ई-गन्ना ऐप का नया v6.2 अपडेट जारी — मिल यार्ड में लाइव ट्रैक्टर कतार और आसान बायोमेट्रिक लॉगिन
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के 50 लाख से अधिक पंजीकृत गन्ना किसानों के लिए डिजिटल गन्ना पर्ची, सट्टा कैलेंडर और भुगतान की रियल-टाइम जानकारी देने वाले आधिकारिक मोबाइल एप्लिकेशन eGanna App का बहुप्रतीक्षित नया वर्जन 6.2 (v6.2) आज 3 सितंबर की शाम गूगल प्ले स्टोर पर आधिकारिक रूप से जारी कर दिया गया है। गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग विभाग की तकनीकी विंग ने पिछले पेराई सत्र में किसानों द्वारा दिए गए फीडबैक और शिकायतों के आधार पर ऐप के पूरे आर्किटेक्चर को अपग्रेड किया है।
गन्ना आयुक्त कार्यालय के तकनीकी निदेशक ने लखनऊ में बताया कि नया वर्जन पहले की तुलना में 40% हल्का (मात्र 12 MB) है और यह कमजोर 2G/3G नेटवर्क वाले सुदूर ग्रामीण इलाकों में भी बिजली की तेजी से खुलता है।
नए v6.2 अपडेट में जोड़े गए 4 बड़े क्रांतिकारी फीचर्स
- लाइव ट्रैक्टर कतार ट्रैकिंग (Live Yard Queue Tracking): अब किसान घर बैठे अपने मोबाइल पर देख सकेंगे कि संबंधित चीनी मिल के गेट पर इस समय कितनी ट्रॉलियां खड़ी हैं और उनकी तौल में औसतन कितना समय लग रहा है। इससे किसानों को मिल यार्ड में रात भर भूखे-प्यासे कतार में खड़े रहने से मुक्ति मिलेगी।
- बायोमेट्रिक फिंगरप्रिंट व फेस अनलॉक: ऐप से बार-बार लॉग-आउट होने या ‘Session Expired’ की गंभीर समस्या को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है। किसान अब अपने फोन के फिंगरप्रिंट सेंसर या फेस-आईडी से एक सेकंड में सुरक्षित लॉगिन कर सकेंगे।
- ऑफलाइन पर्ची डाउनलोड (Offline Parchi Wallet): जिन किसानों के खेतों में मोबाइल इंटरनेट नहीं चलता, वे घर पर ही अपनी जारी पर्ची को ऐप के ऑफलाइन वॉलेट में सेव कर सकेंगे। क्रय केंद्र पर इंटरनेट न होने पर भी वे तौल क्लर्क को डिजिटल क्यूआर कोड दिखा सकेंगे।
- घोषणा पत्र व सट्टा आपत्ति स्थिति का लाइव स्टेटस: वर्तमान में चल रहे 15 दिवसीय सट्टा सुधार अभियान के तहत किसान ने जो आपत्ति दर्ज कराई है, उसकी फाइल किस अधिकारी के पास लंबित है और कब तक हल होगी, इसका ट्रैकिंग स्टेटस बार ऐप के होम स्क्रीन पर दिखेगा।
पुराने ऐप को तुरंत अपडेट करने की सलाह
विभागीय अधिकारियों ने सभी किसान भाइयों से अपील की है कि वे तुरंत गूगल प्ले स्टोर पर जाकर ’eGanna’ सर्च करें और ‘Update’ बटन दबाकर नया वर्जन 6.2 इंस्टॉल करें। जिन किसानों के पास पुराना वर्जन (v5.8 या v6.0) है, वह 15 सितंबर के बाद काम करना बंद कर देगा।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि ई-गन्ना ऐप पूरी तरह निःशुल्क है। किसी भी फर्जी ऐप या अज्ञात लिंक से एपीके (APK) डाउनलोड न करें, केवल गूगल प्ले स्टोर के आधिकारिक डेवलपर ‘U.P. Cane Development Department’ द्वारा जारी ऐप ही इस्तेमाल करें।
बहुभाषी वॉयस असिस्टेंट की भी शुरुआत
नए अपडेट में बुजुर्ग और कम पढ़े-लिखे किसानों की सुविधा के लिए हिंदी वॉयस असिस्टेंट फीचर भी जोड़ा गया है। किसान केवल माइक का बटन दबाकर “मेरी अगली पर्ची कब आएगी” या “मेरा भुगतान कितना बाकी है” बोलकर अपनी जानकारी सुन सकेंगे।
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