केंद्रीय कैबिनेट का भरोसा — शरदकालीन गन्ना बुवाई के लिए ₹1,350/बोरी पर डीएपी की निर्बाध आपूर्ति रहेगी जारी

नई दिल्ली / लखनऊ: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आज शाम आयोजित आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (CCEA) की उच्चस्तरीय बैठक में देश भर के किसानों को आगामी रबी और 15 सितंबर से शुरू हो रही शरदकालीन गन्ना बुवाई सीजन के लिए फॉस्फेटिक और पोटाशिक (P&K) उर्वरकों की निर्बाध उपलब्धता की व्यापक समीक्षा की गई। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने देश के करोड़ों किसानों को भरोसा दिलाया है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे माल (रॉक फॉस्फेट और अमोनिया) की कीमतों में तेजी के बावजूद किसानों के लिए डीएपी (DAP - डाइ-अमोनियम फॉस्फेट) की खुदरा कीमत ₹1,350 प्रति 50 किलोग्राम बोरी पर पूरी तरह स्थिर रखी जाएगी और सरकार सब्सिडी का पूरा अतिरिक्त बोझ स्वयं वहन करेगी।
केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री ने कैबिनेट ब्रीफिंग में बताया कि चालू वर्ष के लिए देश में 55 लाख मीट्रिक टन डीएपी और 25 लाख मीट्रिक टन एमओपी (म्यूरेट ऑफ पोटाश) का रणनीतिक बफर स्टॉक विभिन्न प्रमुख बंदरगाहों और राज्यों के केंद्रीय वेयरहाउसों में सुरक्षित कर लिया गया है।
उत्तर प्रदेश के सहकारी गोदामों में 12 लाख टन डीएपी का स्टॉक तैयार
उत्तर प्रदेश के कृषि एवं सहकारिता विभाग के प्रमुख सचिव ने लखनऊ में बताया कि राज्य की 7,500 प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (PACS), इफको (IFFCO) और कृभको (KRIBHCO) के किसान सेवा केंद्रों पर शरदकालीन गन्ना बुवाई के लिए पर्याप्त खाद पहुंचाई जा चुकी है:
| उर्वरक प्रकार | सब्सिडी के बाद किसान मूल्य (प्रति 50 kg बोरी) | उत्तर प्रदेश में उपलब्ध बफर स्टॉक | शरदकालीन गन्ने में उपयोगिता |
|---|---|---|---|
| डीएपी (DAP 18:46:0) | ₹1,350 | 12.50 लाख मीट्रिक टन | बुवाई के समय जड़ों का त्वरित विकास |
| एनपीके (NPK 12:32:16) | ₹1,470 | 6.80 लाख मीट्रिक टन | संतुलित पोषण (नाइट्रोजन, फास्फोरस, पोटाश) |
| एमओपी (MOP 0:0:60) | ₹1,650 | 4.20 लाख मीट्रिक टन | तने की मोटाई व चीनी रिकवरी वृद्धि |
| यूरिया (Neem Coated Urea) | ₹266.50 (45 kg) | 18.00 लाख मीट्रिक टन | बढ़वार और क्लोरोफिल संवर्धन |
कालाबाजारी और टैगिंग रोकने के लिए सख्त निर्देश
कृषि विभाग ने सभी जिला कृषि अधिकारियों और डीएम को सख्त आदेश जारी किए हैं कि किसी भी निजी या सहकारी खाद विक्रेता द्वारा डीएपी की बोरी के साथ नैनो यूरिया, जिंक या अन्य गैर-जरूरी कीटनाशकों की अनिवार्य टैगिंग (जबरन लेवी) पाए जाने पर संबंधित विक्रेता का उर्वरक बिक्री लाइसेंस तुरंत रद्द कर आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की जाए।
किसानों को सलाह दी गई है कि वे केवल अपनी अधिकृत सहकारी समिति या इफको ई-बाजार केंद्र से पीओएस (PoS) मशीन पर अंगूठा लगाकर प्रमाणित रसीद के साथ ही खाद खरीदें। किसी भी प्रकार की ओवर-रेटिंग या खाद की कमी की शिकायत के लिए राज्य स्तरीय उर्वरक कंट्रोल रूम हेल्पलाइन 0522-2208572 पर तत्काल संपर्क किया जा सकता है।
शरदकालीन बुवाई के समय सिंगल सुपर फास्फेट (SSP) का विकल्प
कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सुझाव दिया है कि यदि किसी क्षेत्र में डीएपी की भारी मांग के कारण कतारें लग रही हों, तो किसान भाई 3 बोरी सिंगल सुपर फास्फेट (SSP) और 1 बोरी यूरिया मिलाकर गन्ने की बुवाई में उपयोग कर सकते हैं। एसएसपी से गन्ने को 16% फास्फोरस के साथ-साथ 11% प्राकृतिक सल्फर और 19% कैल्शियम भी मिलता है, जो गन्ने के वजन और चीनी के पर्चे में उल्लेखनीय वृद्धि करता है।
सहकारिता विभाग ने आश्वासन दिया है कि 15 सितंबर से शुरू होने वाले बुवाई अभियान के दौरान प्रत्येक विकास खंड में मोबाइल खाद वितरण वैन भी चलाई जाएंगी ताकि दूर-दराज के किसानों को उनके गाँव के पास ही समय पर खाद उपलब्ध कराई जा सके।
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