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₹52 किलो चीनी: त्योहार से पहले यूपी सरकार की बड़ी राहत — लखनऊ के गन्ना किसान संस्थान से जानिए पूरा पता और शर्तें

Aamir Raza Aamir Raza • Oct 20, 2026 • 6 min read
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₹52 किलो चीनी: त्योहार से पहले यूपी सरकार की बड़ी राहत — लखनऊ के गन्ना किसान संस्थान से जानिए पूरा पता और शर्तें
अंतिम अपडेट: October 20, 2026 6:05 PM IST — यह आर्टिकल नियमित रूप से अपडेट किया जाता है।

त्योहारी सीजन में चीनी का भाव लगातार बढ़ रहा था — बाजार में चीनी करीब ₹65 प्रति किलो बिक रही थी। इसी बीच उत्तर प्रदेश सरकार ने उपभोक्ताओं को बड़ी राहत दी है: लखनऊ में सरकारी बिक्री केंद्र से अब चीनी ₹52 प्रति किलो मिलेगी। यह फैसला मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की समीक्षा बैठक के बाद गन्ना विकास विभाग ने लागू किया है।

₹52 वाली चीनी: पूरी डिटेल

बिजनेस स्टैंडर्ड की 15 अक्टूबर की रिपोर्ट के अनुसार, चीनी निगम और सहकारी चीनी मिल संघ के बिक्री केंद्र से यह सस्ती चीनी बेची जा रही है। बिक्री केंद्र का पता है — लाल बहादुर शास्त्री गन्ना किसान संस्थान परिसर, लखनऊ। यहां सभी कार्यदिवसों में सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक चीनी खरीदी जा सकती है।

कीमतें इस प्रकार हैं:

  • 1 किलो का पैक — ₹52
  • 2 किलो का पैक — ₹102
  • 5 किलो का पैक — ₹250
  • 50 किलो का पैक — ₹2,500

अधिकारियों ने यह भी बताया कि संपूर्णनगर सहकारी चीनी मिल की चीनी थोड़ी अलग कीमत पर मिलेगी — वहां 1 किलो का पैक ₹51, 2 किलो का ₹102, 5 किलो का ₹245 और 50 किलो का पैक ₹2,400 में उपलब्ध होगा। यानी बड़ी मात्रा में चीनी खरीदने वाले परिवारों को और भी ज्यादा राहत मिलेगी। विभाग ने खरीद की उचित व्यवस्था की है और उपभोक्ता अपनी जरूरत के अनुसार चीनी खरीद सकते हैं।

फैसला क्यों लिया गया?

फैसले की पृष्ठभूमि में चीनी के बढ़ते भाव हैं। 15 अक्टूबर (बुधवार) को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चीनी उद्योग और गन्ना विकास विभाग के अधिकारियों के साथ चीनी कीमतों की समीक्षा की और निर्देश दिए कि उपभोक्ताओं को कीमतों में बढ़ोतरी से कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए। इसी निर्देश के बाद गन्ना विकास विभाग ने ₹52 प्रति किलो की दर से चीनी उपलब्ध कराने का निर्णय लिया।

यह पहली बार नहीं है जब सरकार ने त्योहारी सीजन में बाजार में हस्तक्षेप किया है — इससे पहले प्याज के दाम बढ़ने पर विभिन्न स्थानों पर मोबाइल वैन से ₹30 प्रति किलो प्याज बेचा गया था।

बाकी शहरों में भी मिलेगी सस्ती चीनी?

