8 सितंबर की मुजफ्फरनगर महापंचायत की तैयारी तेज — 25 गाँवों में किसान पंचायत कर दिया न्योता

मुजफ्फरनगर / सिसौली: आगामी पेराई सत्र 2026-27 के लिए गन्ने का राज्य परामर्शित मूल्य (SAP) घोषित कराने और कृषि नलकूपों पर मीटर लगाने के विरोध में भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) द्वारा आगामी 8 सितंबर 2026 को मुजफ्फरनगर के जीआईसी मैदान में बुलाई गई विशाल किसान महापंचायत की तैयारियां जोरों पर हैं। आज 2 सितंबर को भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत और वरिष्ठ किसान नेताओं ने शामली, मुजफ्फरनगर और बागपत जिलों के 25 से अधिक प्रमुख गाँवों (सोरम, शाहपुर, बघरा, बुढ़ाना, बाबरी, छपरौली और फुगाना) में जनसंपर्क पंचायतें कीं और किसानों को महापंचायत में पहुंचने का न्योता दिया।
गाँव सोरम की ऐतिहासिक चौपाल पर किसानों को संबोधित करते हुए राकेश टिकैत ने कहा, “हरियाणा सरकार इस सप्ताह गन्ने का भाव ₹405 प्रति क्विंटल करने जा रही है, जबकि पंजाब में ₹410 की मांग चल रही है। उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा गन्ना उत्पादक राज्य है, लेकिन यहां पिछले साल सिर्फ ₹370 का भाव मिला। आज खाद, कीटनाशक, बीज, डीजल और मजदूरी सब महंगी हो चुकी है। हमारा साफ कहना है कि इस बार गन्ने का भाव कम से कम ₹450 प्रति क्विंटल होना चाहिए। 8 सितंबर को मुजफ्फरनगर से सरकार को साफ संदेश दिया जाएगा कि यदि 15 अक्टूबर से पहले भाव घोषित नहीं हुआ, तो पेराई शुरू नहीं होने देंगे।”
महापंचायत के लिए 500 से अधिक स्वयंसेवक तैनात
भाकियू युवा विंग के प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि जीआईसी मैदान में जुटने वाली हजारों किसानों की भीड़, लंगर व्यवस्था, पानी के टैंकरों और पार्किंग के सुचारू संचालन के लिए 500 से अधिक युवा किसान स्वयंसेवकों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अलावा उत्तराखंड के हरिद्वार, उधमसिंह नगर और हरियाणा के करनाल-पानीपत से भी किसान प्रतिनिधिमंडल ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से पहुंचेंगे।
किसान नेताओं ने स्पष्ट किया कि 8 सितंबर की महापंचायत में केवल गन्ना मूल्य ही नहीं, बल्कि किसानों के नलकूपों पर जबरन लगाए जा रहे 4G स्मार्ट मीटरों को उखाड़ने, पिछले सत्र के शेष बकाए पर 15% ब्याज की कानूनी वसूली और आवारा गोवंश से फसलों की सुरक्षा जैसे गंभीर मुद्दों पर निर्णायक प्रस्ताव पारित किए जाएंगे।
प्रशासन ने यातायात और सुरक्षा का खाका तैयार किया
मुजफ्फरनगर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) और नगर मजिस्ट्रेट ने आज शाम जीआईसी मैदान का स्थलीय निरीक्षण किया। महापंचायत के दिन शहर में भारी वाहनों और बसों के डायवर्जन की योजना बनाई जा रही है ताकि आम जनता को किसी प्रकार की असुविधा न हो। पुलिस प्रशासन ने किसान नेताओं से वार्ता कर शांतिपूर्ण और अनुशासित तरीके से कार्यक्रम संपन्न कराने का आग्रह किया है।
भाकियू के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि पंचायत पूरी तरह अनुशासित होगी लेकिन किसानों का हक लेकर ही शांत होगी। किसानों से अपील की गई है कि वे अपने पारंपरिक हुक्का और ट्रैक्टर के साथ समय पर मुजफ्फरनगर पहुंचें।
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