घटतौली पर लगाम — प्रदेश के 2,800 गन्ना कांटों की डिजिटल सीलिंग व इलेक्ट्रॉनिक कैलिब्रेशन शुरू

मेरठ / लखनऊ: उत्तर प्रदेश में आगामी 15 अक्टूबर से शुरू होने जा रहे पेराई सत्र 2026-27 के दौरान गन्ना किसानों की उपज में किसी भी प्रकार की घटतौली (कम तौल) को जड़ से समाप्त करने के लिए राज्य सरकार ने सख्त कानूनी कदम उठाया है। उत्तर प्रदेश विधिक माप विज्ञान विभाग (Weights & Measures Department) ने गन्ना विकास विभाग के साथ मिलकर आज 3 सितंबर से प्रदेश की सभी 120 चीनी मिलों के अधीन संचालित होने वाले 2,800 से अधिक बाह्य गन्ना क्रय केंद्रों (Purchase Centers) और मिल गेट के डिजिटल धर्मकांटों का सरकारी कैलिब्रेशन और इलेक्ट्रॉनिक सीलिंग अभियान शुरू कर दिया है।
गन्ना आयुक्त एवं चीनी उद्योग निदेशालय द्वारा जारी संयुक्त आदेश के अनुसार, नाप-तौल विभाग के वरिष्ठ निरीक्षकों की अध्यक्षता में विशेष तकनीकी दल प्रत्येक क्रय केंद्र पर पहुंचकर 10 टन, 20 टन और 50 टन क्षमता वाले इलेक्ट्रॉनिक वे-ब्रिज पर सरकारी मानक भार (Standard Certified Weights) रखकर 100% सटीकता की जांच कर रहे हैं।
छेड़छाड़ रोकने के लिए डिजिटल बारकोड सील
विधिक माप विज्ञान विभाग के उप नियंत्रक ने मेरठ में बताया, “अक्सर किसानों की शिकायत रहती थी कि कुछ क्रय केंद्रों पर तौल क्लर्क वजन संकेतक (Indicator) के मदरबोर्ड में अनाधिकृत रिमोट चिप या सर्किट जोड़कर प्रति ट्रॉली 1 से 2 क्विंटल गन्ने की घटतौली कर लेते हैं। इस बार सभी धर्मकांटों के इंडिकेटर बॉक्स, लोड सेल जंक्शन और कंप्यूटर केबलिंग पर विशिष्ट होलोग्राम युक्त डिजिटल सिक्योरिटी सील लगाई जा रही है। यदि कोई सील से छेड़छाड़ करता है, तो कांटा तुरंत एरर मोड में चला जाएगा और काम करना बंद कर देगा।”
प्रत्येक सत्यापित वे-ब्रिज पर नाप-तौल विभाग का सरकारी मोहर लगा हुआ हरा सर्टिफिकेट चस्पा किया जा रहा है, जिस पर क्यूआर कोड अंकित है। किसान भाई अपने मोबाइल से क्यूआर कोड स्कैन करके उस कांटे के अंतिम कैलिब्रेशन की तारीख और वजन सटीकता का लाइव प्रमाण देख सकेंगे।
घटतौली पाए जाने पर गैर-जमानती धाराओं में मुकदमा
राज्य सरकार ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि पेराई सत्र के दौरान औचक निरीक्षण के लिए फ्लाइंग स्क्वॉड (उड़न दस्ते) गठित किए जाएं। यदि किसी क्रय केंद्र पर 5 किलोग्राम से अधिक का विचलन (Deviation) पाया जाता है, तो तौल क्लर्क और मिल के मुख्य गन्ना प्रबंधक के खिलाफ विधिक माप विज्ञान अधिनियम 2009 और भारतीय न्याय संहिता की धोखाधड़ी से संबंधित गैर-जमानती धाराओं के तहत तत्काल प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर गिरफ्तारी की जाएगी।
विभाग ने किसानों से भी अपील की है कि वे अपनी ट्रॉली का वजन कराने से पहले कांटे का शून्य (Zero Balance) अवश्य चेक करें और किसी भी संदेह की स्थिति में विभाग की हेल्पलाइन 1800-121-3203 पर तुरंत सूचित करें।
क्रय केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों की लाइव मॉनिटरिंग
गन्ना विभाग ने यह भी अनिवार्य किया है कि प्रत्येक क्रय केंद्र पर दो सीसीटीवी कैमरे लगे होने चाहिए—एक कांटा डिस्प्ले पर और दूसरा ट्रॉली पर। इन कैमरों की लाइव फीड सीधे संबंधित एसडीएम कार्यालय और गन्ना विकास परिषद के कंट्रोल रूम से जुड़ी रहेगी ताकि किसी भी स्तर पर गड़बड़ी की गुंजाइश न रहे।
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