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15 नवंबर से बेलरायां मिल में पेराई शुरू: 70 लाख क्विंटल गन्ने का लक्ष्य, डीएम बोले — भुगतान में देरी नहीं होगी

Aamir Raza Aamir Raza • Oct 4, 2026 • 6 min read
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15 नवंबर से बेलरायां मिल में पेराई शुरू: 70 लाख क्विंटल गन्ने का लक्ष्य, डीएम बोले — भुगतान में देरी नहीं होगी
अंतिम अपडेट: October 4, 2026 3:14 PM IST — यह आर्टिकल नियमित रूप से अपडेट किया जाता है।

लखीमपुर खीरी के गन्ना किसानों के लिए काम की खबर है। जिले की सरजू सहकारी चीनी मिल बेलरायां में आगामी पेराई सत्र की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं और मिल प्रबंधन ने साफ कर दिया है कि 15 नवंबर 2026 से पेराई शुरू कर दी जाएगी। प्रस्तावित 144 दिनों का पेराई सत्र 8 अप्रैल 2027 तक चलेगा। इस दौरान 70 लाख क्विंटल गन्ना पेरने का लक्ष्य रखा गया है। चीनी रिकवरी 11 प्रतिशत के अनुमान के आधार पर करीब 7.70 लाख क्विंटल चीनी उत्पादन का लक्ष्य भी तय किया गया है। मिल परिसर में हुई वार्षिक सामान्य निकाय की बैठक में जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने साफ कहा कि किसानों के भुगतान में किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए।

बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी और मिल अध्यक्ष अंजनी कुमार सिंह ने की। बैठक में पेराई सत्र की तैयारियों, गन्ना खरीद केंद्रों, मिल की वित्तीय स्थिति और तकनीकी व्यवस्थाओं से जुड़े कई प्रस्तावों पर चर्चा हुई। किसानों के लिहाज से सबसे अहम घोषणा यह रही कि पेराई समय से शुरू होगी और भुगतान निर्धारित समय के भीतर किया जाएगा।

मरम्मत 15 अक्टूबर तक पूरी, फिर 15 दिन का ट्रायल रन

बैठक समाप्त होने के बाद जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने विधायक शशांक वर्मा के साथ मिल की विभिन्न इकाइयों का निरीक्षण किया। उन्होंने मिल हाउस, पावर हाउस और अन्य विभागों में चल रहे मरम्मत और रखरखाव कार्यों की स्थिति देखी। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने सभी जरूरी मरम्मत कार्य 15 अक्टूबर तक पूरा कराने के निर्देश दिए।

सिर्फ यही नहीं, उन्होंने पेराई शुरू होने से पहले मशीनरी का 15 दिन तक परीक्षण संचालन कराने को भी कहा, ताकि तकनीकी खामियों की पहचान समय रहते की जा सके। इसका सीधा मतलब है कि किसानों को बीच सत्र में मशीनरी खराब होने से जुड़ी दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ेगा। पिछले कई सत्रों में देखने में आया है कि बीच में मशीनरी खराब होने से पेराई रुक जाती है और किसानों की पर्चियां लंबित हो जाती हैं। इस बार मिल प्रबंधन ने पहले से ही ट्रायल रन का रास्ता अपनाया है।

किसानों को समय पर भुगतान और बीज की गारंटी

विधायक शशांक वर्मा ने बैठक में पेराई सत्र समय से शुरू कराने के साथ किसानों को गन्ने का भुगतान निर्धारित समय पर किए जाने की जरूरत बताई। उन्होंने किसानों को समय पर गन्ने का बीज उपलब्ध कराने और पेराई के दौरान उनकी समस्याओं का तत्काल समाधान करने पर जोर दिया।

जिलाधिकारी ने मिल अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि किसानों के भुगतान में किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए। उन्होंने निर्धारित समय के भीतर भुगतान की प्रक्रिया पूरी करने को कहा। यह निर्देश इसलिए अहम है क्योंकि सहकारी और निजी दोनों तरह की मिलों में भुगतान में देरी किसानों की सबसे बड़ी शिकायत रही है।

मिल की आर्थिक स्थिति की समीक्षा के दौरान बताया गया कि पिछले वित्तीय वर्ष में संस्था ने 28 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित किया। जिलाधिकारी ने इस उपलब्धि के लिए किसानों, श्रमिकों, कर्मचारियों और मिल प्रबंधन के प्रयासों को महत्वपूर्ण बताया और मिल की उत्पादन क्षमता और तकनीकी व्यवस्थाओं को और मजबूत करने के निर्देश दिए। लाभ में चल रही मिल से किसानों को यही उम्मीद है कि भुगतान में देरी का कोई बहाना नहीं चलेगा।

32 गन्ना खरीद केंद्र सुरक्षित, पड़ोसी मिलों से भी प्रस्ताव

बैठक में मिल गेट के साथ 32 गन्ना खरीद केंद्र सुरक्षित किए जाने के प्रस्ताव पर विचार किया गया। इसके अलावा पलिया चीनी मिल से जुड़े सात, गुलरिया के 18 और ऐरा चीनी मिल के नौ गन्ना खरीद केंद्रों के प्रस्ताव भी बैठक में रखे गए। इसका मतलब है कि बेलरायां क्षेत्र के किसानों को गन्ना पहुंचाने के लिए नजदीकी केंद्र उपलब्ध होंगे और लंबी दूरी तय करने की परेशानी कम होगी।

