बिलारी की लक्ष्मी जी मिल में 6 नवंबर से पेराई शुरू: 4 दिन का इंडेंट जारी, 7 नवंबर को 60,000 क्विंटल गन्ना खरीदेगी मिल

मुरादाबाद जिले के बिलारी क्षेत्र के गन्ना किसानों का इंतजार खत्म होने वाला है। बिलारी की लक्ष्मी जी चीनी मिल का नया पेराई सत्र शुक्रवार, 6 नवंबर 2026 से शुरू हो जाएगा। मिल प्रबंधन ने सोमवार, 2 नवंबर को इंडेंट का पूजन करने के बाद सहकारी गन्ना विकास समिति बिलारी के कार्यालय को अगले चार दिनों का इंडेंट जारी कर दिया है। इसका सीधा मतलब यह है कि बिलारी क्षेत्र के किसानों को अब अपनी पर्ची के हिसाब से गन्ना आपूर्ति की तैयारी शुरू कर देनी चाहिए, क्योंकि 6 नवंबर से मिल बड़े पैमाने पर गन्ना खरीदेगी।
अमर उजाला की 3 नवंबर की रिपोर्ट के अनुसार, समिति के विशेष सचिव हशमुल हसन ने चारों तारीखों के इंडेंट की पुष्टि की है। इंडेंट के आधार पर ही समिति किसानों को तौल पर्ची जारी करती है। पर्ची मिलते ही आपूर्ति में देर न करें, ताकि शुरुआती भीड़ से बचा जा सके।
चार दिन का इंडेंट: कब कितना गन्ना जाएगा
मिल की ओर से जारी इंडेंट के आंकड़े बताते हैं कि आपूर्ति धीरे-धीरे बढ़ेगी और 6 नवंबर से पूरी रफ्तार पकड़ेगी।
- 4 नवंबर: 1,900 क्विंटल गन्ने की आपूर्ति का इंडेंट
- 5 नवंबर: 2,500 क्विंटल गन्ने की आपूर्ति का इंडेंट
- 6 नवंबर: 51,000 क्विंटल गन्ने की आपूर्ति का इंडेंट
- 7 नवंबर: 60,000 क्विंटल गन्ने की आपूर्ति का इंडेंट
पहले दो दिनों की छोटी मात्रा से साफ है कि मिल शुरुआती संचालन परखने के बाद 6 नवंबर से पूरी क्षमता की ओर बढ़ेगी। 4 और 5 नवंबर को उन्हीं किसानों की आपूर्ति होगी जिनकी पर्ची इन तारीखों की है — बिना पर्ची के गन्ना लेकर मिल या केंद्र न पहुंचें।
गन्ना सुरक्षण आदेश: 117 गांव मिल गेट से जुड़े
गन्ना सुरक्षण आदेश भी आ चुका है। अमर उजाला की 30 अक्टूबर की रिपोर्ट के अनुसार, गन्ना आयुक्त मिनिस्ती एस. ने वर्तमान सत्र के लिए यह आदेश जारी किया है, जिसमें बिलारी मिल का आरक्षित क्षेत्र लगभग पिछले वर्ष के बराबर रखा गया है।
समिति कार्यालय के अनुसार, मिल गेट से आसपास के 117 गांव जुड़े रहेंगे। आवंटित क्रय केंद्रों में तुरखेड़ा, जलालपुर, कुंदरकी, स्योंडारा, जमालपुर, हाफिजपुर, मुबारकपुर, कासमपुर, सिरसी और तिमनपुर के केंद्र शामिल हैं। अपना केंद्र और पर्ची की तारीख समिति कार्यालय से जरूर कन्फर्म कर लें।
पिछले सत्र में 42.87 लाख क्विंटल की पेराई
बिलारी मिल कोई छोटी इकाई नहीं है — पिछले सत्र में इसने 42.87 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई की थी। इसलिए चरणबद्ध इंडेंट अच्छी व्यवस्था है: पहले दो दिन सीमित आपूर्ति, फिर 6 और 7 नवंबर को बड़ी मात्रा में खरीद।
अक्टूबर की बारिश ने पश्चिमी यूपी में कटाई और ढुलाई को पहले ही प्रभावित किया है, इसलिए गन्ना काटने से पहले पर्ची की तारीख पक्की कर लें, ताकि कटा गन्ना खेत में सूखे नहीं।
प्रदेश का हाल: 9 मिलें चालू, 33 ने जारी किया इंडेंट
गन्ना विकास विभाग के अनुसार, प्रदेश की 9 मिलों में पेराई शुरू हो चुकी है — सहकारी क्षेत्र की 1 और निजी क्षेत्र की 8। क्षेत्रवार: सहारनपुर 3, मेरठ 1, मुरादाबाद 2, लखनऊ 3। इसके अलावा 33 मिलों ने इंडेंट जारी कर दिया है, जिनमें से 24 का दीपावली से पहले शुरू होना प्रस्तावित है।
