नलकूपों पर स्मार्ट मीटर लगाने के खिलाफ भाकियू का अल्टीमेटम — पीवीवीएनएल मुख्यालय पर 7 दिन का नोटिस

मेरठ: पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 14 जिलों में कृषि नलकूपों पर विद्युत विभाग द्वारा गुपचुप तरीके से लगाए जा रहे डिजिटल 4G स्मार्ट मीटरों और किसानों को भेजे जा रहे नोटिसों के खिलाफ किसान संगठनों का आक्रोश फूट पड़ा है। भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के कार्यकर्ताओं ने आज मेरठ के विक्टोरिया पार्क स्थित पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (PVVNL) के प्रबंध निदेशक (MD) मुख्यालय पर ट्रैक्टरों के साथ जोरदार प्रदर्शन किया और ऊर्जा निगम प्रबंधन को 7 दिन का कड़ा अल्टीमेटम सौंपते हुए आंदोलन की चेतावनी दी।
भाकियू के राष्ट्रीय महासचिव युद्धवीर सिंह और पश्चिमी यूपी अध्यक्ष पवन खटाना के नेतृत्व में आयोजित इस महा-धरने में सैकड़ों किसानों ने बिजली अधिकारियों का घेराव किया। किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश सरकार ने 1 अप्रैल 2023 से निजी नलकूपों को 100% मुफ्त बिजली देने का शासनादेश जारी किया हुआ है, इसके बावजूद बिजली विभाग के ठेकेदार पुलिस बल की आड़ में किसानों के नलकूपों पर मीटर थोप रहे हैं।
7 दिन में मीटर लगाने की प्रक्रिया पूरी तरह बंद करने की मांग
भाकियू प्रतिनिधिमंडल ने पश्चिमांचल एमडी को सौंपे 4-सूत्रीय ज्ञापन में निम्नलिखित मांगें रखी हैं:
- स्मार्ट मीटर अभियान पर तुरंत रोक: ग्रामीण क्षेत्रों में नलकूपों पर मीटर लगाने वाले ठेकेदारों और विजिलेंस छापों को 24 घंटे के भीतर रोका जाए।
- लगाए गए मीटरों को हटाया जाए: जिन किसानों के नलकूपों पर जबरन मीटर लगा दिए गए हैं, उन्हें विभाग अपने खर्चे पर तुरंत उतारे।
- शेड्यूल के अनुसार 14 घंटे बिजली: गन्ने की फसल की सिंचाई और कीटनाशक छिड़काव के लिए दिन के समय रोस्टिंग मुक्त 14 घंटे निर्बाध थ्री-फेज बिजली दी जाए।
- जले हुए ट्रांसफार्मर 24 घंटे में बदलें: ग्रामीण क्षेत्रों में फुंके ट्रांसफार्मरों को 24 घंटे के भीतर बदलने का नियम सख्ती से लागू हो।
8 सितंबर की मुजफ्फरनगर महापंचायत में शामिल होगा बिजली का मुद्दा
धरने को संबोधित करते हुए भाकियू नेताओं ने घोषणा की कि यदि 7 सितंबर की शाम तक ऊर्जा निगम ने नलकूपों पर मीटर लगाने की योजना को औपचारिक रूप से वापस लेने का सर्कुलर जारी नहीं किया, तो 8 सितंबर को मुजफ्फरनगर के जीआईसी मैदान में होने वाली किसान महापंचायत में पश्चिमांचल के सभी 14 जिलों के विद्युत उपकेंद्रों पर अनिश्चितकालीन तालाबंदी का बड़ा फैसला लिया जाएगा।
पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम के मुख्य अभियंता (वाणिज्य) ने ज्ञापन प्राप्त करने के बाद किसानों को आश्वासन दिया कि शासन स्तर पर नलकूपों की मुफ्त बिजली योजना यथावत लागू है और किसी भी किसान का नलकूप कनेक्शन मीटर के अभाव में नहीं काटा जाएगा। उन्होंने मामले की पूरी रिपोर्ट शासन को भेजने की बात कही है।
ग्रामीण सब-स्टेशनों पर पुलिस बल तैनात
किसानों के इस कड़े रुख के बाद मेरठ, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, बागपत और बुलंदशहर के ग्रामीण बिजली सब-स्टेशनों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। किसान यूनियन का कहना है कि जब सरकार ने मुफ्त बिजली की घोषणा की है, तो मीटर लगाकर किसानों पर भविष्य में बिल थोपने की कोई भी साजिश कामयाब नहीं होने दी जाएगी।
किसान नेताओं ने स्पष्ट किया कि पश्चिमांचल के सभी 14 जिलों में किसान सतर्क रहेंगे और यदि कोई ठेकेदार बिना ग्राम प्रधान की लिखित सहमति के नलकूप पर मीटर लगाने पहुंचा, तो उसका लोकतांत्रिक तरीके से घेराव किया जाएगा।
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