गन्ना भुगतान में हो रही देरी को लेकर सरकार ने स्थिति स्पष्ट की है।
अधिकारियों के अनुसार, भुगतान प्रक्रिया जारी है और इसे तेज करने के निर्देश दिए गए हैं।
CaneUP Latest News के तहत गन्ना किसानों के लिए एक अहम जानकारी सामने आई है।
भुगतान में देरी को लेकर बढ़ती शिकायतों के बीच सरकार ने कहा है कि
किसी भी किसान का भुगतान जानबूझकर नहीं रोका जा रहा है।
देरी के पीछे मुख्य कारण बैंक प्रोसेस, मिल स्तर की औपचारिकताएँ और तकनीकी अपडेट बताए गए हैं।
सरकार ने क्या कहा?
सरकारी स्तर पर जारी बयान में कहा गया है कि गन्ना भुगतान की
निगरानी रोजाना की जा रही है।
जिन चीनी मिलों पर बकाया ज्यादा है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर भुगतान करने के निर्देश दिए गए हैं।
- पुराने बकाये को पहले क्लियर करने पर फोकस
- मिल-वार भुगतान रिपोर्ट की नियमित समीक्षा
- बैंक और पोर्टल प्रोसेस में तेजी
भुगतान में देरी क्यों हो रही है?
अधिकारियों के अनुसार, भुगतान में देरी के पीछे कई व्यावहारिक कारण हैं:
फाइल अप्रूवल और ट्रांजैक्शन में समय
भुगतान फाइल भेजने में देरी
CaneUP और e-Ganna सिस्टम में तकनीकी बदलाव
किस किसानों को पहले भुगतान मिल सकता है?
जिन किसानों की तौल पूरी हो चुकी है,
जिनकी चीनी मिलों ने भुगतान फाइल बैंक को भेज दी है
और जिनका बैंक रिकॉर्ड सही है,
उन्हें प्राथमिकता के आधार पर भुगतान मिल सकता है।
किसान क्या करें?
- CaneUP पोर्टल या e-Ganna App से नियमित स्टेटस चेक करें
- अपनी गन्ना समिति या मिल कार्यालय से संपर्क में रहें
- SMS पर पूरी तरह निर्भर न रहें
👉 CaneUP भुगतान स्टेटस देखें
(अगर सर्वर स्लो हो तो कुछ समय बाद दोबारा प्रयास करें)
❓ सवाल–जवाब
क्या सरकार ने कोई अंतिम तारीख दी है?
अभी कोई तय तारीख घोषित नहीं की गई है, लेकिन भुगतान को प्राथमिकता में रखा गया है।
अगर बहुत देर से भुगतान रुका है?
किसान अपनी गन्ना समिति या मिल कार्यालय में लिखित जानकारी ले सकते हैं।
CaneUP और गन्ना विभाग से जुड़े आधिकारिक अपडेट पर नजर।

आमिर रज़ा पिछले 4 वर्षों से CaneUP.xyz वेबसाइट का संचालन कर रहे हैं।
वे गन्ना किसानों से जुड़े विषयों जैसे भुगतान, रिकॉर्ड, पोर्टल अपडेट और खेती से संबंधित जानकारी को सरल भाषा में किसानों तक पहुंचाने का काम कर रहे हैं।
अब तक 50 लाख से ज्यादा किसान CaneUP.xyz के माध्यम से सही और भरोसेमंद जानकारी प्राप्त कर चुके हैं।
लेखक का उद्देश्य किसानों तक समय पर, स्पष्ट और उपयोगी जानकारी पहुंचाना है, ताकि वे सही निर्णय ले सकें और किसी भी तरह की अफवाह से बच सकें।
