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22.50 लाख टन चीनी मासिक कोटा जारी, केंद्र का चीनी मिलों को सख्त निर्देश—समय पर न बेचने पर होगी कड़ी कार्रवाई

Randhir Patil Randhir Patil Aug 28, 2026 3 min read
22.50 लाख टन चीनी मासिक कोटा जारी, केंद्र का चीनी मिलों को सख्त निर्देश—समय पर न बेचने पर होगी कड़ी कार्रवाई
अंतिम अपडेट: August 28, 2026 4:00 PM IST — यह आर्टिकल नियमित रूप से अपडेट किया जाता है।

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22.50 लाख टन चीनी मासिक कोटा जारी, केंद्र का चीनी मिलों को सख्त निर्देश—समय पर न बेचने पर होगी कड़ी कार्रवाई

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Randhir Patil - August 28, 2026

नई दिल्ली : त्योहारी सीजन से ठीक पहले घरेलू बाजार में चीनी की पर्याप्त उपलब्धता और कीमतों में स्थिरता बनाए रखने के लिए खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग (DFPD) ने अगस्त 2026 के लिए 22.50 लाख मीट्रिक टन (LMT) का मासिक चीनी कोटा जारी किया है। 28 अगस्त 2026 को देश भर की 500 से अधिक चीनी मिलों को भेजे गए कड़े परिपत्र (Circular) में केंद्र सरकार ने चेतावनी दी है कि जो मिलें अपने निर्धारित बिक्री कोटे (Monthly Sales Quota) को समय सीमा के भीतर बाजार में नहीं जारी करेंगी, उनके खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

चीनी कोटे के पीछे की वजह और बाजार पर असर

पिछले दो महीनों में देश के थोक और खुदरा बाजारों में चीनी की कीमतों में 36 से 40 प्रतिशत तक की तेज वृद्धि देखी गई है। खुदरा बाजार में चीनी के दाम ₹55 से ₹68 प्रति किलोग्राम तक पहुंच गए हैं। आगामी रक्षाबंधन, जन्माष्टमी, गणेश चतुर्थी और दिवाली के त्योहारों को देखते हुए केंद्र सरकार किसी भी स्थिति में कृत्रिम किल्लत (Artificial Shortage) या जमाखोरी बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है।

खाद्य मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, यदि कोई चीनी मिल अपना अगस्त का आवंटित कोटा 31 अगस्त 2026 तक बाजार में बेचने में विफल रहती है, तो उसके अगले महीने सितंबर के कोटे में से बची हुई मात्रा को घटा दिया जाएगा (Quota Reduction Penalty)।

अगस्त 2026 चीनी कोटा: एक नज़र में आंकड़े

राज्य/क्षेत्र (Region)आवंटित चीनी कोटा (LMT)मिलों की संख्या
उत्तर प्रदेश (UP)8.20 लाख मीट्रिक टन120 मिलें
महाराष्ट्र (Maharashtra)7.15 लाख मीट्रिक टन205 मिलें
कर्नाटक (Karnataka)3.10 लाख मीट्रिक टन72 मिलें
अन्य राज्य (Others)4.05 लाख मीट्रिक टन110 मिलें
कुल राष्ट्रीय कोटा22.50 लाख मीट्रिक टन507 मिलें

एथेनॉल ब्लेंडिंग vs चीनी की उपलब्धता

कई मीडिया रिपोर्टों में दावा किया जा रहा था कि गन्ने के रस से एथेनॉल बनाने के कारण चीनी का स्टॉक कम हुआ है। हालांकि, खाद्य मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि भारत के पास वर्तमान में 179 लाख क्विंटल से अधिक चीनी का सुरक्षित भंडार (Buffer Stock) मौजूद है। सरकार ने E20 Ethanol Target 2026 को समय से 5 साल पहले हासिल कर लिया है, और मक्का से एथेनॉल उत्पादन बढ़ाकर गन्ने पर निर्भरता कम की गई है।

थोक व्यापारियों पर स्टॉक लिमिट लागू

इसके अलावा, सरकार ने 1 सितंबर 2026 से चीनी के थोक व्यापारियों, डीलरों और बड़ी रिटेल चेन पर सख्त स्टॉक लिमिट लागू करने का निर्देश दिया है:

गन्ना किसानों पर क्या होगा असर?

चीनी बाजार में कीमतें मजबूत रहने से चीनी मिलों की तरलता (Liquidity) बनी रहेगी। इससे चीनी मिलें किसानों का बकाया गन्ना भुगतान (Sugarcane Arrears) तेजी से चुका सकेंगी। उत्तर प्रदेश के गन्ना विकास विभाग ने भी मिलों को निर्देश दिया है कि चीनी बिक्री से प्राप्त होने वाली 85% धनराशि को सीधे एस्क्रो अकाउंट (Escrow Account) में टैग किया जाए ताकि किसानों के बैंक खातों में ganna bhugtan status तुरंत अपडेट हो सके।

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Randhir Patil
लेखक

Randhir Patil

गन्ना उद्योग विशेषज्ञ — ChiniMandi पर 425+ लेख। गन्ना खेती, शुगर मिल, MSP रेट, सरकारी योजनाओं पर विश्वसनीय जानकारी।

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