UPCSR की नई गन्ना किस्म 'CoS-17231' को राष्ट्रीय मंजूरी: 14% चीनी रिकवरी — लाल सड़न से 100% सुरक्षित, शरद बुवाई में मिलेगा बीज

शाहजहांपुर / लखनऊ (CaneUp विशेष ब्यूरो — 24 सितंबर 2026 शाम 5:48 बजे): उत्तर प्रदेश के चीनी उद्योग और गन्ना किसानों के लिए कृषि विज्ञान के क्षेत्र से आज की सबसे बड़ी क्रांतिकारी उपलब्धि सामने आई है। नई दिल्ली में आयोजित ‘केंद्रीय फसल मानक, अधिसूचना एवं विमोचन उपसमिति’ (CVRC) की 92वीं उच्चस्तरीय बैठक में उत्तर प्रदेश गन्ना शोध परिषद (UPCSR), शाहजहांपुर द्वारा खोजी गई नई अगेती गन्ना प्रजाति ‘CoS-17231’ को व्यावसायिक खेती हेतु पूरे उत्तर-मध्य भारत (उत्तर प्रदेश, बिहार, हरियाणा, उत्तराखंड) के लिए राष्ट्रीय स्तर पर अधिसूचित (Nationally Notified) कर दिया गया है।
यह किस्म उस समय अधिसूचित हुई है जब यूपी का चीनी उद्योग पुरानी प्रजाति Co-0238 में फैले लाल सड़न (Red Rot) रोग से जूझ रहा था।
🔬 ‘CoS-17231’ की 5 चमत्कारी खूबियां (लैब व फील्ड रिपोर्ट)
- लाल सड़न (Red Rot) के प्रति शत-प्रतिशत रोगरोधी: राष्ट्रीय पादप रोग विज्ञान परीक्षणों में इसके तनों को लाल सड़न के सबसे घातक ‘CF-08’ और ‘CF-09’ फफूंद से इनॉक्युलेट किया गया, लेकिन यह पूरी तरह प्रतिरोधी (Highly Resistant) साबित हुई।
- रिकॉर्ड चीनी परता (13.90% - 14.15%): इसकी रस शुद्धता (Juice Purity) 89.5% और चीनी रिकवरी 14% तक पहुंचती है, जिससे मिलों को अधिक चीनी और किसानों को सर्वोच्च भाव मिलेगा।
- बंपर उत्पादन (450 से 500 क्विंटल प्रति एकड़): इसका तना मध्यम मोटा, ठोस और गांठें मध्यम दूरी पर होती हैं। हवा चलने पर यह खेत में गिरती नहीं है।
- शानदार कल्ले (Tillering) व पेड़ी क्षमता: एक आंख के टुकड़े से 8 से 12 मजबूत कल्ले निकलते हैं और इसकी पेड़ी (Ratoon) में पैदावार मुख्य पौधे से भी 15% अधिक मिलती है।
- कम पानी व कम खाद में भी लहलहाती फसल: यह सूखा और जलभराव दोनों चरम मौसमों को सहने में सक्षम पाई गई है।
📦 बीज वितरण और उपलब्धता का रोडमैप
- शाहजहांपुर व मुजफ्फरनगर रिसर्च सेंटर: 26 सितंबर से किसानों को सिंगल बड चिप्स और सीड बैग्स का पंजीकरण शुरू हो रहा है।
- सत्यापित QR कोड: प्रत्येक बीज बैग पर डिजिटल क्यूआर कोड होगा जिससे किसान बीज की शुद्धता की पुष्टि कर सकेंगे।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
प्रश्न 1: क्या CoS-17231 को अगेती (Early) श्रेणी का सरकारी भाव मिलेगा?
उत्तर: जी हाँ! गन्ना आयुक्त ने इसे आगामी पेराई सत्र 2026-27 से राज्य की ‘अगेती स्वीकृत प्रजाति’ की सूची में शामिल कर लिया है, जिससे इस पर किसानों को उच्चतम SAP दर मिलेगी।
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