UP के सभी 75 जिलों में चीनी गोदामों की चेकिंग — जमाखोरों पर ESMA का खौफ!

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कड़े निर्देशों के बाद राज्य के सभी 75 जिलों में प्रशासन और गन्ना विकास विभाग ने चीनी के अवैध स्टॉक और कृत्रिम जमाखोरी के खिलाफ व्यापक अभियान शुरू कर दिया है।
हाल ही में चीनी के खुदरा दामों में आई तेजी (₹65 से ₹70 प्रति किलो) को देखते हुए राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि उत्तर प्रदेश में चीनी की कोई कमी नहीं है और मिलों में बंपर स्टॉक मौजूद है।
UP की चीनी मिलों में 179.38 लाख क्विंटल स्टॉक उपलब्ध
मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा जारी समीक्षा रिपोर्ट के अनुसार:
| मिल क्षेत्र / प्रकार | उपलब्ध चीनी स्टॉक (लाख क्विंटल) |
|---|---|
| निजी चीनी मिलें (Private Mills) | 150.50 लाख क्विंटल |
| सहकारी चीनी मिलें (Cooperative Mills) | 23.60 लाख क्विंटल |
| निगम की चीनी मिलें (Corporation Mills) | 5.28 लाख क्विंटल |
| कुल उपलब्ध चीनी स्टॉक | 179.38 लाख क्विंटल |
स्टॉक लिमिट और ESMA की कड़ी चेतावनी
सरकार ने चीनी व्यापारियों और थोक विक्रेताओं के लिए सख्त मानक तय किए हैं:
- थोक व्यापारी (Dealers/Wholesalers): एक समय में 400 मीट्रिक टन से अधिक चीनी का स्टॉक नहीं रख सकते और स्टॉक 30 दिन से अधिक पुराना नहीं होना चाहिए।
- बल्क कंज्यूमर (Bulk Consumers): जिन औद्योगिक इकाइयों की खपत 10 मीट्रिक टन/माह से अधिक है, वे केवल 15 दिन की आवश्यकता का ही स्टॉक रख सकती हैं।
- ESMA व रासुका की चेतावनी: कृत्रिम किल्लत पैदा करने या अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ Essential Services Maintenance Act (ESMA) के तहत एफआईआर दर्ज की जाएगी।
गन्ना किसानों पर इसका क्या सकारात्मक असर पड़ेगा?
- चीनी मिलों की नकदी में सुधार: चीनी के ऊंचे दामों से मिलों का मुनाफा बढ़ा है, जिससे बकाया गन्ना भुगतान तेजी से हो रहा है। (देखिए गन्ना बकाया भुगतान स्थिति व 15% ब्याज)।
- आगामी SAP में बढ़ोतरी की उम्मीद: मिलों की बेहतर वित्तीय स्थिति को देखते हुए किसान संगठन गन्ने का भाव ₹600 प्रति क्विंटल करने का दबाव बना रहे हैं।
निष्कर्ष
राज्य में चीनी आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है और 15 अक्टूबर 2026 से अर्ली क्रशिंग पेराई सत्र शुरू होते ही बाजार में नई चीनी आ जाएगी।
ताजा चीनी भाव, मिल अपडेट और गन्ना समाचार के लिए CaneUp.xyz से जुड़े रहें!
अपनी समस्या या सवाल दर्ज करें
गन्ना पर्ची, सट्टा संशोधन, सर्वे, ई-गन्ना ऐप या भुगतान में कोई भी दिक्कत हो, नीचे अपनी जानकारी भरें। हमारी टीम समाधान में आपकी पूरी मदद करेगी।
यह आर्टिकल कैसा लगा?



