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28 सितंबर सिसौली महापंचायत: भाकियू महिला मोर्चा ने संभाली कमान — 100 गांवों में जनसंपर्क, गन्ने के बकाये पर माताओं-बहनों की आवाज

Aamir Raza Sep 23, 2026 3 min read
28 सितंबर सिसौली महापंचायत: भाकियू महिला मोर्चा ने संभाली कमान — 100 गांवों में जनसंपर्क, गन्ने के बकाये पर माताओं-बहनों की आवाज
अंतिम अपडेट: September 23, 2026 8:45 PM IST — यह आर्टिकल नियमित रूप से अपडेट किया जाता है।

मुजफ्फरनगर / सिसौली (CaneUp विशेष ब्यूरो — 23 सितंबर 2026 शाम): मुजफ्फरनगर के ऐतिहासिक किसान भवन सिसौली में 28 सितंबर को प्रस्तावित विशाल किसान महापंचायत अब केवल पुरुषों का आंदोलन नहीं रह गया है, बल्कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश की ग्रामीण महिलाओं ने भी इसमें अपनी निर्णायक भागीदारी का बिगुल फूंक दिया है। भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) की महिला विंग की वरिष्ठ नेत्रियों ने बुधवार को शामली, बुढ़ाना, चरथावल, बघरा और खतौली ब्लॉक के 100 से अधिक गांवों में ‘महिला किसान जनसंपर्क यात्रा’ की शुरुआत की।

महिला मोर्चा की प्रांतीय अध्यक्ष ने गांव-गांव चौपालों को संबोधित करते हुए कहा कि जब किसान खेत में पसीना बहाकर गन्ना उगाता है और मिलें उसका भुगतान दबा लेती हैं, तो घर की महिलाओं को रसोई चलाने और बच्चों की दवाई-पढ़ाई के लिए कर्जदारों के आगे हाथ फैलाने पड़ते हैं।


📢 महिला किसान चौपालों के 3 मुख्य ज्वलंत मुद्दे

  1. गन्ना भुगतान न मिलने से बच्चों की पढ़ाई और शादी संकट में: महिला नेत्रियों ने कहा कि शामली और मोदीनगर जैसी मिलों द्वारा पिछले एक साल से भुगतान न किए जाने के कारण किसान परिवारों में बेटियों के विवाह टल रहे हैं और स्कूलों से बच्चों के नाम काटे जा रहे हैं।
  2. बिजली चेकिंग के नाम पर महिलाओं का उत्पीड़न बंद हो: ग्रामीण क्षेत्रों में नलकूपों और घरों पर बिजली विभाग की विजिलेंस टीमों द्वारा सुबह-सुबह महिलाओं की मौजूदगी में की जाने वाली कथित छापेमारी और जबरन जुर्माना थोपने के खिलाफ कड़ा रोष जताया गया।
  3. गन्ना तौल में घटतौली से घर की आमदनी पर डाका: जब कांटे पर 2 क्विंटल गन्ना कम तौला जाता है, तो सीधे किसान के परिवार की महीने भर की दाल-सब्जी का पैसा कट जाता है।

🚜 28 सितंबर को महिला ट्रैक्टर मार्च का आकर्षण

भाकियू पदाधिकारियों ने बताया कि सिसौली महापंचायत में 500 से अधिक ट्रैक्टर स्वयं महिला किसान चलाकर सभा स्थल पर पहुंचेंगी।

  • सभा स्थल पर महिलाओं के बैठने के लिए अलग से वाटर-प्रूफ पंडाल और सुरक्षा दल तैनात किया गया है।
  • भोजन और लंगर की व्यवस्था के लिए गांवों से घी, आटा और गुड़ एकत्र करने का काम महिला टोलियों ने संभाल लिया है।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

प्रश्न 1: सिसौली महापंचायत में महिलाओं के लिए क्या विशेष व्यवस्था है?

उत्तर: किसान भवन सिसौली में महिलाओं के लिए अलग सुरक्षित दीर्घा, पेयजल, प्राथमिक चिकित्सा और सुरक्षा वालंटियर्स की विशेष तैनाती की गई है।

प्रश्न 2: महिला मोर्चा की मुख्य मांग क्या है?

उत्तर: समय पर शत-प्रतिशत गन्ना भुगतान, रसोई गैस और नलकूप बिजली की दरें आधी करना और महिला किसानों के नाम पर कृषि ऋणों पर ब्याज माफी।

प्रश्न 3: क्या अन्य जिलों से भी महिला किसान आ रही हैं?

उत्तर: जी हाँ! मुजफ्फरनगर और शामली के अलावा मेरठ, बागपत, बिजनौर, बुलंदशहर और हरियाणा के करनाल-पानीपत से भी महिला किसान प्रतिनिधि सिसौली पहुंच रही हैं।

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Aamir Raza
लेखक एवं मुख्य संपादक

Aamir Raza

संस्थापक एवं प्रधान संपादक — CaneUp.xyz। उत्तर प्रदेश गन्ना उद्योग, पर्ची कैलेंडर, SAP/MSP मूल्य नीति, ई-गन्ना पोर्टल और किसान अधिकारों पर 10+ वर्षों का जमीनी अनुभव।

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