20 सितंबर को सिसौली में भाकियू की ऐतिहासिक रात्रि किसान महापंचायत — राकेश टिकैत का ऐलान: ₹500 गन्ना भाव और 14 दिन भुगतान गारंटी पर आर-पार की लड़ाई

मुजफ्फरनगर / सिसौली (CaneUp विशेष ब्यूरो — 13 सितंबर 2026): उत्तर प्रदेश में पेराई सत्र 2026-27 की शुरुआत से ठीक पहले किसानों की राजधानी कहे जाने वाले सिसौली (मुजफ्फरनगर) में बड़ा राजनीतिक और किसान आंदोलनकारी माहौल गरमाने लगा है। भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत और राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत ने आगामी 20 सितंबर 2026 को सिसौली स्थित ऐतिहासिक किसान भवन में विशाल ‘रात्रि किसान महापंचायत’ आयोजित करने का आधिकारिक शंखनाद किया है।
महापंचायत की तैयारियों को लेकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 14 जिलों (मुजफ्फरनगर, मेरठ, शामली, सहारनपुर, बागपत, बिजनौर, बुलंदशहर, हापुड़, मुरादाबाद, संभल, अमरोहा, रामपुर, अलीगढ़ और मथुरा) के प्रत्येक गांव में भाकियू की ग्राम चौपालें और नुक्कड़ सभाएं आयोजित की जा रही हैं।
📢 राकेश टिकैत का बयान: “अब सिर्फ आश्वासन नहीं, आर-पार का फैसला होगा”
सिसौली में कार्यकर्ताओं की बैठक को संबोधित करते हुए राकेश टिकैत ने कहा:
“गन्ने की लागत दोगुनी हो चुकी है, बाजार में चीनी ₹40 किलो बिक रही है, लेकिन किसान को पिछले साल मात्र ₹370 का भाव देकर बहलाया गया। पंजाब और हरियाणा की सरकारें अपने किसानों को ज्यादा भाव दे रही हैं। यदि उत्तर प्रदेश की सरकार ने नए पेराई सत्र के शुरू होने से पहले ₹500 प्रति क्विंटल का भाव घोषित नहीं किया, तो इस बार किसान चीनी मिलों का घेराव करेंगे और किसी भी कीमत पर सस्ता गन्ना नहीं तुलने देंगे।”
उन्होंने आगे कहा कि — “20 सितंबर की महापंचायत दिन में नहीं बल्कि पूरी रात चलेगी। जब किसान रात भर जागकर संसद और विधानसभाओं की ओर मुख करेगा, तभी सरकार के कानों पर जूं रेंगेगी।”
📋 20 सितंबर महापंचायत के 4 सबसे बड़े मुख्य एजेंडे
| क्र. सं. | प्रमुख मुद्दा / मांग | भाकियू का आधिकारिक रुख |
|---|---|---|
| 1. | गन्ना मूल्य ₹500/क्विंटल | सत्र 2026-27 के लिए सरकार स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों के तहत कम से कम ₹500 प्रति क्विंटल SAP घोषित करे। |
| 2. | 14 दिन भुगतान व 15% ब्याज | 14 दिन से अधिक विलंब होने पर मिल मालिकों के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज हो और किसानों को 15% वार्षिक ब्याज समेत भुगतान मिले। |
| 3. | नलकूपों पर स्मार्ट मीटर का विरोध | किसानों के खेतों के बिजली नलकूपों (Tube-wells) पर जबरन डिजिटल स्मार्ट मीटर लगाने का काम तुरंत बंद हो और मुफ्त सिंचाई का शासनादेश कड़ाई से लागू हो। |
| 4. | 10 साल पुराने ट्रैक्टरों पर छूट | एनसीआर और उत्तर प्रदेश में एनजीटी (NGT) के 10-15 साल पुराने कृषि ट्रैक्टरों पर जब्ती के नियम को पूरी तरह निरस्त किया जाए, क्योंकि ट्रैक्टर किसान की रोजी-रोटी है। |
🚜 14 जिलों में चल रहा सघन जनसंपर्क अभियान
भाकियू के राष्ट्रीय महासचिव चौधरी युद्धवीर सिंह और युवा प्रदेश अध्यक्ष गौरव टिकैत के नेतृत्व में दर्जनों टीमें पश्चिमी यूपी के गांवों में जाकर किसानों से सीधा संवाद कर रही हैं:
- प्रत्येक गांव से कम से कम 5 से 10 ट्रैक्टर-ट्रॉलियों का काफिला 20 सितंबर की दोपहर से ही सिसौली की ओर कूच करेगा।
- किसानों के ठहरने और भोजन के लिए सिसौली और आसपास के गांवों में 50 से अधिक सामुदायिक लंगर (रसोई) की व्यवस्था की जा रही है।
- महापंचायत में पश्चिमी यूपी के अलावा हरियाणा, पंजाब और उत्तराखंड की किसान कमेटियों के प्रतिनिधि भी शामिल होकर संयुक्त आंदोलन की घोषणा करेंगे।
⚠️ पेराई सत्र के संचालन पर पड़ सकता है व्यापक असर
प्रशासनिक स्तर पर इस महापंचायत को लेकर अलर्ट जारी कर दिया गया है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश की 42 चीनी मिलों में 20 से 25 अक्टूबर के बीच पेराई शुरू होनी है। यदि 20 सितंबर की महापंचायत में किसानों ने मिलों का बहिष्कार करने या तौल केंद्रों पर अनिश्चितकालीन धरने का फैसला ले लिया, तो इस वर्ष के पेराई सत्र के सुचारू संचालन में गंभीर गतिरोध पैदा हो सकता है।
किसान नेताओं का कहना है कि गेंद अब पूरी तरह राज्य सरकार और मुख्यमंत्री के पाले में है — सरकार समय रहते किसानों के पक्ष में ₹500 के भाव का फैसला ले, ताकि अन्नदाता को सड़कों पर न उतरना पड़े।
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