मिल के आधुनिकीकरण को लेकर भी बड़े प्रस्ताव सामने आए। मिल के पुराने बॉयलरों को हटाकर नए बड़े बॉयलर और नई टरबाइन लगाने तथा प्रदूषण नियंत्रण के लिए निर्धारित मानकों के अनुरूप वेट स्क्रबर स्थापित करने के प्रस्ताव पर चर्चा हुई। इसके साथ ही लखहा, तिकुनियां, निघासन और गजियापुर में चार नए उर्वरक गोदामों के निर्माण और चार गोदामों की मरम्मत का प्रस्ताव भी रखा गया। किसान सीधे इन गोदामों से उर्वरक ले सकेंगे।

किसानों के लिए इसका क्या मतलब है

पेराई की तारीख तय हो जाने से किसान अपनी फसल की कटाई और आपूर्ति की योजना बेहतर तरीके से बना सकते हैं। अगर आप बेलरायां मिल क्षेत्र के किसान हैं, तो अभी से कुछ काम निपटा लें — अपना गन्ना सट्टा और पर्ची की स्थिति ई-गन्ना ऐप पर जांच लें, गन्ना समिति से संपर्क करके अपने क्रय केंद्र की जानकारी पक्की कर लें और कटाई का कार्यक्रम इस तरह बनाएं कि 15 नवंबर के आसपास गन्ना तैयार रहे। गन्ना जल्दी काटकर खेत में पड़ा न छोड़ें, इससे चीनी की मात्रा घटती है। साफ-सुथरा और पूरी तरह पका गन्ना ही मिल को भेजें — कटे-फटे या बासी गन्ने से रिकवरी घटती है, जिसका असर आखिरकार मिल की सेहत और भुगतान पर पड़ता है।

जो किसान पेड़ी की फसल रख रहे हैं, उनके लिए भी यह खबर अहम है। मिल के आधुनिकीकरण से पेराई क्षमता बढ़ेगी तो पर्चियां समय से निकलने की संभावना बढ़ेगी। विधायक की ओर से बीज समय पर देने का आश्वासन भी मिला है, इसलिए शरदकालीन बुवाई की योजना बनाने वाले किसान अपने बीज की मांग पहले से दर्ज करा दें।

सहकारी मिल मजबूत, भुगतान की गारंटी साफ

सरजू सहकारी चीनी मिल ने पिछले वित्तीय वर्ष में 28 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ कमाया, यानी प्रबंधन वित्तीय रूप से मजबूत है। सहकारी मिलों की सबसे बड़ी चुनौती समय पर भुगतान रही है, लेकिन इस बार डीएम ने बैठक में भुगतान में देरी न करने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं। किसानों को चाहिए कि वे अपनी पर्चियों और भुगतान की रसीदें संभालकर रखें और देरी की शिकायत तुरंत जिला गन्ना अधिकारी को दें।

आपके सवाल

प्रश्न: बेलरायां चीनी मिल में पेराई कब से शुरू होगी? उत्तर: सरजू सहकारी चीनी मिल बेलरायां में 15 नवंबर 2026 से पेराई शुरू करने की योजना है। सत्र 8 अप्रैल 2027 तक चलेगा, यानी कुल 144 दिन।

प्रश्न: इस सत्र में कितने गन्ने की पेराई का लक्ष्य है? उत्तर: मिल प्रबंधन ने 70 लाख क्विंटल गन्ना पेरने का लक्ष्य रखा है। 11 प्रतिशत रिकवरी के अनुमान के साथ करीब 7.70 लाख क्विंटल चीनी उत्पादन का लक्ष्य तय किया गया है।

प्रश्न: किसानों के भुगतान को लेकर क्या निर्देश दिए गए? उत्तर: जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने मिल अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसानों के भुगतान में किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए और भुगतान निर्धारित समय के भीतर पूरा किया जाए।

प्रश्न: मिल में कितने गन्ना खरीद केंद्र होंगे? उत्तर: मिल गेट के साथ 32 गन्ना खरीद केंद्र सुरक्षित किए जाने का प्रस्ताव है। इसके अलावा पलिया, गुलरिया और ऐरा चीनी मिलों से जुड़े केंद्रों के प्रस्ताव भी बैठक में रखे गए।

प्रश्न: बेलरायां मिल की वित्तीय स्थिति कैसी है? उत्तर: बैठक में बताया गया कि पिछले वित्तीय वर्ष में मिल ने 28 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित किया है। मिल के पुराने बॉयलरों की जगह नए बड़े बॉयलर और नई टरबाइन लगाने का प्रस्ताव भी है।

स्रोत: चिनीमंडी (चीनी उद्योग समाचार पोर्टल) और हिंदुस्तान (लाइव हिंदुस्तान, लखीमपुर खीरी संस्करण) में प्रकाशित रिपोर्ट्स।

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Aamir Raza
लेखक एवं मुख्य संपादक

Aamir Raza

संस्थापक एवं प्रधान संपादक — CaneUp.xyz। उत्तर प्रदेश गन्ना उद्योग, पर्ची कैलेंडर, SAP/MSP मूल्य नीति, ई-गन्ना पोर्टल और किसान अधिकारों पर 10+ वर्षों का जमीनी अनुभव।

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