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PM Kisan घोटाला: कुंडा तहसील लॉगिन से ₹60 करोड़ का फर्जीवाड़ा, FIR दर्ज होते ही अधिकारियों में हड़कंप

Randhir Patil Randhir Patil Aug 28, 2026 3 min read
PM Kisan घोटाला: कुंडा तहसील लॉगिन से ₹60 करोड़ का फर्जीवाड़ा, FIR दर्ज होते ही अधिकारियों में हड़कंप
अंतिम अपडेट: August 28, 2026 4:00 PM IST — यह आर्टिकल नियमित रूप से अपडेट किया जाता है।

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PM Kisan घोटाला: कुंडा तहसील लॉगिन से ₹60 करोड़ का फर्जीवाड़ा, FIR दर्ज होते ही अधिकारियों में हड़कंप

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Randhir Patil - August 28, 2026

प्रयागराज/कुंडा : प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM-KISAN) में उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले की ऐतिहासिक कुंडा तहसील से एक चौंकाने वाला वित्तीय घोटाला सामने आया है। 28 अगस्त 2026 को कृषि विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों की संयुक्त जांच के बाद अज्ञात जालसाजों और तत्कालीन विभागीय कर्मचारियों के खिलाफ ₹60 करोड़ से अधिक के गबन की प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई गई है। जांच एजेंसियों के अनुसार, तहसील स्तर के आधिकारिक यूजर आईडी और पासवर्ड का गलत इस्तेमाल करके हज़ारों ऐसे अपात्र व्यक्तियों के खातों में सरकारी धनराशि ट्रांसफर कर दी गई, जिनके पास एक बित्ता भी कृषि भूमि नहीं है।

कैसे अंजाम दिया गया ₹60 करोड़ का योजनाबद्ध घोटाला?

प्रतापगढ़ पुलिस और आर्थिक अपराध शाखा (EOW) की शुरुआती तफ्तीश में उजागर हुआ है कि फर्जीवाड़े को अंजाम देने के लिए PM Kisan पोर्टल के विशेष ‘Direct Entry System’ का सहारा लिया गया। जालसाजों ने बिना राजस्व विभाग के खसरा-खतौनी सत्यापन (Land Records Verification) के ही फ़र्ज़ी आधार नंबरों को बैंक खातों से मैपिंग (Aadhaar Seeding) करवा दिया।

ऑडिट रिपोर्ट के मुताबिक, कुंडा तहसील क्षेत्र में पिछले 18 महीनों के दौरान लगभग 18,500 से अधिक संदिग्ध खाते जोड़े गए थे। जब केंद्र सरकार के सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन प्रणाली (PFMS) द्वारा स्वचालित ऑडिट हुआ, तो पाया गया कि इनमें से 70% खातों का नाम और आधार डेटा मेल नहीं खा रहा था। इसके तुरंत बाद जिला मजिस्ट्रेट (DM) के निर्देश पर जांच कमेटी गठित की गई।

घोटाला उजागर होने के मुख्य 4 बिंदु

  1. Direct Entry Option का दुरुपयोग: बिना तहसीलदार की डिजिटल सिग्नेचर (DSC) अप्रूवल के सीधे डेटाबेस में प्रविष्टि।
  2. Fake Land Records: खतौनी संख्या में फर्जी गाटा नंबर दर्ज करके अपात्रों को किसान घोषित किया गया।
  3. Ghost Beneficiaries: एक ही मोबाइल नंबर से सैकड़ों बैंक खाते लिंक पाए गए।
  4. Immediate Bank Freeze: मामले का संज्ञान लेते ही संबंधित 18,500 खातों के लेन-देन पर रोक लगा दी गई है।

घोटाला बनाम वास्तविक किसान: आंकड़े का विश्लेषण

विवरण (Parameter)सरकारी मानक (Standard)घोटाले में दर्ज डेटा (Fraud Data)
कुल प्रभावित खाते0 (पात्र किसान)18,500+ संदिग्ध खाते
अनुमानित गबन राशि-₹60.45 करोड़ रुपये
जांच एजेंसीEOW व जिला साइबर सेलसंयुक्त विशेष जांच दल (SIT)
रिकवरी प्रक्रिया100% रिकवरी नोटिसधारा 420, 467, 468, 120B IPC

वास्तविक किसानों के लिए एडवाइजरी: अपना स्टेटस कैसे जांचें?

कृषि विभाग के अधिकारियों ने राज्य के सभी पात्र गन्ना व सामान्य किसानों को आश्वस्त किया है कि इस घोटाले का असर किसी भी वैध लाभार्थी की आगामी 24वीं किश्त पर नहीं पड़ेगा। यदि आप अपना स्टेटस चेक करना चाहते हैं, तो निम्नलिखित स्टेप्स का पालन करें:

  1. आधिकारिक वेबसाइट pmkisan.gov.in पर जाएं।
  2. ‘Know Your Status’ विकल्प पर क्लिक करें और अपना Registration Number दर्ज करें।
  3. सुनिश्चित करें कि आपकी Land Seeding (YES), e-KYC Status (YES) और Aadhaar Bank Bank Seeding (YES) प्रदर्शित हो रही है।
  4. यदि आपके सट्टा विवरण में कोई त्रुटि है, तो CaneUp Enquiry Portal पर जाकर अपना किसान कोड सत्यापित कर लें।

विशेषज्ञों और किसान नेताओं की प्रतिक्रिया

भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ताओं का कहना है कि निचले स्तर पर भ्रष्टाचार के कारण पात्र किसान दफ़्तरों के चक्कर काटने को मजबूर हैं, जबकि जालसाज करोड़ों का गबन कर रहे हैं। उन्होंने सरकार से मांग की है कि सभी तहसील लॉगिन की तुरंत फॉरेंसिक जांच कराई जाए और बकाएदारों की संपत्तियां कुर्क करके रिकवरी की जाए।

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Randhir Patil
लेखक

Randhir Patil

गन्ना उद्योग विशेषज्ञ — ChiniMandi पर 425+ लेख। गन्ना खेती, शुगर मिल, MSP रेट, सरकारी योजनाओं पर विश्वसनीय जानकारी।

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