछले पेराई सत्र 2025-26 का बकाया है।

आज कितना भुगतान मिलेगा?

वार्ता में दिए गए आश्वासन के अनुसार आज 1 अक्टूबर 2026 को कुल बकाये का 7 प्रतिशत यानी लगभग 7.13 करोड़ रुपये का भुगतान किसानों के खातों में भेजा जाएगा।

पूरा पैसा कब तक मिलेगा?

मिल ने लिखित आश्वासन दिया है कि अक्टूबर माह के अंत तक यानी दीवाली से पहले पूरे 101.83 करोड़ रुपये का शत-प्रतिशत भुगतान कर दिया जाएगा।

अगर भुगतान समय पर न हुआ तो क्या होगा?

किसान यूनियन ने चेतावनी दी है कि तय समय में भुगतान न हुआ तो किसान सड़क पर उतरकर बड़ा आंदोलन करेंगे। फिलहाल आंदोलन टाल दिया गया है।

भुगतान खाते में न आए तो शिकायत कहां करें?

पहले अपने जिले के जिला गन्ना अधिकारी से संपर्क करें। आप caneup.in पोर्टल पर भी अपने भुगतान की स्थिति देख सकते हैं। गन्ना विभाग के सत्यापित टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1800-121-3203 पर भी जानकारी ले सकते हैं।

स्रोत: एमकेएस न्यूज़ (यूट्यूब), लाइव हिंदुस्तान, चीनीमंडी (द टाइम्स ऑफ इंडिया के हवाले से)

🌾 CaneUp किसान सहायता पोर्टल

अपनी समस्या या सवाल दर्ज करें

गन्ना पर्ची, सट्टा संशोधन, सर्वे, ई-गन्ना ऐप या भुगतान में कोई भी दिक्कत हो, नीचे अपनी जानकारी भरें। हमारी टीम समाधान में आपकी पूरी मदद करेगी।

1 जिला व मिल चुनें
2 गांव व नाम डालें
3 समस्या लिखकर भेजें
उत्तर प्रदेश का अपना जनपद चुनें
आपके जिले से संबंधित चीनी मिलें
इस नंबर पर आपको पर्ची और भुगतान के व्हाट्सएप अपडेट्स मिलेंगे
जितना स्पष्ट लिखेंगे, उतनी जल्दी सटीक समाधान मिलेगा

🔒 आपकी निजी जानकारी 100% सुरक्षित है। हम कोई स्पैम नहीं भेजते। केवल आपकी मिल से जुड़े आधिकारिक अपडेट्स शेयर किए जाते हैं।

✓
Aamir Raza
लेखक एवं मुख्य संपादक

Aamir Raza

संस्थापक एवं प्रधान संपादक — CaneUp.xyz। उत्तर प्रदेश गन्ना उद्योग, पर्ची कैलेंडर, SAP/MSP मूल्य नीति, ई-गन्ना पोर्टल और किसान अधिकारों पर 10+ वर्षों का जमीनी अनुभव।

यह आर्टिकल कैसा लगा?

📬 गन्ना अपडेट पाएं

MSP रेट, पर्ची कैलेंडर, सरकारी योजनाएं — सीधे आपके इनबॉक्स में