गन्ना बेल्ट में डीएपी खाद की किल्लत होगी दूर — 45,000 मीट्रिक टन DAP की रैक पहुंची, समितियों पर सीधी आपूर्ति

मेरठ / बरेली (CaneUp ग्राउंड रिपोर्ट — 8 सितंबर, सुबह 7:18 बजे): उत्तर प्रदेश के गन्ना बहुल जनपदों में शरदकालीन बुवाई और आगामी रबी फसलों (गेहूं व सरसों) की तैयारी कर रहे किसानों के लिए राहत भरी खबर है। सहकारिता विभाग और कृषि मंत्रालय के त्वरित समन्वय से इफको (IFFCO) और कृभको (KRIBHCO) की 15 विशेष मालगाड़ियों (Fertilizer Racks) के जरिए 45,000 मीट्रिक टन डाई-अमोनियम फॉस्फेट (DAP) की ताजी खेप पश्चिमी यूपी और रुहेलखंड के रेलवे यार्डों पर उतर चुकी है।
मेरठ, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, सहारनपुर, पीलीभीत और शाहजहांपुर के रेलवे रैक प्वाइंट्स से सीधे प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (PACS) और सहकारी गन्ना विकास समितियों के खाद गोदामों पर ट्रकों द्वारा सीधी डिलीवरी शुरू कर दी गई है।
🛡️ कालाबाजारी रोकने के लिए POS मशीन व बायोमेट्रिक वितरण अनिवार्य
राज्य सरकार ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसी भी किसान को डीएपी का एक भी थैला बिना आधार प्रमाणीकरण और पॉइंट ऑफ सेल (POS) मशीन के नहीं दिया जाएगा:
| नियंत्रण उपाय | नियम व निर्देश | उल्लंघन पर दंडात्मक कार्रवाई |
|---|---|---|
| निर्धारित सरकारी दर | ₹1,350 प्रति 50 किग्रा बोरी | अधिक वसूली पर विक्रेता का लाइसेंस निरस्त + 3/7 ईसी एक्ट मुकदमा |
| टैगिंग पर पूर्ण रोक | डीएपी के साथ जिंक या सल्फर जबरन बेचना गैरकानूनी | कृषि अधिकारी द्वारा संबंधित दुकान पर तत्काल एफआईआर |
| सीमित कोटा प्रति एकड़ | जोत के अनुसार 2 से 3 बोरी प्रति एकड़ का आवंटन | जमाखोरी रोकने के लिए कृषि विभाग की विजिलेंस नजर |
👨🌾 किसान खाद लेते समय इन 3 बातों का रखें ध्यान
कृषि विभाग के उप-निदेशक ने किसानों से अपील की है कि:
- केवल अधिकृत सहकारी समिति या इफको किसान सेवा केंद्र से ही खरीद करें और कंप्यूटर जनरेटेड डिजिटल रसीद अवश्य मांगें।
- बोरी पर छपे बारकोड को ‘उर्वरक निगरानी ऐप’ पर स्कैन करके वास्तविक लॉट नंबर की जांच कर लें ताकि नकली या मिलावटी डीएपी से बचा जा सके।
- यदि कोई डीलर या समिति सचिव डीएपी की कमी का बहाना बनाकर अतिरिक्त रुपये मांगता है, तो जिला कृषि अधिकारी के टोल-फ्री नंबर या CaneUp किसान सहायता पोर्टल पर तत्काल शिकायत दर्ज कराएं।
विभाग का दावा है कि अगले 48 घंटों में प्रदेश की सभी गन्ना समितियों पर डीएपी के पर्याप्त बफर स्टॉक उपलब्ध होंगे, जिससे शरदकालीन बुवाई सुचारू रूप से संपन्न हो सकेगी।
अपनी समस्या या सवाल दर्ज करें
गन्ना पर्ची, सट्टा संशोधन, सर्वे, ई-गन्ना ऐप या भुगतान में कोई भी दिक्कत हो, नीचे अपनी जानकारी भरें। हमारी टीम समाधान में आपकी पूरी मदद करेगी।
यह आर्टिकल कैसा लगा?


