धामपुर, बरकातपुर व देवबंद चीनी मिलों में बॉयलर पूजा की तारीखें तय — 15 से 20 सितंबर तक शुरू होंगे स्टीम ट्रायल

बिजनौर / सहारनपुर: पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रमुख गन्ना उत्पादक जिलों बिजनौर, सहारनपुर और मुजफ्फरनगर की प्रमुख चीनी मिलों ने पेराई सत्र 2026-27 के लिए अपनी तकनीकी तैयारियों को अंतिम रूप देते हुए पारंपरिक बॉयलर पूजा (Boiler Firing) और स्टीम ट्रायल की आधिकारिक तिथियां घोषित कर दी हैं। धामपुर शुगर मिल, बरकातपुर शुगर मिल, त्रिवेणी शुगर मिल देवबंद, उत्तम शुगर मिल शेरमऊ और दयाल शुगर मिल नजीबाबाद ने 15 सितंबर से 20 सितंबर 2026 के बीच बॉयलर प्रज्वलन का शुभ मुहूर्त निर्धारित किया है।
धामपुर शुगर मिल के मुख्य महाप्रबंधक (यांत्रिक) ने आज बिजनौर में बताया कि मिल के 140 टन प्रति घंटा क्षमता वाले दो मुख्य हाई-प्रेशर बॉयलरों की ट्यूब रिप्लेसमेंट, टरबाइन ओवरहॉलिंग और सल्फर बर्नर इकाइयों का वार्षिक मेंटेनेंस 95% पूरा हो चुका है। मिल प्रबंधन ने 16 सितंबर को सुबह 10:15 बजे वैदिक मंत्रोच्चार के साथ बॉयलर पूजा और लाइट-अप का समय तय किया है।
15 अक्टूबर से अगेती पेराई शुरू करने का लक्ष्य
उत्तर प्रदेश सरकार ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश की मिलों को 15 अक्टूबर 2026 से अनिवार्य रूप से पेराई सत्र शुरू करने का लक्ष्य दिया है ताकि किसान अपने खेतों को खाली कर समय पर गेहूं और सरसों की रबी बुवाई कर सकें। बॉयलर में पहली बार आग लगने के बाद 10 से 15 दिनों तक धीरे-धीरे स्टीम प्रेशर बढ़ाया जाता है और टरबाइन तथा मिल रोलर्स को भाप के दबाव पर चलाकर देखा जाता है।
सहारनपुर के त्रिवेणी इंजीनियरिंग ग्रुप की देवबंद शुगर मिल ने घोषणा की है कि उनका बॉयलर ट्रायल 18 सितंबर से प्रारंभ होगा और 10 अक्टूबर तक मिल का पहला गन्ना खरीद इंडेंट (पर्ची) जारी कर दिया जाएगा। 12 अक्टूबर को तौल केंद्रों पर कांटा पूजन किया जाएगा और 15 अक्टूबर की सुबह मिल में गन्ने की पहली बैलगाड़ी और ट्रैक्टर-ट्रॉली डालकर पेराई का विधिवत शुभारंभ होगा।
किसानों के लिए क्रय केंद्रों पर आधुनिक सुविधाएं
चीनी मिल प्रबंधनों ने जिला गन्ना अधिकारियों के साथ बैठक में आश्वासन दिया है कि इस वर्ष सभी बाह्य क्रय केंद्रों पर किसानों की सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाएगा। प्रत्येक क्रय केंद्र पर सोलर लाइट, किसानों के बैठने के लिए पक्का विश्राम शेड, स्वच्छ पेयजल के लिए आरओ वाटर कूलर और इलेक्ट्रॉनिक तौल रसीद निकालने वाले थर्मल प्रिंटर लगाए जा रहे हैं।
बिजनौर के जिला गन्ना अधिकारी ने बताया कि जिले की सभी 9 चीनी मिलों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने पिछले पेराई सत्र के बकाए को 10 सितंबर तक हर हाल में शून्य कर दें ताकि नए पेराई सत्र के संचालन में कोई प्रशासनिक बाधा न आए।
मिलों में प्रदूषण नियंत्रण और ईटीपी प्लांट का ड्राई-रन
चीनी मिलों ने अपने एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (ETP) और ऑनलाइन एमिशन मॉनिटरिंग सिस्टम का ट्रायल भी आज से शुरू कर दिया है। राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों ने मिल परिसरों का निरीक्षण कर शून्य तरल निर्वहन (ZLD) मानकों की पुष्टि की है ताकि पेराई के दौरान पर्यावरण को कोई नुकसान न पहुंचे।
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