DAP खाद कालाबाजारी पर ताबड़तोड़ छापे — मुजफ्फरनगर व मेरठ में 4 दुकानों के लाइसेंस रद्द, FIR दर्ज

मेरठ/मुजफ्फरनगर (CaneUp ग्राउंड रिपोर्ट — 10 सितंबर 2026): पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 15 सितंबर से शुरू होने वाली शरदकालीन गन्ना बुवाई (Autumn Sowing) से ठीक पहले डीएपी (डाई-अमोनियम फॉस्फेट) उर्वरक की जमाखोरी और ओवर-रेटिंग की शिकायतों पर शासन ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जीरो टॉलरेंस निर्देश के बाद कल रात और आज सुबह संयुक्त टास्क फोर्स ने मुजफ्फरनगर, मेरठ, शामली और बागपत जनपदों के 62 उर्वरक खुदरा प्रतिष्ठानों और सहकारी समितियों पर औचक छापे मारे। जांच के दौरान निर्धारित सरकारी एमआरपी (₹1,350 प्रति 50 किग्रा बोरी) से ₹150 से ₹200 अधिक वसूलने और बिना पीओएस (PoS) मशीन के खाद बेचने पर 4 निजी विक्रेताओं के लाइसेंस तुरंत निरस्त कर दिए गए तथा 2 दुकानदारों पर आवश्यक वस्तु अधिनियम (ECA) की धारा 3/7 के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया है।
⚖️ छापे की कार्रवाई और बरामदगी का ब्योरा
| जनपद | जांच की गई दुकानें | निरस्त लाइसेंस | एफआईआर दर्ज | बरामद अवैध डीएपी स्टॉक |
|---|---|---|---|---|
| मुजफ्फरनगर | 22 प्रतिष्ठान | 2 दुकानें | 1 विक्रेता | 450 बोरी (गोदाम सील) |
| मेरठ | 18 प्रतिष्ठान | 1 दुकान | 1 विक्रेता | 320 बोरी |
| शामली | 14 प्रतिष्ठान | 1 दुकान | 0 (कारण बताओ नोटिस) | 210 बोरी |
| बागपत | 08 प्रतिष्ठान | 0 (चेतावनी जारी) | 0 | 110 बोरी |
🛡️ किसानों के लिए कृषि निदेशक का अलर्ट — तय दरों से ₹1 भी अधिक न दें
कृषि निदेशक उत्तर प्रदेश ने किसानों के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं:
- निर्धारित एमआरपी दरें:
- इफको / कृभको डीएपी (50 किग्रा): ₹1,350/- प्रति बोरी (अधिकतम)।
- एनपीके (12:32:16): ₹1,470/- प्रति बोरी।
- नीम कोटेड यूरिया (45 किग्रा): ₹266.50/- प्रति बोरी।
- पीओएस मशीन पर बायोमेट्रिक अनिवार्य: खाद खरीदते समय अपनी खतौनी और आधार कार्ड ले जाएं तथा अंगूठा लगाकर कम्प्यूटरीकृत पक्की रसीद अनिवार्य रूप से प्राप्त करें।
- टोल-फ्री शिकायत नंबर: यदि कोई भी दुकानदार अधिक पैसे की मांग करे या खाद के साथ सल्फर/जिंक जबरन टैग (बंडल) करे, तो तुरंत कृषि हेल्पलाइन 1800-180-1551 या सीएम हेल्पलाइन 1076 पर कॉल करें। 2 घंटे में मजिस्ट्रेट मौके पर पहुंचेगा।
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