₹450 SAP पर भाकियू का 20 सितंबर अल्टीमेटम — मुजफ्फरनगर के बाद 18 जिलों में तहसील घेराव का ऐलान

सिसौली/मुजफ्फरनगर (CaneUp ब्यूरो — 10 सितंबर 2026): मुजफ्फरनगर के राजकीय इंटर कॉलेज (GIC) मैदान में 8 सितंबर को संपन्न हुई विशाल किसान महापंचायत के बाद भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) ने अपने आंदोलन को तेज करने का खाका तैयार कर लिया है। आज सिसौली स्थित किसान भवन में भाकियू कोर कमेटी की आपातकालीन समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत ने की।
बैठक के बाद राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने ऐलान किया कि यदि प्रदेश सरकार ने 20 सितंबर 2026 तक गन्ने का राज्य परामर्शित मूल्य (SAP) कम से कम ₹425 से ₹450 प्रति क्विंटल घोषित नहीं किया, तो 21 सितंबर से पश्चिमी यूपी और तराई के 18 जिलों में एक साथ अनिश्चितकालीन तहसील घेराव आंदोलन शुरू किया जाएगा।
📌 भाकियू का 3-चरणीय आंदोलन कार्यक्रम (Action Plan)
| चरण (Phase) | प्रस्तावित तारीख | आंदोलन का स्वरूप | लक्षित स्थान |
|---|---|---|---|
| चरण 1 (अल्टीमेटम) | 10 से 20 सितंबर | गाँव-गाँव पंचायतें व जन-जागरण | पश्चिमी यूपी के 1,200 गाँव |
| चरण 2 (तहसील घेराव) | 21 से 28 सितंबर | ट्रैक्टरों के साथ तहसीलों पर धरना | मेरठ, शामली, मुजफ्फरनगर, बिजनौर समेत 18 जिले |
| चरण 3 (लखनऊ कूच) | 05 अक्टूबर 2026 | गन्ना आयुक्त कार्यालय का अनिश्चितकालीन घेराव | 14-राणा प्रताप मार्ग, लखनऊ |
🌾 किसानों का आर्थिक गणित: क्यों जरूरी है ₹450 भाव?
भाकियू द्वारा कृषि अर्थशास्त्रियों के सहयोग से तैयार किए गए लागत पत्रक (Cost Sheet) के अनुसार:
- डीजल व जुताई लागत: पिछले दो वर्षों में ट्रैक्टर डीजल और कल्टीवेटर जुताई की दर प्रति एकड़ ₹1,200 से बढ़कर ₹1,850 हो गई है।
- उर्वरक व कीटनाशक: रेड रॉट (लाल सड़न) और टॉप बोरर से बचाव के लिए एक सीजन में 4 से 5 बार फफूंदनाशक स्प्रे करने पर प्रति एकड़ ₹6,000 से ₹8,000 का अतिरिक्त खर्च आ रहा है।
- मजदूरी का संकट: गन्ना छिलाई और कटाई की मजदूरी ₹45 प्रति क्विंटल से बढ़कर ₹65 प्रति क्विंटल पहुंच चुकी है।
- वर्तमान भाव: वर्तमान ₹370 प्रति क्विंटल भाव पर किसान को प्रति क्विंटल मुश्किल से ₹25 से ₹30 की शुद्ध बचत हो रही है, जिससे किसान कर्ज के जाल में फंस रहा है।
टिकैत ने स्पष्ट चेतावनी दी कि इस बार किसान बिना लिखित शासनादेश के पीछे नहीं हटेंगे और यदि मिलों ने 14 दिन में भुगतान का नियम तोड़ा तो मिल गेट पर ही तालाबंदी की जाएगी।
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