पहले सप्ताह में पर्ची को लेकर शिकायतें आम होती हैं। पर्ची देर से मिले या केंद्र पर दिक्कत आए, तो समिति कार्यालय से संपर्क करें और पर्ची का नंबर व तारीख लिखकर रखें।
गन्ना मूल्य: 2026-27 का एसएपी अभी घोषित नहीं
साफ जान लें — 2026-27 सत्र का राज्य परामर्शित मूल्य (एसएपी) अभी घोषित नहीं हुआ है। पिछले सत्र 2025-26 में अगेती का एसएपी 400 रुपये और सामान्य का 390 रुपये प्रति क्विंटल था। यह पिछले सत्र की दर है, इस सत्र की नहीं।
बिज़नेस स्टैंडर्ड की 3 नवंबर की रिपोर्ट के अनुसार, सरकार 10 से 20 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी पर विचार कर रही है, जबकि किसान संगठनों ने 450 से 500 रुपये की मांग रखी है। यह विचार और मांग की स्थिति है, अंतिम घोषणा नहीं — आधिकारिक भाव मंत्रिमंडल के फैसले के बाद ही लागू होगा।
भुगतान, शिकायत और पांच काम की जांच
गन्ना विभाग ने मिलों को समय पर भुगतान के निर्देश दिए हैं। देरी हो तो तौल पर्ची, आपूर्ति की तारीख और मिल का नाम संभालकर रखें — यही शिकायत की बुनियाद हैं। शिकायत के लिए जिला गन्ना अधिकारी या गन्ना समिति से संपर्क करें। सत्यापित हेल्पलाइन: टोल-फ्री 1800-121-3203 और 1800-180-5129, एसएमएस शॉर्टकोड 51969। किसी अनजान नंबर पर बैंक जानकारी या ओटीपी साझा न करें।
पांच काम की जांच: पर्ची की तारीख पहले ही कन्फर्म करें; क्रय केंद्र सूची से मिलाएं; साफ गन्ना भेजें; हर तौल रसीद संभालकर रखें; और भुगतान की एंट्री बैंक खाते में जांचते रहें।
आगे क्या देखना होगा
आगे तीन बातों पर नजर रहेगी: 6 नवंबर को पेराई पूरी रफ्तार से शुरू होती है या नहीं; बड़े इंडेंट पर आपूर्ति सुचारु रहती है या केंद्रों पर भीड़ लगती है; और एसएपी की घोषणा कब होती है। मिल और समिति ने समय पर इंडेंट जारी कर दिया है और सुरक्षण आदेश भी पहले से आ चुका है। अब किसान पर्ची व्यवस्था का पालन करें और रसीदें संभालकर रखें।
जवाब जानिए
बिलारी लक्ष्मी जी मिल का पेराई सत्र कब शुरू होगा? 6 नवंबर 2026 से। मिल ने 4 से 7 नवंबर तक का इंडेंट जारी कर दिया है, जिसमें 6 नवंबर को 51,000 क्विंटल और 7 नवंबर को 60,000 क्विंटल गन्ने की आपूर्ति होगी।
बिलारी मिल के लिए इंडेंट किसने जारी किया है? मिल प्रबंधन ने समिति कार्यालय को इंडेंट भेजा है; समिति इसी आधार पर तौल पर्ची जारी करती है।
बिलारी मिल से कितने गांव जुड़े हैं? मिल गेट से आसपास के 117 गांव जुड़े हैं, और तुरखेड़ा, जलालपुर, कुंदरकी, स्योंडारा, जमालपुर, हाफिजपुर, मुबारकपुर, कासमपुर, सिरसी व तिमनपुर के केंद्र आवंटित हैं।
इस सत्र का गन्ना मूल्य (एसएपी) क्या है? 2026-27 का एसएपी अभी घोषित नहीं हुआ है। पिछले सत्र में अगेती 400 रुपये और सामान्य 390 रुपये प्रति क्विंटल था।
पर्ची या भुगतान में दिक्कत हो तो कहां संपर्क करें? गन्ना समिति या जिला गन्ना अधिकारी से संपर्क करें; टोल-फ्री 1800-121-3203, 1800-180-5129 और एसएमएस 51969 भी उपलब्ध हैं।
स्रोत: अमर उजाला (3 नवंबर 2026 और 30 अक्टूबर 2026), यूपीटाक और आईबीसी24 (पीटीआई) की 3-4 नवंबर 2026 की रिपोर्टें, बिज़नेस स्टैंडर्ड (3 नवंबर 2026)।
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