31 अगस्त अंतिम तिथि! AgriStack Digital Farmer ID तुरंत बनवाएं वरना रुकेंगे PM Kisan व बीमा लाभ

31 अगस्त अंतिम तिथि! AgriStack Digital Farmer ID तुरंत बनवाएं वरना रुकेंगे PM Kisan व बीमा लाभ
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Aamir Raza - August 28, 2026
लखनऊ/चंडीगढ़ : डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन (Digital Agriculture Mission) को देश भर में 100% लागू करने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों ने सख्त रुख अपना लिया है। उत्तर प्रदेश, हरियाणा, मध्य प्रदेश और बिहार सरकार ने सभी कृषि भूमि धारक किसानों के लिए डिजिटल फार्मर आईडी (AgriStack Farmer ID) पंजीकृत कराने की अंतिम तिथि 31 अगस्त 2026 निर्धारित की है। 28 अगस्त 2026 को जारी उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के बाद कृषि सचिव ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि 1 सितंबर से बिना फार्मर आईडी वाले किसानों का डेटा फ्रीज कर दिया जाएगा, जिससे उन्हें PM Kisan सम्मान निधि, पीएम फसल बीमा योजना (PMFBY) और न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर सरकारी खरीद का लाभ नहीं मिल पाएगा।
क्या है AgriStack Digital Farmer ID और यह क्यों जरूरी है?
AgriStack भारत सरकार द्वारा निर्मित एक एकीकृत डिजिटल कृषि प्लेटफॉर्म है। जैसे प्रत्येक नागरिक के लिए आधार कार्ड और बैंक खाते के लिए पैन कार्ड अनिवार्य है, ठीक वैसे ही प्रत्येक किसान के लिए Digital Farmer ID उसकी कृषि पहचान बनेगी। इसमें किसान का आधार नंबर, मोबाइल नंबर, बैंक खाता और राजस्व विभाग के खसरा-खतौनी (Land Records) का 100% डिजिटल सत्यापन दर्ज होता है।
डिजिटल फार्मर आईडी से किसानों को मिलने वाले 5 बड़े लाभ
- बिना बिचौलिए के सीधा लाभ (100% Direct Benefit Transfer): सभी सरकारी योजनाओं की सब्सिडी सीधे बैंक खाते में आएगी।
- झंझट-मुक्त फसल बीमा (Easy Crop Insurance): प्राकृतिक आपदा या सूखा पड़ने पर क्लेम सेटलमेंट 7 दिनों में होगा।
- आसान कृषि ऋण (Instant KCC Loan): बैंकों से Kisan Credit Card Loan लेने के लिए बार-बार खतौनी जमा नहीं करनी पड़ेगी।
- MSP पर तुरंत खरीद: मक्का, धान, गेहूं की मंडी बिक्री में पारदर्शी टोकन सिस्टम।
- CaneUp गन्ना सट्टा मैपिंग: उत्तर प्रदेश के गन्ना किसानों का सट्टा और पर्ची कैलेंडर सुरक्षित रहेगा।
AgriStack Farmer ID ऑनलाइन बनाने की 3 आसान विधियां
| तरीका (Method) | प्रक्रिया (Steps) | आवश्यक दस्तावेज |
|---|---|---|
| 1. ऑनलाइन स्वयं बनाएं | upfr.agristack.gov.in पर जाकर आधार OTP द्वारा लॉगिन करें | आधार, खतौनी, मोबाइल |
| 2. जनसेवा केंद्र (CSC) | नजदीकी CSC सेंटर पर जाकर बायोमेट्रिक (अंगूठा) लगाएं | आधार कार्ड |
| 3. कैंप/तहसील | अपने गांव के कृषि पर्यवेक्षक या लेखपाल से संपर्क करें | जमीन के कागज |
राज्यवार रजिस्ट्री की स्थिति: 40% काम अभी भी पेंडिंग
केंद्रीय कृषि मंत्रालय की समीक्षा के अनुसार, देश के 14 करोड़ किसानों में से लगभग 40% बोए गए रकबे की रजिस्ट्री अभी पेंडिंग है। हरियाणा 92% काम पूरा करके शीर्ष पर है, जबकि उत्तर प्रदेश में 78% रजिस्ट्री हो चुकी है। उप्र के गन्ना किसानों का डेटा CaneUp Enquiry Portal पर पहले से दर्ज होने के कारण सत्यापन तेजी से जारी है।
31 अगस्त से पहले करें ये काम
यदि आपने अभी तक अपनी डिजिटल फार्मर आईडी नहीं बनवाई है, तो आज ही अपने मोबाइल से पोर्टल पर जाएं या नजदीकी जनसेवा केंद्र पर जाकर पंजीकरण पूरा कराएं।
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