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गन्ना बेल्ट में डीएपी खाद की किल्लत होगी दूर — 45,000 मीट्रिक टन DAP की रैक पहुंची, समितियों पर सीधी आपूर्ति

Aamir Raza Aamir Raza • Sep 8, 2026 • 3 min read
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गन्ना बेल्ट में डीएपी खाद की किल्लत होगी दूर — 45,000 मीट्रिक टन DAP की रैक पहुंची, समितियों पर सीधी आपूर्ति
अंतिम अपडेट: September 8, 2026 6:30 PM IST — यह आर्टिकल नियमित रूप से अपडेट किया जाता है।

मेरठ / बरेली (CaneUp ग्राउंड रिपोर्ट — 8 सितंबर, सुबह 7:18 बजे): उत्तर प्रदेश के गन्ना बहुल जनपदों में शरदकालीन बुवाई और आगामी रबी फसलों (गेहूं व सरसों) की तैयारी कर रहे किसानों के लिए राहत भरी खबर है। सहकारिता विभाग और कृषि मंत्रालय के त्वरित समन्वय से इफको (IFFCO) और कृभको (KRIBHCO) की 15 विशेष मालगाड़ियों (Fertilizer Racks) के जरिए 45,000 मीट्रिक टन डाई-अमोनियम फॉस्फेट (DAP) की ताजी खेप पश्चिमी यूपी और रुहेलखंड के रेलवे यार्डों पर उतर चुकी है।

मेरठ, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, सहारनपुर, पीलीभीत और शाहजहांपुर के रेलवे रैक प्वाइंट्स से सीधे प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (PACS) और सहकारी गन्ना विकास समितियों के खाद गोदामों पर ट्रकों द्वारा सीधी डिलीवरी शुरू कर दी गई है।


🛡️ कालाबाजारी रोकने के लिए POS मशीन व बायोमेट्रिक वितरण अनिवार्य

राज्य सरकार ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसी भी किसान को डीएपी का एक भी थैला बिना आधार प्रमाणीकरण और पॉइंट ऑफ सेल (POS) मशीन के नहीं दिया जाएगा:

नियंत्रण उपायनियम व निर्देशउल्लंघन पर दंडात्मक कार्रवाई
निर्धारित सरकारी दर₹1,350 प्रति 50 किग्रा बोरीअधिक वसूली पर विक्रेता का लाइसेंस निरस्त + 3/7 ईसी एक्ट मुकदमा
टैगिंग पर पूर्ण रोकडीएपी के साथ जिंक या सल्फर जबरन बेचना गैरकानूनीकृषि अधिकारी द्वारा संबंधित दुकान पर तत्काल एफआईआर
सीमित कोटा प्रति एकड़जोत के अनुसार 2 से 3 बोरी प्रति एकड़ का आवंटनजमाखोरी रोकने के लिए कृषि विभाग की विजिलेंस नजर

👨‍🌾 किसान खाद लेते समय इन 3 बातों का रखें ध्यान

कृषि विभाग के उप-निदेशक ने किसानों से अपील की है कि:

  1. केवल अधिकृत सहकारी समिति या इफको किसान सेवा केंद्र से ही खरीद करें और कंप्यूटर जनरेटेड डिजिटल रसीद अवश्य मांगें।
  2. बोरी पर छपे बारकोड को ‘उर्वरक निगरानी ऐप’ पर स्कैन करके वास्तविक लॉट नंबर की जांच कर लें ताकि नकली या मिलावटी डीएपी से बचा जा सके।
  3. यदि कोई डीलर या समिति सचिव डीएपी की कमी का बहाना बनाकर अतिरिक्त रुपये मांगता है, तो जिला कृषि अधिकारी के टोल-फ्री नंबर या CaneUp किसान सहायता पोर्टल पर तत्काल शिकायत दर्ज कराएं।

विभाग का दावा है कि अगले 48 घंटों में प्रदेश की सभी गन्ना समितियों पर डीएपी के पर्याप्त बफर स्टॉक उपलब्ध होंगे, जिससे शरदकालीन बुवाई सुचारू रूप से संपन्न हो सकेगी।


🔴 शाम का ताज़ा अपडेट (8 सितंबर, शाम 6:25 बजे): 14 रेलवे साइडिंग पर रैक अनलोडिंग शुरू, सोसायटियों पर पहुंचे ट्रक

मुजफ्फरनगर/सहारनपुर (CaneUp ग्राउंड रिपोर्ट — शाम 6:25 बजे): इफको (IFFCO) और कृभको की 45,000 टन डीएपी उर्वरक की स्पेशल मालगाड़ियां आज दोपहर बाद पश्चिमी यूपी के 14 प्रमुख रेलवे साइडिंग (सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, मेरठ कैंट, बिजनौर और मुरादाबाद) पर पहुंच गईं।

वितरण की वर्तमान स्थिति:

  • शाम 4:00 बजे से मालगाड़ी के वैगनों से सीधे ट्रकों में बोरियां लोड करके ब्लॉक स्तरीय सहकारी गोदामों (Cooperative Buffers) में भेजी जा रही हैं।
  • कृषि विभाग ने प्रत्येक किसान को खतौनी और आधार कार्ड के सत्यापन पर प्रति एकड़ 2 बोरी डीएपी पीओएस (PoS) मशीन से अंगूठा लगवाकर वितरित करने के सख्त आदेश दिए हैं।
  • जिला कृषि अधिकारियों ने खाद की दुकानों पर औचक छापे मारे और तय एमआरपी (₹1,350 प्रति 50 किग्रा बोरी) से एक रुपया भी अधिक लेने पर 3 विक्रेताओं के लाइसेंस निलंबित कर दिए।

🌾 CaneUp किसान सहायता पोर्टल

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Aamir Raza
लेखक एवं मुख्य संपादक

Aamir Raza

संस्थापक एवं प्रधान संपादक — CaneUp.xyz। उत्तर प्रदेश गन्ना उद्योग, पर्ची कैलेंडर, SAP/MSP मूल्य नीति, ई-गन्ना पोर्टल और किसान अधिकारों पर 10+ वर्षों का जमीनी अनुभव।

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