20 सितंबर के ट्रैक्टर मार्च को लेकर गांवों में महा-पंचायतें — 500 से अधिक गांवों में भाकियू की 'किसान संदेश यात्रा' शुरू, ₹450 भाव पर लामबंदी

मुख्य बिंदु (Quick Summary): उत्तर प्रदेश में आगामी पेराई सत्र के लिए गन्ने का राज्य परामर्शित मूल्य (SAP) ₹450 प्रति क्विंटल घोषित करने की मांग को लेकर भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) ने अपने आंदोलन की धार तेज कर दी है। आज 12 सितंबर को सिसौली मुख्यालय से भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 18 जिलों के लिए ‘किसान संदेश यात्रा’ के 24 प्रचार वाहनों को रवाना किया। मुजफ्फरनगर, शामली, मेरठ, बागपत और बिजनौर के 500 से अधिक गांवों में पंचायतें कर 20 सितंबर को जिला कलेक्ट्रेटों पर विशाल ट्रैक्टर मार्च निकालने का संकल्प लिया गया।
मुजफ्फरनगर/सिसौली (CaneUp ग्राउंड रिपोर्ट — 12 सितंबर 2026): उत्तर प्रदेश में पेराई सत्र 2026-27 की शुरुआत से पूर्व गन्ना मूल्य (SAP) को लेकर किसान आर-पार के मूड में आ चुके हैं। पड़ोसी राज्य हरियाणा में ₹405 और पंजाब में ₹410 प्रति क्विंटल का भाव तय होने के बाद यूपी के किसानों में इस बात को लेकर गहरा असंतोष है कि देश का सबसे बड़ा चीनी उत्पादक राज्य होने के बावजूद यहां अभी तक मूल्य वृद्धि की घोषणा नहीं की गई है।
भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के ऐतिहासिक मुख्यालय सिसौली में आज सुबह आयोजित विशाल किसान पंचायत में आगामी 20 सितंबर 2026 के ‘कलेक्ट्रेट ट्रैक्टर मार्च’ को ऐतिहासिक बनाने के लिए रणनीति को अंतिम रूप दिया गया।
भाकियू अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत के आशीर्वाद के बाद राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने 24 विशेष प्रचार रथों वाली ‘किसान संदेश यात्रा’ को हरी झंडी दिखाकर गांवों के भ्रमण पर रवाना किया।
🚜 500 से अधिक गांवों में ‘एक गांव - 20 ट्रैक्टर’ का फॉर्मूला
भाकियू कोर कमेटी ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 18 जिलों में जनसमर्थन जुटाने के लिए विस्तृत योजना लागू की है:
- प्रत्येक गांव से 20 ट्रैक्टर: प्रत्येक ग्राम पंचायत इकाई को जिम्मेदारी दी गई है कि 20 सितंबर की सुबह 9:00 बजे अपने गांव से कम से कम 20 सजे-धजे ट्रैक्टरों का काफिला लेकर जिला मुख्यालय की ओर कूच करें।
- हुक्का और तिरंगा यात्रा: ट्रैक्टरों पर तिरंगा झंडा और भाकियू का हरा झंडा लहराएगा, जबकि किसान अपने पारंपरिक हुक्के और राशन के साथ जिला मुख्यालयों पर पहुंचेंगे।
- 18 जिलों में कलेक्ट्रेट घेराव: मुजफ्फरनगर, शामली, मेरठ, सहारनपुर, बिजनौर, बागपत, बुलंदशहर, हापुड़, मुरादाबाद, संभल, अमरोहा, रामपुर, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, आगरा, बरेली और पीलीभीत के कलेक्ट्रेट पर शांतिपूर्ण महापड़ाव डाला जाएगा।
🗣️ राकेश टिकैत का दो-टूक बयान
सिसौली में किसानों को संबोधित करते हुए राकेश टिकैत ने कहा:
“सरकार यह मुगालता छोड़ दे कि किसान चुपचाप बैठ जाएगा। जब डीजल ₹90 पार है, डीएपी ₹1,350 की है, बिजली के नलकूपों पर मीटर थोपे जा रहे हैं और कीटनाशकों की कीमतें आसमान छू रही हैं, तो किसान ₹370 में गन्ना देकर कैसे जिंदा रहेगा? हरियाणा ₹405 दे सकता है तो यूपी ₹450 क्यों नहीं दे सकता? 20 सितंबर का ट्रैक्टर मार्च सरकार की आंखें खोलने के लिए निर्णायक होगा।”
खुफिया तंत्र और पुलिस प्रशासन अलर्ट
पश्चिमी यूपी के सभी जिलाधिकारियों और पुलिस कप्तानों ने 20 सितंबर के प्रस्तावित मार्च को देखते हुए सतर्कता बढ़ा दी है। स्थानीय अभिसूचना इकाई (LIU) को गांवों में हो रही बैठकों और ट्रैक्टरों की संख्या पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं, जबकि प्रशासन किसान नेताओं से वार्ता कर ज्ञापन लेने का प्रयास कर रहा है।
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