मुजफ्फरनगर में 8 सितंबर को किसान महापंचायत का ऐलान — गन्ने का भाव ₹450 प्रति क्विंटल घोषित करने की मांग

मुजफ्फरनगर / शामली: आगामी पेराई सत्र 2026-27 के लिए गन्ने का राज्य परामर्शित मूल्य (SAP) घोषित करने में हो रही देरी और बढ़ती कृषि उत्पादन लागत को लेकर किसान संगठन लामबंद हो गए हैं। भारतीय किसान यूनियन (भाकियू - अराजनैतिक) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत और राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत ने आज सिसौली में आयोजित किसान पंचायत में ऐलान किया कि गन्ने का भाव कम से कम ₹450 प्रति क्विंटल घोषित कराने की मांग को लेकर आगामी 8 सितंबर 2026 को मुजफ्फरनगर के ऐतिहासिक जीआईसी ग्राउंड में विशाल ‘किसान महापंचायत’ आयोजित की जाएगी।
सिसौली में किसानों को संबोधित करते हुए भाकियू प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा, “डीजल के दाम, बिजली की दरें, डीएपी और पोटाश खाद की कीमतें पिछले दो वर्षों में 25% से अधिक बढ़ चुकी हैं। कटाई-छिलाई की मजदूरी ₹55 प्रति क्विंटल पहुंच गई है। सीएसीपी के आंकड़ों के अनुसार भी गन्ने की औसत उत्पादन लागत ₹200 प्रति क्विंटल पार कर चुकी है। स्वामीनाथन आयोग के C2+50% फॉर्मूले के अनुसार किसान को कम से कम ₹450 प्रति क्विंटल का भाव मिलना चाहिए। यदि सरकार ने 15 अक्टूबर से पहले उचित भाव घोषित नहीं किया, तो पश्चिमी यूपी की किसी भी मिल में पेराई शुरू नहीं होने दी जाएगी।”
महापंचायत में 5 प्रमुख मुद्दों पर होगा आर-पार का फैसला
भाकियू की मुजफ्फरनगर जिला कार्यकारिणी द्वारा जारी एजेंडे के अनुसार 8 सितंबर की महापंचायत में निम्नलिखित 5 मुख्य मांगों पर सरकार को अल्टीमेटम दिया जाएगा:
- गन्ना मूल्य ₹450 प्रति क्विंटल: अगेती प्रजाति के लिए ₹450 और सामान्य प्रजाति के लिए ₹430 प्रति क्विंटल एसएपी तत्काल अधिसूचित किया जाए।
- 14 दिन में भुगतान व 15% ब्याज: पिछले सत्र के सभी बकाया का भुगतान ब्याज सहित 15 सितंबर तक निपटाया जाए।
- निःशुल्क कृषि बिजली: नलकूपों पर मीटर लगाने की प्रक्रिया पूरी तरह बंद हो और 100% मुफ्त बिजली का शासनादेश कड़ाई से लागू हो।
- घटतौली पर सख्त कानून: चीनी मिलों के कांटों पर सीसीटीवी कैमरों की लाइव फीड सीधे किसान यूनियन और तहसील मुख्यालय से जोड़ी जाए।
- आवारा पशुओं से फसल सुरक्षा: गन्ने और सह-फसलों को नुकसान पहुंचाने वाले बेसहारा गोवंश के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर स्थायी गोशालाएं संचालित हों।
पश्चिमी यूपी और हरियाणा से जुटेंगे हजारों किसान
महापंचायत की तैयारियों के लिए भाकियू कार्यकर्ताओं ने मेरठ, सहारनपुर, शामली, बागपत, बिजनौर, बुलंदशहर और हापुड़ के 500 से अधिक गाँवों में जनसंपर्क अभियान शुरू कर दिया है। पड़ोसी राज्य हरियाणा और पंजाब के किसान प्रतिनिधिमंडल भी इस महापंचायत में शामिल होंगे।
मुजफ्फरनगर के जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने 8 सितंबर को जीआईसी मैदान में भारी भीड़ जुटने की संभावना को देखते हुए कानून-व्यवस्था और यातायात डायवर्जन की अग्रिम योजना तैयार करनी शुरू कर दी है। किसान नेताओं का कहना है कि यह पंचायत शांतिपूर्ण होगी लेकिन सरकार को किसानों की शक्ति का स्पष्ट संदेश देगी।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के गन्ना किसानों की एकजुटता
सिसौली पंचायत में भाकियू के मंडल अध्यक्षों ने कहा कि 8 सितंबर की महापंचायत ऐतिहासिक होगी। पंचायत में पश्चिमी यूपी के 14 जिलों के अलावा उत्तराखंड के हरिद्वार और उधमसिंह नगर के किसान भी बड़ी संख्या में ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ मुजफ्फरनगर पहुंचेंगे।
किसान नेताओं ने स्पष्ट किया है कि जब तक उत्तर प्रदेश सरकार पड़ोसी राज्य हरियाणा के बराबर या उससे अधिक लाभकारी मूल्य घोषित नहीं करती, तब तक किसान चैन से नहीं बैठेंगे। महापंचायत के निर्णय के बाद जिलाधिकारी कार्यालयों पर ज्ञापन सौंपे जाएंगे।
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