घटतौली पर लगाम — प्रदेश के सभी 2,800 गन्ना क्रय केंद्रों पर लगेंगे नाइट-विजन CCTV, स्क्रीन पर दिखेगी डिजिटल तौल

लखनऊ (CaneUp विशेष रिपोर्ट): उत्तर प्रदेश के गन्ना किसानों की दशकों पुरानी सबसे बड़ी पीड़ा — क्रय केंद्रों पर घटतौली (कम तौलना) के खिलाफ गन्ना आयुक्त कार्यालय ने ऐतिहासिक और निर्णायक कदम उठाया है। प्रदेश भर में 120 चीनी मिलों द्वारा संचालित होने वाले सभी 2,800 बाह्य गन्ना क्रय केंद्रों (Out-center Purchase Centers) पर पेराई सत्र 2026-27 से नाइट-विजन आईपी (IP) सीसीटीवी कैमरे और किसानों की ओर मुख किए हुए 32 इंच के आउटडोर डिजिटल एलईडी डिस्प्ले लगाना वैधानिक रूप से अनिवार्य कर दिया गया है।
नए आदेश के तहत, यदि किसी क्रय केंद्र पर सीसीटीवी कैमरा बंद पाया गया या किसान को वजन का स्पष्ट डिस्प्ले नहीं दिखा, तो संबंधित चीनी मिल के तौल क्लर्क और केंद्र प्रभारी के विरुद्ध तत्काल एफआईआर (FIR) दर्ज कर जेल भेजा जाएगा।
🔍 नई डिजिटल तौल प्रणाली — 4 बड़े तकनीकी सुरक्षा कवच
गन्ना विकास विभाग द्वारा जारी मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के अनुसार, इस वर्ष तौल व्यवस्था में मानवीय हस्तक्षेप (Human Manipulation) को शून्य करने के लिए निम्नलिखित 4 तकनीकी बदलाव किए गए हैं:
| सुरक्षा उपाय | तकनीकी विवरण | किसान को फायदा |
|---|---|---|
| नाइट-विजन PTZ कैमरे | 360-डिग्री घूमने वाले 4K कैमरे जो सीधे जिला गन्ना अधिकारी व लखनऊ मुख्यालय से जुड़े होंगे | रात के समय कांटे के नीचे वजन दबाने या हेरफेर करने की गुंजाइश खत्म |
| आउटडोर फेसिंग एलईडी स्क्रीन | कांटे के बाहर ट्रॉली चालक के ठीक सामने 32-इंच का बोल्ड डिजिटल डिस्प्ले | किसान अपनी सीट पर बैठे-बैठे कांटे पर दर्ज वास्तविक वजन (Gross Weight) लाइव देख सकेंगे |
| तौल सॉफ्टवेयर में नो-इंटरफेरेंस लॉक | सॉफ्टवेयर केवल वजन स्थिर होने पर ऑटोमैटिकली डेटा लॉक करके रसीद प्रिंट करेगा | तौल बाबू द्वारा हाथ से वजन कम या ज्यादा दर्ज करने की संभावना समाप्त |
| डिजिटल बारकोड सीलिंग | बांट-माप विभाग और किसान निगरानी समिति के संयुक्त डिजिटल सिग्नेचर से कांटा लॉक होगा | कांटे के लोड-सेल में किसी भी अवैध डिवाइस या चिप लगाने पर अलार्म बजेगा |
⚖️ बांट-माप विभाग का 800 सचल दस्तों का गठन
प्रदेश भर में 15 सितंबर से बांट-माप विभाग (Legal Metrology) और गन्ना पर्यवेक्षकों के 800 संयुक्त सचल दलों (Mobile Inspection Squads) को मैदान में उतारा जा रहा है। ये दस्ते:
- प्रत्येक कांटे की 10 टन और 20 टन के प्रमाणित मानक बांटों (Standard Certified Weights) से कैलिब्रेशन जांच करेंगे।
- कांटे के कैलिब्रेशन सर्टिफिकेट पर क्यूआर कोड (QR Code) चस्पा करेंगे जिसे कोई भी किसान अपने मोबाइल से स्कैन करके अंतिम जांच की तिथि देख सकेगा।
- औचक छापों के दौरान यदि किसी कांटे पर 5 किलो से अधिक की भी विसंगति पाई गई, तो संबंधित मिल को ₹5 लाख का जुर्माना और लाइसेंस निरस्त करने की संस्तुति की जाएगी।
📲 टोल-फ्री हेल्पलाइन और किसान विजिलेंस कमेटी
विभाग ने प्रत्येक क्रय केंद्र पर 5 स्थानीय प्रगतिशील किसानों की ‘क्रय केंद्र निगरानी समिति’ गठित करने का आदेश दिया है। यदि किसी किसान को तौल में तनिक भी संदेह होता है, तो वह:
- राज्य स्तरीय एंटी-घटतौली कंट्रोल रूम: 1800-121-3203 (टोल-फ्री)
- व्हाट्सएप शिकायत हेल्पलाइन: तत्काल फोटो व वीडियो साक्ष्य के साथ शिकायत दर्ज करा सकेंगे।
गन्ना आयुक्त ने दो टूक शब्दों में कहा है कि किसानों का एक-एक किलोग्राम गन्ना उनकी साल भर की मेहनत का पसीना है, और घटतौली को अब ‘आर्थिक अपराध’ की श्रेणी में मानकर सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
अपनी समस्या या सवाल दर्ज करें
गन्ना पर्ची, सट्टा संशोधन, सर्वे, ई-गन्ना ऐप या भुगतान में कोई भी दिक्कत हो, नीचे अपनी जानकारी भरें। हमारी टीम समाधान में आपकी पूरी मदद करेगी।
यह आर्टिकल कैसा लगा?


