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त्योहारी सीजन में चीनी मिलों को ₹4,500 करोड़ का एथेनॉल अग्रिम जारी — शामली, लखीमपुर और बिजनौर की मिलों को 30 सितंबर तक पूरा गन्ना भुगतान करने का फरमान

Aamir Raza Sep 14, 2026 3 min read
त्योहारी सीजन में चीनी मिलों को ₹4,500 करोड़ का एथेनॉल अग्रिम जारी — शामली, लखीमपुर और बिजनौर की मिलों को 30 सितंबर तक पूरा गन्ना भुगतान करने का फरमान
अंतिम अपडेट: September 14, 2026 6:00 PM IST — यह आर्टिकल नियमित रूप से अपडेट किया जाता है।

लखनऊ / नई दिल्ली (CaneUp विशेष रिपोर्ट — 14 सितंबर 2026, शाम 6:00 IST): उत्तर प्रदेश के गन्ना किसानों के पिछले पेराई सत्र 2025-26 के अटके हुए गन्ना मूल्य भुगतान को नए सत्र की शुरुआत से पहले पूरी तरह शून्य (Zero Arrears) करने के लिए केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार ने बड़ा वित्तीय कदम उठाया है।

सोमवार को केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय और तेल विपणन कंपनियों (OMCs) ने उत्तर प्रदेश की 120 चीनी मिलों और उनसे जुड़ी 85 से अधिक स्टैंडअलोन व इंटीग्रेटेड डिस्टिलरियों को एथेनॉल ब्लेंडिंग प्रोग्राम (EBP) के तहत उत्पादित बायो-फ्यूल के भुगतान के रूप में ₹4,500 करोड़ का विशेष अग्रिम पैकेज (Liquidity Advance Fund) रिलीज कर दिया है।


🔒 केवल गन्ना भुगतान में इस्तेमाल होगा 100% फंड: एस्क्रो खाता सख्त नियम

उत्तर प्रदेश के गन्ना एवं चीनी उद्योग विभाग ने इस फंड को लेकर कड़े वित्तीय दिशा-निर्देश जारी किए हैं:

  • सीधा एस्क्रो खाते में ट्रांसफर: यह ₹4,500 करोड़ की राशि किसी भी चीनी मिल के सामान्य चालू खाते (Current Account) में नहीं भेजी गई है, बल्कि मिलों के अधिकृत ‘गन्ना मूल्य एस्क्रो बैंक खाते’ (Escrow Account) में सीधे अंतरित की गई है।
  • बैंकों को स्पष्ट निर्देश: संबंधित नोडल बैंकों (एसबीआई, पीएनबी, बैंक ऑफ बड़ौदा) को आदेश दिया गया है कि वे इस राशि से मिलों का कोई ऋण या कार्यशील पूंजी न काटें।
  • 30 सितंबर की ‘डेडलाइन’: सभी डिफॉल्टर मिलों (विशेष रूप से शामली, थानाभवन, ऊन, गजरौला, मवाना, पलिया, खंभारखेड़ा और बिसवां) को निर्देश दिया गया है कि वे 30 सितंबर 2026 तक पिछले सत्र का शत-प्रतिशत भुगतान किसानों के बैंक खातों में डीबीटी (DBT) के जरिए जमा कराएं।

📊 पश्चिमी व मध्य यूपी की प्रमुख मिलों को मिला आवंटन

जारी किए गए ₹4,500 करोड़ के वित्तीय पैकेज में से प्रमुख गन्ना क्लस्टरों को आवंटित अनुमानित राशि का विवरण:

चीनी मिल समूह / क्षेत्रमिलों की संख्याजारी फंड (करोड़ रुपये)लक्षित भुगतान दायित्व
मुजफ्फरनगर व शामली क्लस्टर11 चीनी मिलें₹840 करोड़शामली व थानाभवन मिलों का संपूर्ण बकाया
लखीमपुर खीरी व सीतापुर क्लस्टर14 चीनी मिलें₹960 करोड़बजाज ग्रुप व पलिया मिल का भुगतान
मेरठ, बागपत व हापुड़ क्लस्टर9 चीनी मिलें₹650 करोड़मवाना, दौराला व सिंभावली भुगतान
बिजनौर व मुरादाबाद क्लस्टर12 चीनी मिलें₹780 करोड़बिजनौर व अमरोहा क्षेत्र का बकाया
पूर्वांचल (देवरिया, गोरखपुर, बस्ती)18 चीनी मिलें₹720 करोड़सहकारी व निगम मिलों के बकाए का निपटारा
राज्य चीनी निगम व सहकारी मिलें24 मिलें₹550 करोड़100% सरकारी क्लियरेंस

🌾 त्योहारी सीजन और रबी बुवाई के लिए किसानों को बड़ी संजीवनी

आगामी अक्टूबर माह में नवरात्रि, दशहरा और दीवाली के बड़े त्योहार हैं, साथ ही 15 अक्टूबर से किसानों को गेहूं की रबी बुवाई के लिए डीएपी खाद, बीज और डीजल की भारी आवश्यकता होती है। ऐसे समय में ₹4,500 करोड़ की यह तरलता सीधे गांव-गांव के किसानों के खातों में पहुंचने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था में भारी उछाल आने की उम्मीद है।

उत्तर प्रदेश के चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास मंत्री ने इस अवसर पर कहा — “माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी का स्पष्ट निर्देश है कि किसानों का एक भी पैसा मिलों के पास नहीं रुकने दिया जाएगा। जो मिलें 30 सितंबर तक बकाया शून्य नहीं करेंगी, उनके खिलाफ आरसी (RC) जारी कर उनकी चीनी जब्त की जाएगी और उन्हें नए पेराई सत्र का लाइसेंस जारी नहीं किया जाएगा।”

🌾 CaneUp किसान सहायता पोर्टल

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Aamir Raza
लेखक एवं मुख्य संपादक

Aamir Raza

संस्थापक एवं प्रधान संपादक — CaneUp.xyz। उत्तर प्रदेश गन्ना उद्योग, पर्ची कैलेंडर, SAP/MSP मूल्य नीति, ई-गन्ना पोर्टल और किसान अधिकारों पर 10+ वर्षों का जमीनी अनुभव।

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