12 फीट ऊंचे गन्ने में ड्रोन से होगा नैनो डीएपी व कीटनाशक स्प्रे: प्रति एकड़ सिर्फ ₹250 खर्च — इफको और कृषि विभाग ने शुरू की बुकिंग

मेरठ / मुजफ्फरनगर / हापुड़ (CaneUp विशेष ब्यूरो — 23 सितंबर 2026): उत्तर प्रदेश के गन्ना बेल्ट में आधुनिक कृषि तकनीक का एक नया अध्याय शुरू हो गया है। सितंबर और अक्टूबर के महीनों में जब गन्ने की फसल 12 से 14 फीट ऊंची हो जाती है और खेतों में जलभराव या जहरीले कीड़े-मकोड़ों के कारण मजदूर स्प्रे करने से मना कर देते हैं, तब किसान ड्रोन (Kisan Drone) गन्ना किसानों के लिए जीवनदायिनी वरदान साबित हो रहे हैं।
इफको (IFFCO) और उत्तर प्रदेश कृषि निदेशालय ने संयुक्त रूप से पश्चिमी उत्तर प्रदेश के गन्ना बहुल जनपदों में 120 हाई-टेक एग्री-ड्रोन्स की तैनाती कर दी है। सरकार द्वारा 50% अनुदान दिए जाने के बाद किसान अब मात्र ₹250 प्रति एकड़ के नाममात्र शुल्क पर अपने खेत में दवा का छिड़काव करा सकते हैं।
🛸 गन्ना ड्रोन छिड़काव के 5 सबसे बड़े फायदे
- सिर्फ 7 मिनट में 1 एकड़ स्प्रे: जहां एक मजदूर को पीठ पर 16 लीटर की टंकी लादकर 1 एकड़ में छिड़काव करने में 3 से 4 घंटे का पसीना बहाना पड़ता है, वहीं ड्रोन मात्र 7 से 8 मिनट में पूरे एक एकड़ खेत को एकसमान स्प्रे कर देता है।
- दवा और पानी की 90% बचत: पारंपरिक स्प्रे में प्रति एकड़ 150-200 लीटर पानी लगता है, जबकि ड्रोन के अल्ट्रा-लो वॉल्यूम (ULV) नोजल से मात्र 10 से 12 लीटर पानी में नैनो यूरिया या कीटनाशक की नैनो-बूंदें पत्तियों के ऊपर और नीचे समान रूप से चिपक जाती हैं।
- मजदूरों की जान जोखिम में नहीं: घने गन्ने में छिड़काव करते समय मजदूरों के शरीर पर जहरीली दवा गिरने या सांप-बिच्छू के काटने का खतरा रहता है। ड्रोन ऑपरेटर खेत की मेड़ पर खड़े होकर रिमोट से पूरा काम कर देता है।
- पोषक तत्वों का 100% अवशोषण: ड्रोन के पंखों की तेज हवा (Downwash Thrust) गन्ने की पत्तियों को हिला देती है, जिससे दवा गन्ने के गोभ (Whorl) और पत्तियों के पिछले हिस्से में मौजूद रंध्रों (Stomata) तक तुरंत पहुंच जाती है।
- नैनो यूरिया व नैनो डीएपी का सटीक उपयोग: एक बोतल नैनो यूरिया (500 मि.ली.) एक बोरी पारंपरिक यूरिया के बराबर काम करती है, जिसे ड्रोन से आसानी से स्प्रे किया जा सकता है।
📞 ड्रोन सेवा की बुकिंग कैसे करें?
- इफको किसान हेल्पलाइन: किसान अपने मोबाइल से टोल-फ्री नंबर 1800-103-1967 पर डायल करके बुकिंग करा सकते हैं।
- गन्ना समिति स्तर पर बुकिंग: अपनी स्थानीय सहकारी गन्ना विकास समिति के खाद काउंटर पर जाकर भी ड्रोन स्लॉट बुक किया जा सकता है।
- आवश्यक विवरण: बुकिंग के समय किसान को अपना नाम, गांव, गन्ने का रकबा और किस दवा/नैनो खाद का छिड़काव कराना है, यह दर्ज कराना होता है। 24 से 48 घंटे के भीतर ड्रोन पायलट खेत पर पहुंच जाता है।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
प्रश्न 1: ₹250 प्रति एकड़ में दवा का खर्च शामिल है या सिर्फ छिड़काव शुल्क?
उत्तर: ₹250 केवल ड्रोन की उड़ान और ऑपरेटर का छिड़काव शुल्क है। दवा या नैनो यूरिया किसान को अपने स्तर पर खरीदनी होगी।
प्रश्न 2: क्या तेज हवा या बारिश में ड्रोन उड़ सकता है?
उत्तर: नहीं। 20 किमी/घंटा से अधिक तेज हवा या बारिश के दौरान छिड़काव रोक दिया जाता है ताकि दवा उड़कर दूसरे के खेत में न जाए।
प्रश्न 3: क्या कोई युवा किसान खुद का ड्रोन खरीदकर सब्सिडी ले सकता है?
उत्तर: जी हाँ! कृषि यंत्रीकरण योजना के तहत कृषि स्नातकों को ड्रोन खरीदने पर 50% (अधिकतम ₹5 लाख) और एफपीओ (FPO) को 75% तक की सरकारी सब्सिडी दी जा रही है।
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