होम › चीनी का स्टॉक 10 साल में सबसे कम, रिटेल …

चीनी का स्टॉक 10 साल में सबसे कम, रिटेल भाव ₹57.82 किलो: सरकार ने मिलों को अक्टूबर-नवंबर में एक्स्ट्रा बिक्री की छूट दी, यूपी किसानों पर असर

Aamir Raza Aamir Raza • Oct 17, 2026 • 6 min read
Google पर हमें फ़ॉलो करें
शेयर करें:
चीनी का स्टॉक 10 साल में सबसे कम, रिटेल भाव ₹57.82 किलो: सरकार ने मिलों को अक्टूबर-नवंबर में एक्स्ट्रा बिक्री की छूट दी, यूपी किसानों पर असर
अंतिम अपडेट: October 17, 2026 6:05 AM IST — यह आर्टिकल नियमित रूप से अपडेट किया जाता है।

नई दिल्ली/लखनऊ, 17 अक्टूबर। दिवाली से पहले चीनी के खेल में बड़ा उलटफेर दिख रहा है। देश में मिलों के पास 2026-27 सत्र की शुरुआत में सिर्फ 3.5 से 3.6 मिलियन टन चीनी का स्टॉक बचा है — एक दशक से ज्यादा समय में सबसे कम। खुदरा भाव शुक्रवार को ₹57.82 प्रति किलो तक पहुंचा, जो पिछले साल से 24 फीसदी ज्यादा है। ऐसे में केंद्र सरकार ने शुक्रवार को फैसला लिया: मिलें अक्टूबर में बनने वाली चीनी को अक्टूबर और नवंबर दोनों महीनों में बेच सकेंगी, और यह बिक्री उनके नियमित कोटे के ऊपर होगी।

उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा गन्ना उत्पादक राज्य है — यहां की 122 चीनी मिलों में अगले दो हफ्तों में पेराई शुरू होने वाली है। भाव, भुगतान और पूरे सत्र की तस्वीर पर इसका सीधा असर पड़ेगा।

स्टॉक 3.5-3.6 मिलियन टन: दशक का सबसे निचला स्तर

फाइनेंशियल एक्सप्रेस (17 अक्टूबर 2026) की रिपोर्ट के मुताबिक, उद्योग सूत्रों का कहना है कि 2026-27 चीनी सत्र (अक्टूबर-सितंबर) की शुरुआत में मिलों के पास मौजूद चीनी का ओपनिंग स्टॉक घटकर 3.5-3.6 मिलियन टन रह गया है। यह एक दशक से भी ज्यादा समय में सबसे कम स्टॉक है। वजह साफ है — पिछले सत्र में उत्पादन कम हुआ और खपत ज्यादा रही।

द हिंदू बिजनेसलाइन की रिपोर्ट में भी कहा गया है कि मिल स्तर पर स्टॉक खत्म होने की आशंका से व्यापारियों में सुगबुगाहट है — यही पिछले 10 दिनों में एक्स-मिल भाव में करीब ₹1,000 प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की वजह बनी। मिलों को गन्ना चाहिए, इसलिए भुगतान की मांग उठाने का यही सही वक्त है।

रिटेल भाव ₹57.82 किलो: एक साल में 24% महंगा

उपभोक्ता मामले विभाग के मूल्य निगरानी प्रकोष्ठ के हवाले से फाइनेंशियल एक्सप्रेस ने बताया: शुक्रवार को चीनी का औसत खुदरा भाव ₹57.82 प्रति किलो दर्ज हुआ — पिछले साल से 24 फीसदी ज्यादा, लेकिन महीने-दर-महीने करीब 2 फीसदी नरम।

इंग्लिश अखबार की एक अन्य रिपोर्ट के मुताबिक फिलहाल खुदरा भाव ₹60 किलो के आसपास घूम रहा है। अधिकारियों का अनुमान है कि उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और कर्नाटक में अगले दो हफ्तों में पेराई शुरू होते ही भाव घटकर ₹52 किलो तक आ सकता है।

सरकार का शुक्रवार का बड़ा फैसला: एक्स्ट्रा बिक्री की छूट

पीटीआई के हवाले से फ्री प्रेस जर्नल और रेडिफ मनी (16 अक्टूबर 2026) ने बताया कि खाद्य मंत्रालय ने शुक्रवार को निर्देश दिया: मिलें अक्टूबर 2026 में उत्पादित चीनी को अक्टूबर और नवंबर, दोनों महीनों में बेच सकती हैं — नियमित मासिक कोटे के ऊपर।

