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15 अक्टूबर से शुरू होंगी चीनी मिलें! ISMA व NFCSF का अर्ली क्रशिंग प्रस्ताव सरकार ने स्वीकार किया

Aamir Raza Aamir Raza • Aug 28, 2026 • 3 min read
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15 अक्टूबर से शुरू होंगी चीनी मिलें! ISMA व NFCSF का अर्ली क्रशिंग प्रस्ताव सरकार ने स्वीकार किया
अंतिम अपडेट: August 28, 2026 4:00 PM IST — यह आर्टिकल नियमित रूप से अपडेट किया जाता है।

15 अक्टूबर से शुरू होंगी चीनी मिलें! ISMA व NFCSF का अर्ली क्रशिंग प्रस्ताव सरकार ने स्वीकार किया

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Aamir Raza - August 28, 2026

लखनऊ/पुणे : आगामी पेराई सत्र 2026-27 को लेकर देश के गन्ना और चीनी उद्योग से बहुत बड़ी खबर सामने आई है। भारतीय चीनी मिल संघ (ISMA) और नेशनल फेडरेशन ऑफ कोऑपरेटिव शुगर फैक्ट्रीज (NFCSF) द्वारा प्रस्तुत ‘अर्ली क्रशिंग’ प्रस्ताव को स्वीकार करते हुए उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र सरकार ने चीनी मिलों की पेराई समय से 15 दिन पहले शुरू कराने का फैसला किया है। 28 अगस्त 2026 को जारी सरकारी अधिसूचना के अनुसार, उत्तर प्रदेश की 120 से अधिक चीनी मिलों में 15 अक्टूबर 2026 से पेराई सत्र का शुभारंभ हो जाएगा।

अर्ली क्रशिंग (Early Crushing) का फैसला क्यों लिया गया?

आमतौर पर उत्तर भारत में चीनी मिलों का परिचालन नवंबर के प्रथम या द्वितीय सप्ताह में शुरू होता है। लेकिन इस वर्ष दो प्रमुख कारणों से अर्ली क्रशिंग का फैसला लिया गया है:

  1. त्योहारी सीजन में चीनी आपूर्ति बढ़ाना: अक्टूबर-नवंबर में चीनी की मांग सर्वकालिक उच्च स्तर पर रहती है। नई चीनी बाजार में आने से कीमतों में स्थिरता आएगी।
  2. गेहूं की अगेती बुवाई (Early Wheat Sowing): समय पर खेत खाली होने से किसान 15 नवंबर से पहले अपनी रबी फसल (गेहूं व सरसों) की बुवाई पूरी कर सकेंगे, जिससे प्रति हेक्टेयर उत्पादन में 15% की बढ़ोतरी होती है।

उत्तर प्रदेश की चीनी मिलों का पेराई टाइमटेबल

गन्ना विकास आयुक्त लखनऊ द्वारा जारी गाइडलाइन के अनुसार, मिलों को तीन चरणों में चालू किया जाएगा:

चरण (Phase)पेराई प्रारंभ तिथिक्षेत्र व जिले
प्रथम चरण (Early)15 अक्टूबर 2026पश्चिमी यूपी (मेरठ, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, शामली)
द्वितीय चरण22 अक्टूबर 2026मध्य यूपी (लखीमपुर खीरी, सीतापुर, बरेली, पीलीभीत)
तृतीय चरण28 अक्टूबर 2026पूर्वी यूपी (गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर, बस्ती)

किसानों के लिए पर्ची और सट्टा एडवाइजरी

पेराई सत्र 15 अक्टूबर से शुरू होने के कारण गन्ना समितियों ने सट्टा प्री-कैलेंडर और पर्ची निर्गमन की प्रक्रिया को तेज कर दिया है। गन्ना किसानों को 30 अगस्त 2026 से पहले निम्नलिखित कार्य पूरे करने की सलाह दी गई है:

  • Survey Data Checking: CaneUp Enquiry Portal पर जाकर अपने पौधा व पेड़ी का रकबा जांच लें।
  • Online Ghosna Patra: यदि आपने अभी तक घोषणा पत्र नहीं भरा है, तो उसे ऑनलाइन जमा करके अपना सट्टा चालू रखें।
  • Supply Ticket Verification: प्रथम पखवाड़े की पर्चियों का मिलान अपने मोबाइल के e-Ganna App पर कर लें।

चीनी मिल मालिकों को प्रशासनिक निर्देश

उत्तर प्रदेश के गन्ना मंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि पेराई शुरू करने से पहले सभी चीनी मिलों को अपने इलेक्ट्रॉनिक तौल कांटों का नाप-तौल विभाग द्वारा सत्यापन (Stamping) कराना अनिवार्य होगा। इसके अतिरिक्त, पिछले सत्र का 100% बकाया गन्ना मूल्य भुगतान न करने वाली मिलों को पेराई लाइसेंस जारी नहीं किया जाएगा।

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Aamir Raza
लेखक एवं मुख्य संपादक

Aamir Raza

संस्थापक एवं प्रधान संपादक — CaneUp.xyz। उत्तर प्रदेश गन्ना उद्योग, पर्ची कैलेंडर, SAP/MSP मूल्य नीति, ई-गन्ना पोर्टल और किसान अधिकारों पर 10+ वर्षों का जमीनी अनुभव।

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