फिलहाल यह बिक्री लखनऊ में शुरू हुई है, लेकिन राहत की खबर यह है कि अगर बाजार की स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो गन्ना विकास विभाग अन्य शहरों में भी सस्ती चीनी की बिक्री बढ़ा सकता है। अधिकारियों का कहना है कि दशहरा और दिवाली के आसपास त्योहारी मांग और ताजी चीनी की आवक न होने के कारण कीमतें कुछ समय तक ऊंची रह सकती हैं। इसलिए यह सस्ती बिक्री अगले कुछ दिनों तक जारी रहने की उम्मीद है।

गन्ना किसानों के लिए यह जानकारी इसलिए भी जरूरी है, क्योंकि प्रदेश के अन्य इलाकों के उपभोक्ता भी अब सरकार से ऐसी ही राहत की उम्मीद कर रहे हैं। अगर आपके शहर में यह सुविधा शुरू होती है, तो स्थानीय गन्ना विकास कार्यालय के नोटिस पर नजर रखें।

चीनी के भाव क्यों बढ़ रहे हैं?

इन्फॉर्मिस्ट मीडिया की 15 अक्टूबर की रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर प्रदेश में मिल से निकलने वाली चीनी (एक्स-मिल) की कीमतें ₹4,830 से ₹5,030 प्रति 100 किलो के बीच चल रही हैं — एक दिन में ही ₹300 से ₹380 तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई। उपभोक्ता मामलों के विभाग के आंकड़ों के मुताबिक देश में चीनी का औसत खुदरा भाव ₹57.21 प्रति किलो है।

भाव बढ़ने के कई कारण हैं। महाराष्ट्र और कर्नाटक में एल नीनो के कारण सूखे जैसी स्थिति से उत्पादन पर असर की चिंता बनी है, और किसानों के गन्ने के अधिक भाव को लेकर चल रहे आंदोलन भी मिलों पर असर डाल रहे हैं। महाराष्ट्र में 2026-27 सत्र के लिए 55 मिलों को पेराई की अनुमति मिली थी, लेकिन आंदोलन के कारण 8 अक्टूबर तक केवल 15 मिलें ही चालू हो पाई थीं। कर्नाटक में इस सत्र में अभी पेराई शुरू ही नहीं हुई है।

पेराई सत्र 2026-27: यूपी में 20 अक्टूबर से मिलें चालू होने की उम्मीद

गन्ना किसानों के लिए सबसे अहम खबर पेराई सत्र से जुड़ी है। द हिंदू बिज़नेसलाइन की रिपोर्ट के अनुसार, सरकार को उम्मीद है कि उत्तर प्रदेश में 20 अक्टूबर के आसपास 10 से 15 मिलें पेराई शुरू कर देंगी। पश्चिमी यूपी की मिलों ने पहले ही बॉयलर पूजा और स्टीम ट्रायल का काम लगभग पूरा कर लिया है, और इस बार पेराई सत्र पिछले साल से करीब 10 दिन पहले शुरू हो सकता है।

प्रदेश में कुल 122 चीनी मिलें हैं, जिनमें कम से कम 71 पश्चिमी यूपी में हैं। पेराई जल्दी शुरू होने से खेत जल्द खाली होंगे और गेहूं की बुवाई के लिए पर्याप्त समय मिलेगा।

सहारनपुर के उप गन्ना आयुक्त ओपी सिंह की सलाह भी काम की है: पेराई से पहले गन्ना सर्वेक्षण के रिकॉर्ड — रकबा और फसल की किस्म — जांच लें, और बैंक खाता सक्रिय व पहचान दस्तावेजों से जुड़ा होना सुनिश्चित करें, ताकि भुगतान में देरी न हो।

गन्ना किसानों के लिए इसका क्या मतलब है?

