होम › 29 अगस्त से लखीमपुर खीरी में किसानों का …

29 अगस्त से लखीमपुर खीरी में किसानों का अनिश्चितकालीन महाआंदोलन — 30 साल के बकाया ब्याज की मांग!

Aamir Raza Aamir Raza • Aug 28, 2026 • 3 min read
Google पर हमें फ़ॉलो करें
शेयर करें:
29 अगस्त से लखीमपुर खीरी में किसानों का अनिश्चितकालीन महाआंदोलन — 30 साल के बकाया ब्याज की मांग!
अंतिम अपडेट: August 28, 2026 4:00 PM IST — यह आर्टिकल नियमित रूप से अपडेट किया जाता है।

29 अगस्त से लखीमपुर खीरी में किसानों का अनिश्चितकालीन महाआंदोलन — 30 साल के बकाया ब्याज की मांग!

By
Aamir Raza - August 28, 2026

लखीमपुर खीरी : उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े गन्ना उत्पादक जिले लखीमपुर खीरी में किसान आंदोलनों का नया इतिहास रचने जा रहा है। संयुक्त किसान मोर्चा (SKM), भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) और राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के बैनर तले हजारों गन्ना किसानों ने 29 अगस्त 2026 से कलेक्ट्रेट परिसर और बजाज चीनी मिलों के सामने अनिश्चितकालीन महाधरना शुरू करने का शंखनाद किया है। किसानों की मुख्य मांग पिछले 30 वर्षों के दौरान बजाज ग्रुप की चीनी मिलों (गोला गोकर्णनाथ, पलिया कलां व खंभारखेड़ा) द्वारा किए गए विलंबित गन्ना मूल्य भुगतान पर 15% प्रतिवर्ष की दर से बकाया ब्याज (Interest Amount) का तत्काल भुगतान करना है।

कानून क्या कहता है? धारा 17(3) का ऐतिहासिक संदर्भ

उत्तर प्रदेश गन्ना संभरण एवं मूल्य विनियमन अधिनियम 1953 की धारा 17(3) के अनुसार, चीनी मिलों को गन्ने की आपूर्ति के 14 दिनों के भीतर किसानों के खातों में भुगतान करना कानूनी रूप से अनिवार्य है। यदि मिलें 14 दिनों की निर्धारित अवधि के बाद भुगतान करती हैं, तो उन्हें विलंब अवधि के लिए 15 प्रतिशत वार्षिक की दर से ब्याज देना पड़ेगा।

किसान नेताओं का दावा है कि अकेले लखीमपुर खीरी जिले की बजाज मिलों पर पिछले 3 दशकों का केवल ब्याज का बकाया ₹250 करोड़ रुपये से अधिक बैठता है, जिसकी कानूनी लड़ाई उच्च न्यायालय (High Court) तक लड़ी जा चुकी है।

लखीमपुर किसान महाआंदोलन की 4 मुख्य मांगें

  1. ₹250 करोड़ बकाए ब्याज का तत्काल भुगतान: 15% की दर से गणना करके किसानों के खातों में DBT ट्रांसफर।
  2. डिफ़ॉल्टर मिलों की चीनी व एथेनॉल नीलाम: बकाया न चुकाने पर बजाज मिलों की संपत्तियों की कुर्की।
  3. सत्र 2026-27 के लिए समयबद्ध पर्ची: CaneUp Parchi Calendar में पारदर्शिता।
  4. बजाज मिलों को नया गन्ना न देने की चेतावनी: यदि भुगतान न हुआ तो किसान पड़ोसी मिलों को गन्ना डायवर्ट करेंगे।

आंदोलन का जिलेवार प्रभाव और आंकड़े

चीनी मिल का नामबकाया ब्याज अनुमान (₹)प्रभावित किसान संख्या
बजाज हिंदुस्थान गोला₹110 करोड़45,000 किसान
बजाज हिंदुस्थान पलिया₹85 करोड़38,000 किसान
बजाज हिंदुस्थान खंभारखेड़ा₹55 करोड़27,000 किसान
कुल योग₹250 करोड़1,10,000 किसान

जिला प्रशासन और गन्ना विभाग का रुख

लखीमपुर खीरी के जिलाधिकारी (DM) और उप गन्ना आयुक्त ने किसान प्रतिनिधियों के साथ आपातकालीन वार्ता की है। प्रशासन ने मिलों द्वारा बेची जा रही चीनी और एथेनॉल से प्राप्त होने वाले राजस्व का 85% एस्क्रो अकाउंट में जमा कराने का आश्वासन दिया है। हालांकि, किसान संगठनों ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक ब्याज भुगतान की लिखित समयसीमा और शासनादेश जारी नहीं होता, अनिश्चितकालीन धरना समाप्त नहीं होगा।

लखीमपुर खीरी किसान आंदोलन, बजाज चीनी मिल भुगतान, कानून की धारा 17(3) और CaneUp की हर लाइव अपडेट के लिए CaneUp.xyz विजिट करें!

🌾 CaneUp किसान सहायता पोर्टल

अपनी समस्या या सवाल दर्ज करें

गन्ना पर्ची, सट्टा संशोधन, सर्वे, ई-गन्ना ऐप या भुगतान में कोई भी दिक्कत हो, नीचे अपनी जानकारी भरें। हमारी टीम समाधान में आपकी पूरी मदद करेगी।

1 जिला व मिल चुनें
2 गांव व नाम डालें
3 समस्या लिखकर भेजें
उत्तर प्रदेश का अपना जनपद चुनें
आपके जिले से संबंधित चीनी मिलें
इस नंबर पर आपको पर्ची और भुगतान के व्हाट्सएप अपडेट्स मिलेंगे
जितना स्पष्ट लिखेंगे, उतनी जल्दी सटीक समाधान मिलेगा

🔒 आपकी निजी जानकारी 100% सुरक्षित है। हम कोई स्पैम नहीं भेजते। केवल आपकी मिल से जुड़े आधिकारिक अपडेट्स शेयर किए जाते हैं।

✓
Aamir Raza
लेखक एवं मुख्य संपादक

Aamir Raza

संस्थापक एवं प्रधान संपादक — CaneUp.xyz। उत्तर प्रदेश गन्ना उद्योग, पर्ची कैलेंडर, SAP/MSP मूल्य नीति, ई-गन्ना पोर्टल और किसान अधिकारों पर 10+ वर्षों का जमीनी अनुभव।

यह आर्टिकल कैसा लगा?

📬 गन्ना अपडेट पाएं

MSP रेट, पर्ची कैलेंडर, सरकारी योजनाएं — सीधे आपके इनबॉक्स में