होम › यूपी के 120 चीनी मिल क्षेत्रों में कल से …

यूपी के 120 चीनी मिल क्षेत्रों में कल से मुफ्त मृदा परीक्षण कैंप — शरदकालीन बुवाई के लिए मिलेगा सॉइल कार्ड

Aamir Raza Aamir Raza • Sep 1, 2026 • 3 min read
Google पर हमें फ़ॉलो करें
शेयर करें:
यूपी के 120 चीनी मिल क्षेत्रों में कल से मुफ्त मृदा परीक्षण कैंप — शरदकालीन बुवाई के लिए मिलेगा सॉइल कार्ड
अंतिम अपडेट: September 1, 2026 6:45 PM IST — यह आर्टिकल नियमित रूप से अपडेट किया जाता है।

लखनऊ / बरेली: उत्तर प्रदेश गन्ना विकास विभाग और कृषि विभाग ने 15 सितंबर से आरंभ होने जा रही शरदकालीन गन्ना बुवाई (Autumn Sugarcane Planting) की तैयारी के तहत प्रदेश के सभी 120 चीनी मिल परिक्षेत्रों में कल 2 सितंबर 2026 से ‘विशेष निःशुल्क मृदा स्वास्थ्य परीक्षण एवं सॉइल हेल्थ कार्ड वितरण महा-अभियान’ शुरू करने का निर्णय लिया है। यह अभियान 2 सितंबर से 12 सितंबर 2026 तक संचालित होगा, जिसमें राज्य भर की 60 अत्याधुनिक मोबाइल सॉइल टेस्टिंग वैन (Mobile Soil Labs) गाँव-गाँव पहुंचकर किसानों के खेतों की मिट्टी का मौके पर ही परीक्षण करेंगी।

कृषि निदेशक उत्तर प्रदेश ने बताया कि रासायनिक खादों (विशेष रूप से डीएपी और यूरिया) के असंतुलित उपयोग के कारण प्रदेश के कई गन्ना उत्पादक क्षेत्रों में मिट्टी का पीएच मान (pH) असंतुलित हो गया है और जैविक कार्बन (Organic Carbon) का स्तर 0.4% से नीचे चला गया है। इस अभियान का उद्देश्य किसानों को उनकी मिट्टी के पोषक तत्वों की वास्तविक स्थिति बताना और आवश्यकतानुसार ही खाद डालने के लिए प्रेरित करना है।

12 प्रमुख पोषक तत्वों की होगी डिजिटल जांच

मोबाइल मृदा परीक्षण प्रयोगशालाओं में मिट्टी के 12 महत्वपूर्ण मानकों की जांच मात्र 30 मिनट में पूरी की जाएगी:

  • प्राथमिक पोषक तत्व: नाइट्रोजन (N), फास्फोरस (P), और पोटाश (K)
  • द्वितीयक पोषक तत्व: सल्फर (S), कैल्शियम (Ca), और मैग्नीशियम (Mg)
  • सूक्ष्म पोषक तत्व: जिंक (Zn), आयरन (Fe), मैंगनीज (Mn), कॉपर (Cu), और बोरॉन (B)
  • भौतिक गुण: मृदा पीएच (pH), विद्युत चालकता (EC), और जैविक कार्बन

बरेली परिक्षेत्र के उप गन्ना आयुक्त ने बताया, “गन्ना एक अत्यधिक खुराक लेने वाली फसल है। किसान अक्सर प्रति एकड़ 2 से 3 बोरी डीएपी डाल देते हैं, जबकि मिट्टी में फास्फोरस पहले से ही मौजूद होता है। मृदा जांच रिपोर्ट मिलने से किसान को यह पता चलेगा कि उसे डीएपी की कितनी मात्रा कम करनी है और पोटाश व जिंक कितना बढ़ाना है। इससे किसान के प्रति एकड़ ₹1,500 से ₹2,000 की खाद लागत की बचत होगी और गन्ने का जमाव 15% अधिक होगा।”

मिट्टी का नमूना कैसे लें? किसान भाई इन बातों का रखें ध्यान

कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को मिट्टी का सही नमूना लेने की विधि समझाई है: खेत के 5 से 6 अलग-अलग स्थानों से ‘V’ आकार का 6 से 9 इंच गहरा गड्ढा खोदें और ऊपर से नीचे तक की 1-1 इंच की मिट्टी की परत खुरच कर एक साफ बाल्टी में इकट्ठा करें। सभी नमूनों को अच्छी तरह मिलाकर छाया में सुखाएं और लगभग 500 ग्राम मिट्टी एक साफ पॉलीथिन में भरकर अपने आधार व खतौनी नंबर के साथ कल लगने वाले मोबाइल कैंप में जमा करें।

सॉइल टेस्ट की अंतिम रिपोर्ट किसान के मोबाइल पर एसएमएस और डिजिटल सॉइल हेल्थ कार्ड के रूप में CaneUp पोर्टल पर भी उपलब्ध कराई जाएगी।

संतुलित खाद उपयोग से 20% तक बढ़ सकती है पैदावार

गन्ना वैज्ञानिकों के अनुसार सही अनुपात में जैविक खाद, ट्राइकोडर्मा और सूक्ष्म पोषक तत्वों का उपयोग करने से न केवल गन्ने की जड़ें 3 फीट तक गहराई में जाती हैं, बल्कि रेड रॉट जैसी फंगल बीमारियों से लड़ने की प्राकृतिक प्रतिरोधक क्षमता भी मिट्टी में विकसित होती है। सभी किसान भाई इस 10 दिवसीय निःशुल्क सरकारी कैंप का अधिक से अधिक लाभ उठाएं।

सभी चीनी मिलों के गन्ना प्रबंधकों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने फील्ड सुपरवाइजरों को किसानों के खेत से मिट्टी के नमूने एकत्र करने में तैनात करें ताकि छोटे और सीमांत किसानों को जांच कराने में कोई परेशानी न हो।

🌾 CaneUp किसान सहायता पोर्टल

अपनी समस्या या सवाल दर्ज करें

गन्ना पर्ची, सट्टा संशोधन, सर्वे, ई-गन्ना ऐप या भुगतान में कोई भी दिक्कत हो, नीचे अपनी जानकारी भरें। हमारी टीम समाधान में आपकी पूरी मदद करेगी।

1 जिला व मिल चुनें
2 गांव व नाम डालें
3 समस्या लिखकर भेजें
उत्तर प्रदेश का अपना जनपद चुनें
आपके जिले से संबंधित चीनी मिलें
इस नंबर पर आपको पर्ची और भुगतान के व्हाट्सएप अपडेट्स मिलेंगे
जितना स्पष्ट लिखेंगे, उतनी जल्दी सटीक समाधान मिलेगा

🔒 आपकी निजी जानकारी 100% सुरक्षित है। हम कोई स्पैम नहीं भेजते। केवल आपकी मिल से जुड़े आधिकारिक अपडेट्स शेयर किए जाते हैं।

✓
Aamir Raza
लेखक एवं मुख्य संपादक

Aamir Raza

संस्थापक एवं प्रधान संपादक — CaneUp.xyz। उत्तर प्रदेश गन्ना उद्योग, पर्ची कैलेंडर, SAP/MSP मूल्य नीति, ई-गन्ना पोर्टल और किसान अधिकारों पर 10+ वर्षों का जमीनी अनुभव।

यह आर्टिकल कैसा लगा?

📬 गन्ना अपडेट पाएं

MSP रेट, पर्ची कैलेंडर, सरकारी योजनाएं — सीधे आपके इनबॉक्स में