मंत्रालय घरेलू बाजार के लिए हर पखवाड़े चीनी बिक्री का कोटा तय करता है — अक्टूबर के पहले पखवाड़े के लिए 13 लाख टन और दूसरे पखवाड़े (16-31 अक्टूबर) के लिए 14 लाख टन। AISTA के चेयरमैन प्रफुल विथलानी के मुताबिक, इस छूट से त्योहारी सीजन में आपूर्ति “काफी बढ़ जाएगी”, और कई मिलों ने सामान्य समय से करीब एक महीने पहले पेराई शुरू कर दी है।

उत्पादन घटकर 28 मिलियन टन रह सकता है: ISMA का अनुमान

इंडियन शुगर एंड बायो-एनर्जी मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (ISMA) के महानिदेशक दीपक बलानी ने फाइनेंशियल एक्सप्रेस को बताया कि 2026-27 सत्र में देश का शुद्ध चीनी उत्पादन घटकर 28 मिलियन टन रह सकता है, जबकि पिछले सत्र में यह 31 मिलियन टन था। वजह — महाराष्ट्र और कर्नाटक के कुछ हिस्सों में कम बारिश से उपज पर असर पड़ा है।

बलानी के मुताबिक, इस बार सकल और शुद्ध उत्पादन एक जैसा — करीब 28 मिलियन टन — रहेगा, क्योंकि एथेनॉल के लिए चीनी का डायवर्जन नहीं होगा। पिछले सत्र में 31 मिलियन टन में से करीब 3 मिलियन टन चीनी एथेनॉल के लिए डायवर्ट हुई थी। क्रिसिल के मुताबिक पिछले पांच सालों में एथेनॉल की तरफ चीनी का डायवर्जन करीब चार गुना बढ़ा है।

एथेनॉल डायवर्जन पर रोक: पूरी पेराई चीनी में

2026-27 एथेनॉल आपूर्ति वर्ष (नवंबर-अक्टूबर) के लिए सरकार ऐसे उपायों की घोषणा करेगी जिनसे मिलें गन्ने के रस और बी-हैवी शीरे को एथेनॉल के लिए डायवर्ट नहीं कर पाएंगी। बिजनेस स्टैंडर्ड ने रॉयटर्स के हवाले से बताया कि तेल कंपनियों को 2026-27 में चीनी का एथेनॉल डायवर्जन शून्य करने का निर्देश मिला है। किसानों के लिए इसका मतलब है कि पूरा गन्ना चीनी बनाने में लगेगा — पेराई तेज होगी और गन्ने की मांग बढ़ेगी।

FRP ₹365 प्रति क्विंटल: 2026-27 की तय दर

केंद्र ने 2026-27 सत्र (अक्टूबर से शुरू) के लिए गन्ने का उचित और लाभकारी मूल्य (FRP) ₹365 प्रति क्विंटल तय किया है। द हिंदू बिजनेसलाइन (17 अक्टूबर 2026) और बिजनेस स्टैंडर्ड (12 अक्टूबर 2026) ने इसकी पुष्टि की है।

लेकिन याद रखिए: यह केंद्र की FRP है। यूपी में असली भाव राज्य सलाहकार मूल्य (SAP) से तय होता है, और 2026-27 के SAP की घोषणा अभी बाकी है। पिछले सत्र (2025-26) का SAP अगेती किस्म के लिए ₹400 प्रति क्विंटल था — वह पुराने सत्र की दर है। किसान संगठन इस बार ₹600 तक SAP की मांग कर रहे हैं।

यूपी के किसानों के लिए क्या मतलब है

यूपी की मिलें 20 अक्टूबर के आसपास से शुरू होंगी — देवबंद और हरदोई में 28 अक्टूबर से, बेलरायां में 15 नवंबर से पेराई तय है। अगले 2-4 हफ्तों में पूरे पश्चिमी यूपी में पेराई शुरू हो जाएगी।

इस सत्र में तीन चीजें किसानों के पक्ष में हैं: स्टॉक दशक के निचले स्तर पर है, अक्टूबर की चीनी कोटे के ऊपर बेचने की छूट से मिलों की नकदी मजबूत रहेगी, और एथेनॉल डायवर्जन रुकने से पूरी पेराई चीनी उत्पादन पर केंद्रित होगी। पर्ची और क्रय केंद्र की तैयारी समय पर पूरी रखें, भुगतान में देरी पर 15 फीसदी ब्याज के हक का इस्तेमाल करें, और SAP की घोषणा पर नजर रखें।

