DAP खाद की 60,000 मीट्रिक टन नई रैक पश्चिमी यूपी पहुंची — सहकारी समितियों पर ₹1,350 की दर से प्रति किसान 2 बोरी आवंटन शुरू

मुख्य बिंदु (Quick Summary): उत्तर प्रदेश के गन्ना बेल्ट में शरदकालीन बुवाई और तोरिया-सरसों की बिजाई से ठीक पहले डीएपी (DAP) खाद की कमी को दूर करने के लिए भारतीय रेलवे के माध्यम से इफको और कृभको की 18 विशेष मालगाड़ी रैक द्वारा 60,000 मीट्रिक टन खाद की आपूर्ति की गई है। साधन सहकारी समितियों पर निर्धारित ₹1,350 प्रति बोरी की दर से वितरण शुरू कर दिया गया है।
मुरादाबाद/मेरठ/बरेली (CaneUp ग्राउंड रिपोर्ट — 11 सितंबर 2026): उत्तर प्रदेश के गन्ना किसानों के लिए राहत भरी बड़ी खबर सामने आई है। राज्य में आगामी 15 सितंबर से शुरू हो रही शरदकालीन गन्ना बुवाई और सरसों की बिजाई को देखते हुए उर्वरक मंत्रालय और यूपी सहकारिता विभाग ने रिकॉर्ड समय में 60,000 मीट्रिक टन डाई-अमोनियम फॉस्फेट (DAP) की नई खेप पश्चिमी यूपी के विभिन्न रेलवे गुड्स शेड पर उतार दी है।
विगत सप्ताह कुछ जिलों में डीएपी की कमी की शिकायतों और निजी डीलरों द्वारा ₹1,500 से ₹1,600 प्रति बोरी की कालाबाजारी की खबरों के बाद राज्य सरकार ने केंद्र से अतिरिक्त रैक की मांग की थी।
📦 मंडल-वार DAP रैक वितरण की स्थिति
| रेलवे रैक प्वाइंट (Station) | आवंटित मात्रा (मीट्रिक टन) | लाभान्वित जनपद | वितरण चैनल |
|---|---|---|---|
| मुरादाबाद गुड्स शेड | 14,500 MT | मुरादाबाद, संभल, अमरोहा, रामपुर | PCF एवं साधन सहकारी समितियां |
| सहारनपुर जंक्शन | 12,000 MT | सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, शामली | इफको किसान सेवा केंद्र व लैंप्स |
| मेरठ कैंट/गाजियाबाद | 11,500 MT | मेरठ, बागपत, बुलंदशहर, हापुड़ | प्राथमिक कृषि ऋण समितियां (PACS) |
| बरेली जंक्शन | 12,000 MT | बरेली, पीलीभीत, बदायूं, शाहजहांपुर | सहकारिता भंडार व इफको बाजार |
| सीतापुर/रोजा | 10,000 MT | लखीमपुर खीरी, सीतापुर, हरदोई | गन्ना विकास परिषद केंद्र |
| कुल आपूर्ति | 60,000 MT | 18 गन्ना उत्पादक जनपद | 1,450 सहकारी समितियां |
🔒 कालाबाजारी पर रोक: पॉस मशीन से बायोमेट्रिक वितरण
कृषि निदेशक, उत्तर प्रदेश ने स्पष्ट किया है कि प्रत्येक बोरी का वितरण केवल ई-पॉस (PoS) मशीन पर आधार सत्यापन (Biometric Authentication) के जरिए ही किया जाएगा:
- निर्धारित मूल्य: डीएपी की एक बोरी (50 किलोग्राम) का सरकारी मूल्य ₹1,350 तय है। यदि कोई डीलर इससे एक रुपया भी अधिक मांगता है, तो किसान सीधे कृषि विभाग के टोल-फ्री नंबर पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
- प्रति किसान कोटा: वर्तमान में प्रत्येक पंजीकृत किसान को उसकी जोत और खतौनी के अनुसार शुरुआत में अधिकतम 2 से 3 बोरी डीएपी दी जा रही है ताकि सभी किसानों को बुवाई हेतु आवश्यक खाद मिल सके।
- टैगिंग पर पूर्ण प्रतिबंध: निजी विक्रेताओं द्वारा डीएपी के साथ जबरन सल्फर, जिंक या कीटनाशक बेचने (Tagging) पर प्रशासन ने कड़ा संज्ञान लिया है। ऐसा करने वाले डीलरों की दुकान सील कर उर्वरक नियंत्रण आदेश (FCO) के तहत जेल भेजा जाएगा।
नैनो डीएपी के उपयोग की अपील
कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों से आग्रह किया है कि वे दानेदार डीएपी पर अत्यधिक निर्भर रहने के बजाय 500 मिली नैनो डीएपी (तरल) का प्रयोग करें। बुवाई के समय बीज उपचार में मात्र 5 मिली नैनो डीएपी प्रति लीटर पानी का प्रयोग करने से अंकुरण 90% से अधिक होता है और जड़ों का विकास तेजी से होता है।
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