खाद की कालाबाजारी पर लगेगा रासुका: CM योगी की सख्त चेतावनी — समितियों पर 1.5 लाख बोरी DAP और पहुंची, ओवररेटिंग पर सीधी जेल

लखनऊ / मुरादाबाद / शाहजहांपुर (CaneUp विशेष ब्यूरो — 24 सितंबर 2026 शाम 5:52 बजे): उत्तर प्रदेश में शरदकालीन गन्ना बुवाई और आगामी गेहूं-आलू की बुवाई के मौसम में किसानों को फास्फेटिक उर्वरकों (DAP/NPK) की सहज उपलब्धता सुनिश्चित कराने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त प्रशासनिक हंटर चला दिया है। आज शाम 5 कालिदास मार्ग पर कृषि एवं सहकारिता विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “किसानों को तय सरकारी दर ₹1,350 प्रति बोरी पर ही डीएपी मिलना चाहिए। यदि किसी भी जिले में खाद की कालाबाजारी, ओवररेटिंग या जबरन टैगिंग की शिकायत आई तो दोषी व्यापारियों पर रासुका (NSA) और गैंगस्टर एक्ट लगेगा।”
मुख्यमंत्री के कड़े रुख के तुरंत बाद इफको और कृभको की तीन विशेष मालगाड़ी रैक पश्चिमी यूपी के मुरादाबाद, सहारनपुर और बरेली जंक्शन पर अनलोड कर 1.5 लाख बोरी डीएपी सीधे प्राथमिक सहकारी समितियों (PACCs) को रवाना कर दी गई हैं।
🚨 खाद खरीद के लिए सरकार द्वारा तय 4 सख्त नियम
- ₹1,350 प्रति बोरी से अधिक वसूली अपराध: डीएपी की 50 किग्रा बोरी का अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) ₹1,350 है। एक रुपया भी अधिक लेना गैर-कानूनी है।
- जबरन टैगिंग पर तत्काल एफआईआर: यदि कोई निजी खाद डीलर या समिति कर्मचारी डीएपी के साथ जबरन सल्फर, जिंक या नैनो यूरिया लेने का दबाव बनाता है, तो उसका लाइसेंस तुरंत निरस्त होगा और जेल भेजा जाएगा।
- पीओएस (PoS) मशीन से ही आधार बिक्री: सभी बिक्री पीओएस मशीन के माध्यम से किसान के अंगूठे के निशान और भूमि जोत के आधार पर ही होगी।
- सीमावर्ती जिलों में सघन चेकिंग: नेपाल और पड़ोसी राज्यों में खाद की तस्करी रोकने के लिए सीमावर्ती जिलों में 24 घंटे की पुलिस नाकाबंदी लगा दी गई है।
📞 खाद से जुड़ी शिकायत दर्ज कराने के हेल्पलाइन नंबर
- राज्य स्तरीय कृषि हेल्पलाइन: 1800-180-1551 (टोल फ्री)
- सहकारिता विभाग कंट्रोल रूम: 0522-2287114
- सीएम हेल्पलाइन: 1076 पर 24 घंटे दर्ज कराएं शिकायत।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
प्रश्न 1: क्या किसान को डीएपी के विकल्प के रूप में एनपीके इस्तेमाल करना चाहिए?
उत्तर: जी हाँ! वैज्ञानिक परीक्षणों के अनुसार, NPK 12:32:16 (मूल्य ₹1,470) गन्ने की बुवाई के लिए डीएपी से भी अधिक लाभकारी है क्योंकि इसमें पोटाश भी शामिल होता है।
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