चीनी के भाव और गन्ना किसानों का भुगतान सीधे जुड़े हैं। जब चीनी की कीमतें अच्छी रहती हैं, तो मिलों की आर्थिक स्थिति मजबूत होती है और गन्ना मूल्य का समय पर भुगतान आसान होता है। सरकार ने त्योहारी सीजन के लिए 13 से 31 अक्टूबर के दौरान बिक्री के लिए 16 लाख टन चीनी का कोटा भी जारी किया है, ताकि बाजार में आपूर्ति बनी रहे।

एक सकारात्मक कदम यह भी है कि सरकार ने पूर्व नीति आयोग सदस्य रमेश चंद की अध्यक्षता में एक समिति गठित की है, जो किसानों के मुद्दों — चीनी रिकवरी की रिपोर्टिंग, मिलों में गन्ने की तौल और मशीन से कटाई वाले गन्ने में कटौती — की जांच करेगी, क्योंकि इनका सीधा असर किसानों के भुगतान पर पड़ता है।

एक बात और ध्यान रखें: पेराई सत्र शुरू होते ही मिलों में गन्ना भेजने की रफ्तार बढ़ेगी। अगर बैंक खाता निष्क्रिय है या सर्वे रिकॉर्ड में गड़बड़ी है, तो उसे अभी दुरुस्त कराएं। गन्ना विकास विभाग के टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1800-121-3203 और 1800-180-5129 पर भी जानकारी ले सकते हैं; एसएमएस के लिए सरकारी शॉर्टकोड 51969 उपलब्ध है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

प्रश्न: ₹52 प्रति किलो वाली चीनी कहां मिलेगी? उत्तर: लाल बहादुर शास्त्री गन्ना किसान संस्थान परिसर, लखनऊ में स्थित चीनी निगम और सहकारी चीनी मिल संघ के बिक्री केंद्र पर। फिलहाल बिक्री यहीं शुरू हुई है, अन्य शहरों में विस्तार बाजार की स्थिति पर निर्भर करेगा।

प्रश्न: बिक्री केंद्र कब खुला रहता है? उत्तर: सभी कार्यदिवसों में सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक।

प्रश्न: कौन-कौन से पैक और कीमतें उपलब्ध हैं? उत्तर: 1 किलो ₹52, 2 किलो ₹102, 5 किलो ₹250 और 50 किलो ₹2,500। संपूर्णनगर सहकारी मिल की चीनी पर 1 किलो ₹51, 2 किलो ₹102, 5 किलो ₹245 और 50 किलो ₹2,400 का भाव है।

प्रश्न: यह सुविधा कब तक चलेगी? उत्तर: विभाग के अनुसार, त्योहारी मांग और ताजी चीनी की आवक न होने तक कीमतें ऊंची रह सकती हैं, इसलिए सस्ती बिक्री अगले कुछ दिनों तक जारी रहने की उम्मीद है।

प्रश्न: यूपी में पेराई सत्र कब शुरू होगा? उत्तर: द हिंदू बिज़नेसलाइन के अनुसार 20 अक्टूबर के आसपास प्रदेश की 10-15 मिलों के पेराई शुरू करने की उम्मीद है। पश्चिमी यूपी में यह सत्र पिछले साल से करीब 10 दिन पहले शुरू हो सकता है।

प्रश्न: किसान भुगतान से जुड़ी शिकायत कहां करें? उत्तर: गन्ना विकास विभाग के टोल-फ्री नंबर 1800-121-3203 या 1800-180-5129 पर कॉल करें, या एसएमएस शॉर्टकोड 51969 का उपयोग करें।

स्रोत: बिजनेस स्टैंडर्ड (15 अक्टूबर 2026), इन्फॉर्मिस्ट मीडिया (15 अक्टूबर 2026), ऑल इंडिया रेडियो की रिपोर्ट, द हिंदू बिज़नेसलाइन (चीनी बिक्री कोटा व पेराई), एग्रोवन/एग्रीइनसाइट (पश्चिमी यूपी पेराई सत्र)।

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Aamir Raza
लेखक एवं मुख्य संपादक

Aamir Raza

संस्थापक एवं प्रधान संपादक — CaneUp.xyz। उत्तर प्रदेश गन्ना उद्योग, पर्ची कैलेंडर, SAP/MSP मूल्य नीति, ई-गन्ना पोर्टल और किसान अधिकारों पर 10+ वर्षों का जमीनी अनुभव।

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