गन्ने का भाव ₹600/क्विंटल करने की मांग, किसान संगठनों ने सरकार को दिया 15 दिन का अल्टीमेटम

गन्ने का भाव ₹600/क्विंटल करने की मांग, किसान संगठनों ने सरकार को दिया 15 दिन का अल्टीमेटम
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Aamir Raza - August 28, 2026
मेरठ/मुजफ्फरनगर : पेराई सत्र 2026-27 के आगाज से ठीक पहले उत्तर प्रदेश में गन्ने के भाव (SAP) को लेकर किसान राजनीति उफान पर पहुंच गई है। 28 अगस्त 2026 को मुजफ्फरनगर की ऐतिहासिक तितावी चीनी मिल मैदान में आयोजित विशाल किसान महापंचायत में भारतीय किसान यूनियन (BKU) और राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन ने राज्य सरकार से गन्ने का राज्य परामर्शित मूल्य (SAP) ₹370 से बढ़ाकर ₹600 प्रति क्विंटल करने की जोरदार मांग उठाई है। किसान नेताओं ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास कर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को 15 दिनों का अल्टीमेटम दिया है।
गन्ने का भाव ₹600/क्विंटल क्यों मांग रहे हैं किसान?
किसान महापंचायत को संबोधित करते हुए चौधरी राकेश टिकैत ने कहा कि पिछले तीन वर्षों में कृषि इनपुट लागत में बेतहाशा बढ़ोतरी हुई है, लेकिन गन्ने के भाव में मामूली वृद्धि की गई है। किसानों का कहना है कि डीजल ₹90 के पार है, यूरिया और डीएपी (DAP) की बोरी महंगी हो चुकी है, और Red Rot Pest Treatment पर प्रति बीघा ₹2,500 से अधिक खर्च हो रहा है।
विभिन्न राज्यों के गन्ने के भाव की तुलना
| राज्य (State) | वर्तमान गन्ने का भाव (SAP/FRP) | किसान संगठनों की मांग |
|---|---|---|
| पंजाब (Punjab) | ₹391 / क्विंटल | ₹450 / क्विंटल |
| हरियाणा (Haryana) | ₹386 / क्विंटल | ₹450 / क्विंटल |
| उत्तर प्रदेश (UP) | ₹400 / क्विंटल (अगेती) | ₹600 / क्विंटल (प्रस्तावित) |
| केंद्र सरकार (FRP) | ₹365 / क्विंटल (10.25% Rec) | ₹500 / क्विंटल |
1 एकड़ गन्ने की खेती का वास्तविक लागत गणित
कृषि विशेषज्ञों और किसान प्रतिनिधियों द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार 1 एकड़ गन्ने की खेती का खर्च:
- बुवाई व बीज लागत (Seed & Sowing): ₹14,000
- खाद, उर्वरक व कीटनाशक (Fertilizers): ₹16,500
- सिंचाई व छिलाई मजदूरी (Labor & Irrigation): ₹22,000
- परिवहन व ट्रॉलियों का भाड़ा (Transport): ₹8,500
- कुल लागत (Total Cost): ₹61,000 प्रति एकड़
यदि औसत पैदावार 300 क्विंटल प्रति एकड़ मानी जाए और भाव ₹370 रहे, तो किसान को लागत निकालने के बाद बमुश्किल ₹50,000 का वार्षिक लाभ होता है, जो 12 महीने की कड़ी मेहनत के हिसाब से अत्यधिक कम है।
सरकार का रुख और भावी आंदोलन
गन्ना विकास विभाग के अधिकारियों का कहना है कि राज्य गन्ना मूल्य परामर्श समिति जल्द ही सभी किसान यूनियनों और चीनी मिल एसोसिएशनों के साथ बैठक करके नए सत्र के लिए SAP दरों का निर्धारण करेगी। हालांकि, किसान नेताओं ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि 15 सितंबर तक ₹600/क्विंटल की मांग पर विचार नहीं हुआ, तो संपूर्ण पश्चिमी उत्तर प्रदेश में चीनी मिलों का घेराव और रेल रोको आंदोलन शुरू किया जाएगा।
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