गन्ना भाव ₹450 प्रति क्विंटल पर आर-पार — 20 सितंबर को पश्चिमी यूपी के 18 जिलों में भाकियू का विशाल ट्रैक्टर मार्च

मुख्य बिंदु (Quick Summary): पड़ोसी राज्यों हरियाणा द्वारा ₹405 और पंजाब द्वारा ₹410 प्रति क्विंटल गन्ना भाव घोषित किए जाने के बाद उत्तर प्रदेश में गन्ना मूल्य (SAP) को लेकर किसान आंदोलन तेज हो गया है। भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) ने 20 सितंबर 2026 को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 18 जिलों में ‘विशाल ट्रैक्टर मार्च’ निकालने और कलेक्ट्रेट का घेराव करने का औपचारिक ऐलान किया है।
मुजफ्फरनगर/सिसौली (CaneUp ग्राउंड रिपोर्ट — 11 सितंबर 2026): उत्तर प्रदेश में आगामी पेराई सत्र 2026-27 के लिए राज्य परामर्शित मूल्य (SAP) घोषित करने की मांग को लेकर किसान संगठनों और सरकार के बीच टकराव गहराता जा रहा है। मुजफ्फरनगर के ऐतिहासिक सिसौली मुख्यालय में आज भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) की राष्ट्रीय कार्यकारिणी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 18 जिलों के पदाधिकारियों की आपात बैठक संपन्न हुई।
बैठक की अध्यक्षता भाकियू अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत ने की, जबकि राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने आंदोलन की रणनीति की घोषणा की।
भाकियू ने ऐलान किया है कि आगामी 20 सितंबर 2026 (रविवार) को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सभी 18 जनपदों के कलेक्ट्रेट मुख्यालयों पर ‘ऐतिहासिक ट्रैक्टर मार्च’ निकाला जाएगा और अनिश्चितकालीन धरने की चेतावनी के साथ मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा।
🚜 20 सितंबर ट्रैक्टर मार्च का 18 जिलों का रूट-मैप
| जनपद | मुख्य एकत्रीकरण स्थल | ट्रैक्टर मार्च का गंतव्य | प्रभारी किसान नेता |
|---|---|---|---|
| मुजफ्फरनगर | रामपुर तिराहा व शिव चौक | जिला कलेक्ट्रेट ग्राउंड | राकेश टिकैत, गौरव टिकैत |
| मेरठ | सिवाया टोल प्लाजा व परतापुर | कमिश्नरी चौराहा | चौधरी विजयपाल, चरण सिंह |
| शामली | विजय चौक व कैराना बाईपास | कलेक्ट्रेट शामली | बाबा हरकिशन, कुलदीप पंवार |
| सहारनपुर | गागलहेड़ी व नकुड़ तिराहा | जिलाधिकारी कार्यालय | चौधरी जगपाल सिंह |
| बिजनौर | मंडावर रोड व नहटौर चुंगी | विकास भवन कलेक्ट्रेट | दिगंबर सिंह |
| बागपत | राष्ट्र वंदना चौक | कलेक्ट्रेट बागपत | विक्रम आर्य |
| अन्य जिले | अमरोहा, मुरादाबाद, संभल, रामपुर, हापुड़, बुलंदशहर, अलीगढ़, हाथरस, मथुरा, आगरा, बरेली, पीलीभीत |
🌾 भाकियू की 4 प्रमुख मांगें
- गन्ने का भाव ₹450 प्रति क्विंटल घोषित हो: भाकियू नेताओं ने कहा कि डीजल, बिजली, कीटनाशक, डीएपी और मजदूरी की लागत में पिछले दो वर्षों में 35% की भारी वृद्धि हुई है। जब हरियाणा ₹405 दे सकता है, तो देश के सबसे बड़े चीनी उत्पादक राज्य उत्तर प्रदेश के किसानों को कम से कम ₹450 प्रति क्विंटल मिलना चाहिए।
- कृषि नलकूपों पर स्मार्ट मीटर का पूर्ण विरोध: किसानों के निजी नलकूपों पर लगाए जा रहे डिजिटल स्मार्ट मीटर तत्काल उतारे जाएं और चुनावी घोषणा के अनुसार मुफ्त बिजली की निर्बाध आपूर्ति की जाए।
- पेराई सत्र 15 अक्टूबर से अनिवार्य हो: 15 अक्टूबर से चीनी मिलें चालू की जाएं ताकि किसान समय पर गन्ने की कटाई कर गेहूं और सरसों की बुवाई कर सकें।
- हाईकोर्ट के आदेश पर ₹1,936 करोड़ का ब्याज सहित भुगतान: डिफ़ॉल्टर मिलों से 15% ब्याज सहित बकाया वसूला जाए।
राकेश टिकैत ने चेतावनी दी है कि यदि 20 सितंबर तक सरकार ने वार्ता के लिए पहल नहीं की या संतोषजनक घोषणा नहीं की, तो 25 सितंबर से पश्चिमी यूपी की सभी चीनी मिलों के गेट पर किसान अनिश्चितकालीन डेरा डाल देंगे।
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