पेराई से पहले किसान क्या करें

  • गन्ना सर्वे और पर्ची की स्थिति ई-गन्ना ऐप या समिति से जांच लें।
  • क्रय केंद्र पर गन्ना पहुंचाने का शेड्यूल पहले से तय कर लें।
  • गन्ने की अंतिम सिंचाई का सही समय चुनें — पेराई से ठीक पहले पानी रोकने से चीनी की रिकवरी बेहतर होती है।
  • पिछले सत्र का बकाया बचा हो तो मिल और जिला गन्ना अधिकारी को लिखित में बताएं।
  • शिकायत के लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन 1800-121-3203 या 1800-180-5129।

जवाब जानिए

सवाल: क्या दिवाली तक चीनी का भाव कम होगा? जवाब: पेराई शुरू होने पर भाव ₹57-58 से घटकर ₹52 किलो तक आ सकता है। लेकिन स्टॉक दशक के निचले स्तर पर है, इसलिए बड़ी गिरावट की उम्मीद कम।

सवाल: सरकार ने मिलों को कौन सी छूट दी है? जवाब: 16 अक्टूबर को खाद्य मंत्रालय ने निर्देश दिया कि मिलें अक्टूबर 2026 में बनी चीनी को अक्टूबर और नवंबर दोनों महीनों में बेच सकती हैं — नियमित मासिक कोटे के ऊपर।

सवाल: 2026-27 में गन्ने का FRP कितना है? जवाब: केंद्र ने ₹365 प्रति क्विंटल FRP तय किया है। लेकिन यूपी में असली भाव SAP से तय होगा, जिसकी घोषणा अभी बाकी है।

सवाल: एथेनॉल के लिए गन्ना डायवर्ट होगा या नहीं? जवाब: इस सत्र में नहीं। गन्ने के रस और बी-हैवी शीरे के एथेनॉल डायवर्जन पर रोक की तैयारी है, इसलिए पूरा गन्ना चीनी बनाने में लगेगा।

सवाल: यूपी में पेराई कब से शुरू होगी? जवाब: यूपी की मिलें 20 अक्टूबर के आसपास से शुरू होंगी। देवबंद और हरदोई में 28 अक्टूबर, बेलरायां में 15 नवंबर से पेराई तय है।

स्रोत: फाइनेंशियल एक्सप्रेस (17 अक्टूबर 2026), पीटीआई via फ्री प्रेस जर्नल और रेडिफ मनी (16 अक्टूबर 2026), द हिंदू बिजनेसलाइन (16-17 अक्टूबर 2026), बिजनेस स्टैंडर्ड (12 अक्टूबर 2026), उपभोक्ता मामले विभाग का मूल्य निगरानी प्रकोष्ठ।

🌾 CaneUp किसान सहायता पोर्टल

अपनी समस्या या सवाल दर्ज करें

गन्ना पर्ची, सट्टा संशोधन, सर्वे, ई-गन्ना ऐप या भुगतान में कोई भी दिक्कत हो, नीचे अपनी जानकारी भरें। हमारी टीम समाधान में आपकी पूरी मदद करेगी।

1 जिला व मिल चुनें
2 गांव व नाम डालें
3 समस्या लिखकर भेजें
उत्तर प्रदेश का अपना जनपद चुनें
आपके जिले से संबंधित चीनी मिलें
इस नंबर पर आपको पर्ची और भुगतान के व्हाट्सएप अपडेट्स मिलेंगे
जितना स्पष्ट लिखेंगे, उतनी जल्दी सटीक समाधान मिलेगा

🔒 आपकी निजी जानकारी 100% सुरक्षित है। हम कोई स्पैम नहीं भेजते। केवल आपकी मिल से जुड़े आधिकारिक अपडेट्स शेयर किए जाते हैं।

✓
Aamir Raza
लेखक एवं मुख्य संपादक

Aamir Raza

संस्थापक एवं प्रधान संपादक — CaneUp.xyz। उत्तर प्रदेश गन्ना उद्योग, पर्ची कैलेंडर, SAP/MSP मूल्य नीति, ई-गन्ना पोर्टल और किसान अधिकारों पर 10+ वर्षों का जमीनी अनुभव।

यह आर्टिकल कैसा लगा?

📬 गन्ना अपडेट पाएं

MSP रेट, पर्ची कैलेंडर, सरकारी योजनाएं — सीधे आपके इनबॉक्स में