त्योहारों से पहले चीनी के दामों में 36% का उछाल, पैकेज्ड फूड कंपनियों के ऑपरेटिंग मार्जिन पर बढ़ा दबाव

त्योहारों से पहले चीनी के दामों में 36% का उछाल, पैकेज्ड फूड कंपनियों के ऑपरेटिंग मार्जिन पर बढ़ा दबाव
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Aamir Raza - August 28, 2026
नई दिल्ली : त्योहारी सीजन से ठीक पहले देश के प्रमुख थोक बाजारों में चीनी की कीमतों में 36 प्रतिशत की तेज बढ़ोतरी ने पैकेज्ड फूड और FMCG कंपनियों की चिंता बढ़ा दी है। चीनी के दाम बढ़ने से कंपनियों की उत्पादन लागत (Raw Material Cost) बढ़ने का खतरा पैदा हो गया है, जिससे उनके EBITDA Margin पर सीधा दबाव पड़ सकता है।
मिंट और रेटिंग एजेंसियों के वित्तीय विश्लेषण के मुताबिक, चीनी से जुड़े उत्पादों में महत्वपूर्ण कारोबार रखने वाली प्रमुख उपभोक्ता कंपनियों की जून तिमाही में कच्चे माल की लागत में करीब 20 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इन कंपनियों का ऑपरेटिंग मार्जिन घटकर चार वर्षों के निचले स्तर 22.2 प्रतिशत पर आ गया।
दो महीने में 40% तक बढ़े चीनी के थोक दाम
उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, पिछले दो महीनों में चीनी की खुदरा कीमतें ₹48/kg से बढ़कर ₹65/kg तक पहुंच गई हैं:
- उत्पादन में गिरावट: वर्ष 2025-26 में चीनी उत्पादन का अनुमान घटकर 3.06 करोड़ टन रह गया है, जो शुरुआती अनुमान 3.43 करोड़ टन से 11 प्रतिशत कम है।
- Buffer Stock में कमी: रेटिंग एजेंसी ICRA का अनुमान है कि सितंबर तक चीनी का बफर स्टॉक घटकर 43 लाख टन रह सकता है, जबकि एक साल पहले यह 53 लाख टन था।
- Ethanol Diversion: गन्ने के रस का एथेनॉल निर्माण में इस्तेमाल होने से चीनी की शुद्ध उपलब्धता प्रभावित हुई है।
कंपनियों के मार्जिन पर और दबाव की आशंका
सैमको सिक्योरिटीज के इक्विटी रिसर्च विश्लेषकों के अनुसार, चीनी की कमी से पैकेज्ड फूड कंपनियों के Gross Margin में 50 से 80 बेसिस पॉइंट तक की गिरावट आ सकती है। हालांकि सरकार ने 15 अक्टूबर से चीनी मिलों की अर्ली क्रशिंग शुरू कराने का निर्देश दिया है, जिससे सप्लाई चेन में सुधार होगा।
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