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सीएम योगी की उच्चस्तरीय समीक्षा: पेराई सत्र शुरू होने से पहले पाई-पाई का भुगतान करें चीनी मिलें — 15 अक्टूबर तक हर हाल में जारी हो गन्ना मूल्य (SAP)

Aamir Raza Sep 23, 2026 3 min read
सीएम योगी की उच्चस्तरीय समीक्षा: पेराई सत्र शुरू होने से पहले पाई-पाई का भुगतान करें चीनी मिलें — 15 अक्टूबर तक हर हाल में जारी हो गन्ना मूल्य (SAP)
अंतिम अपडेट: September 23, 2026 6:15 PM IST — यह आर्टिकल नियमित रूप से अपडेट किया जाता है।

लखनऊ (CaneUp विशेष ब्यूरो — 23 सितंबर 2026 शाम): उत्तर प्रदेश के गन्ना किसानों के अधिकारों की रक्षा और आगामी पेराई सत्र 2026-27 के सुचारू संचालन को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार शाम 5 कालिदास मार्ग स्थित अपने सरकारी आवास पर एक आपात उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक बुलाई। बैठक में गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी, मुख्य सचिव और गन्ना आयुक्त सहित वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने सख्त तेवर अपनाते हुए कहा कि “गन्ना किसान प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। पेराई सत्र का पहिया घूमने से पहले पिछले सत्र के लंबित ₹1,240 करोड़ के बकाये की पाई-पाई किसानों के खातों में पहुंचनी चाहिए। जो मिल भुगतान में आनाकानी करे, उसके प्रबंधन पर सीधी दंडात्मक कार्रवाई की जाए।”


🚨 मुख्यमंत्री द्वारा जारी 4 ऐतिहासिक निर्देश

  1. 15 अक्टूबर से पूर्व गन्ना मूल्य (SAP) की घोषणा: मुख्यमंत्री ने कृषि और वित्त विभाग को निर्देश दिया कि आगामी पेराई सत्र के लिए राज्य परामर्शित मूल्य (SAP) का औपचारिक प्रस्ताव 15 अक्टूबर से पहले कैबिनेट में लाकर घोषित किया जाए, ताकि किसानों को कटाई से पहले अपनी उपज का तय भाव मालूम हो।
  2. डिफाल्टर मिलों के चीनी गोदामों की निगरानी: जिन मिलों पर 14 दिन से अधिक का पुराना बकाया है, उनके चीनी, शीरा और इथेनॉल बिक्री के 85% राजस्व को सीधे एस्क्रो खाते में जमा कराकर किसानों को तत्काल आरटीजीएस कराया जाए।
  3. पेराई लाइसेंस में शून्य ढिलाई: मुख्यमंत्री ने स्पष्ट आदेश दिया कि जब तक कोई चीनी मिल अपने बकाये का न्यूनतम 90% भुगतान और अवशेष पर ठोस बैंक गारंटी नहीं देती, तब तक उसे आगामी सत्र के संचालन की एनओसी (NOC) न दी जाए।
  4. घटतौली पर ‘जीरो टॉलरेंस’: मिल गेट और बाहरी क्रय केंद्रों पर किसानों के गन्ने की घटतौली करने वाले माफियाओं के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट और आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कार्रवाई के आदेश दिए गए।

📊 प्रदेश में गन्ना भुगतान की अद्यतन स्थिति (शाम 6 बजे तक)

क्षेत्र (Region)कुल देय राशिकिया गया भुगतानभुगतान प्रतिशतलंबित अवशेष बकाया
सहारनपुर व मुजफ्फरनगर मंडल₹8,420 करोड़₹8,140 करोड़96.7%₹280 करोड़
मेरठ व मुरादाबाद मंडल₹9,650 करोड़₹9,280 करोड़96.2%₹370 करोड़
बरेली व लखीमपुर मंडल₹7,850 करोड़₹7,510 करोड़95.6%₹340 करोड़
गोरखपुर व देवीपाटन मंडल₹4,200 करोड़₹3,950 करोड़94.0%₹250 करोड़

❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

प्रश्न 1: मुख्यमंत्री ने डिफाल्टर मिलों के लिए क्या समय-सीमा तय की है?

उत्तर: मुख्यमंत्री ने सभी डिफाल्टर मिलों को 15 अक्टूबर 2026 तक का अंतिम अल्टीमेटम दिया है, जिसके बाद आरसी (Recovery Certificate) और कानूनी कुर्की की कार्रवाई होगी।

प्रश्न 2: क्या इस बार पेराई सत्र समय से पहले शुरू होगा?

उत्तर: जी हाँ! पश्चिमी यूपी में 25 अक्टूबर से और मध्य यूपी में 5 नवंबर से मिलें चलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

प्रश्न 3: किसान अपने लंबित भुगतान की स्थिति कैसे देखें?

उत्तर: किसान भाई आधिकारिक पोर्टल enquiry.caneup.in पर ‘Payment Status’ विकल्प में जाकर अपनी पर्चीवार भुगतान की अद्यतन स्थिति देख सकते हैं।

🌾 CaneUp किसान सहायता पोर्टल

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Aamir Raza
लेखक एवं मुख्य संपादक

Aamir Raza

संस्थापक एवं प्रधान संपादक — CaneUp.xyz। उत्तर प्रदेश गन्ना उद्योग, पर्ची कैलेंडर, SAP/MSP मूल्य नीति, ई-गन्ना पोर्टल और किसान अधिकारों पर 10+ वर्षों का जमीनी अनुभव।

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