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इथेनॉल आपूर्ति वर्ष (ESY) 2026-27 के लिए 40 लाख टन चीनी डायवर्जन को केंद्र की हरी झंडी: यूपी की 45 डिस्टिलरी में रिकॉर्ड उत्पादन का लक्ष्य

Aamir Raza Sep 22, 2026 3 min read
इथेनॉल आपूर्ति वर्ष (ESY) 2026-27 के लिए 40 लाख टन चीनी डायवर्जन को केंद्र की हरी झंडी: यूपी की 45 डिस्टिलरी में रिकॉर्ड उत्पादन का लक्ष्य
अंतिम अपडेट: September 22, 2026 4:45 PM IST — यह आर्टिकल नियमित रूप से अपडेट किया जाता है।

नई दिल्ली / लखनऊ (CaneUp विशेष ब्यूरो — 22 सितंबर 2026): भारत सरकार के खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय तथा पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने आगामी इथेनॉल आपूर्ति वर्ष (ESY) 2026-27 के लिए चीनी उद्योग और गन्ना किसानों के हित में बड़ा नीतिगत निर्णय लिया है। सरकार ने गन्ने के रस (Sugarcane Juice), सिरप और बी-हैवी मोलासेस से कुल 40 लाख मीट्रिक टन चीनी को इथेनॉल उत्पादन में डायवर्ट करने की औपचारिक अनुमति प्रदान कर दी है।

इस फैसले से देश में सर्वाधिक गन्ना और इथेनॉल उत्पादक राज्य उत्तर प्रदेश की 45 से अधिक डिस्टिलरी मिलों (जैसे धामपुर, बलरामपुर, डालमिया, अवध शुगर, त्रिवेणी) को सीधा फायदा पहुंचेगा।


🛢️ इथेनॉल मूल्य ढांचा एवं फीडस्टॉक दरें

तेल विपणन कंपनियों (IOCL, BPCL, HPCL) द्वारा चीनी मिलों को दिए जाने वाले प्रति लीटर इथेनॉल के खरीद भाव:

फीडस्टॉक (Feedstock Source)दर (प्रति लीटर)भुगतान समय-सीमाकिसानों को लाभ
गन्ने का शुद्ध रस / सिरप (Sugarcane Juice)₹65.61 / लीटर21 दिन में बैंक खाते मेंमिलों को तुरंत कैशफ्लो, शून्य स्टॉक जाम
बी-हैवी शीरा (B-Heavy Molasses)₹60.73 / लीटर21 दिन में बैंक खाते मेंचीनी की अतिरिक्त आपूर्ति से बचाव
सी-हैवी शीरा (C-Heavy Molasses)₹56.28 / लीटर21 दिन में बैंक खाते मेंपारंपरिक डिस्टिलरी उपयोग

💡 किसानों के गन्ना भुगतान पर क्या पड़ेगा असर?

चीनी मिलों की सबसे बड़ी समस्या यह रहती थी कि जब बाजार में चीनी के दाम गिरते थे, तो मिलों का पैसा चीनी गोदामों में फंस जाता था और किसानों का गन्ना भुगतान कई-कई महीने लटक जाता था।

  1. 21 दिन में कैश इनफ्लो: ओएमसी (OMCs) इथेनॉल आपूर्ति के 21 दिन के भीतर मिलों के बैंक खातों में सीधे करोड़ों रुपये का भुगतान कर देती हैं।
  2. एस्क्रो खाते में जमा: सरकार ने अनिवार्य किया है कि इथेनॉल से आने वाले 85% राजस्व को सीधे एस्क्रो खाते में डालकर किसानों के बकाये भुगतान में ट्रांसफर किया जाए।
  3. 14 दिन नियम का पालन: तरलता (Liquidity) बढ़ने से चीनी मिलें अधिनियम के अनुसार 14 दिनों के अंदर भुगतान करने में सक्षम होंगी।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

प्रश्न 1: क्या 40 लाख टन चीनी डायवर्ट होने से घरेलू बाजार में चीनी महंगी होगी?

उत्तर: नहीं। देश में घरेलू खपत लगभग 285 लाख टन है, जबकि कुल अनुमानित उत्पादन 330 लाख टन से अधिक है। इसलिए घरेलू बाजार में पर्याप्त आपूर्ति बनी रहेगी।

प्रश्न 2: वर्तमान में पेट्रोल में कितने प्रतिशत इथेनॉल मिलाया जा रहा है?

उत्तर: वर्तमान में देश में लगभग 15.5% से 16% औसत ब्लेंडिंग हासिल की जा चुकी है और 2026 तक 20% (E20) का राष्ट्रीय लक्ष्य रखा गया है।

प्रश्न 3: किसान सीधे इथेनॉल प्लांट को गन्ना दे सकते हैं?

उत्तर: किसान अपनी संबद्ध चीनी मिल को ही गन्ना सप्लाई करेंगे, मिलें उस गन्ने के रस से चीनी बनाने के बजाय सीधे डिस्टिलरी में इथेनॉल निर्माण करेंगी।

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Aamir Raza
लेखक एवं मुख्य संपादक

Aamir Raza

संस्थापक एवं प्रधान संपादक — CaneUp.xyz। उत्तर प्रदेश गन्ना उद्योग, पर्ची कैलेंडर, SAP/MSP मूल्य नीति, ई-गन्ना पोर्टल और किसान अधिकारों पर 10+ वर्षों का जमीनी अनुभव।

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