होम › बकाया भुगतान पर सख्ती: गन्ना आयुक्त ने …

बकाया भुगतान पर सख्ती: गन्ना आयुक्त ने गड़ौरा मिल का आवंटन रद्द किया, 20 हजार हेक्टेयर का गन्ना इन 4 मिलों को

Aamir Raza Aamir Raza • Oct 23, 2026 • 6 min read
Google पर हमें फ़ॉलो करें
शेयर करें:
बकाया भुगतान पर सख्ती: गन्ना आयुक्त ने गड़ौरा मिल का आवंटन रद्द किया, 20 हजार हेक्टेयर का गन्ना इन 4 मिलों को
अंतिम अपडेट: October 23, 2026 2:17 PM IST — यह आर्टिकल नियमित रूप से अपडेट किया जाता है।

महराजगंज जिले के गन्ना किसानों के लिए पेराई सत्र 2026-27 शुरू होने से ठीक पहले गन्ना आयुक्त का एक सख्त फैसला सामने आया है। बकाया गन्ना भुगतान के चलते गन्ना आयुक्त ने जेएचवी शुगर मिल, गड़ौरा के लिए आगामी पेराई सत्र का गन्ना आवंटन प्रस्ताव खारिज कर दिया है। पिछले पेराई सत्र में जिस मिल को 60.73 लाख क्विंटल गन्ना आवंटित हुआ था, इस बार उसे कोई नया गन्ना नहीं मिलेगा। आयुक्त के आदेश के मुताबिक, गड़ौरा मिल के हिस्से का गन्ना अब कुशीनगर की हाटा और रामकोला, गोरखपुर की पिपराइच और महराजगंज की सिसवा बाजार चीनी मिलों को आवंटित किया जाएगा।

इस फैसले से गड़ौरा मिल के सामने आगामी सत्र में संचालन का संकट खड़ा हो गया है, और जिले के हजारों किसानों को अपनी गन्ना आपूर्ति की नई व्यवस्था समझनी होगी। विभाग ने क्रय केंद्रवार आवंटन की सूची जारी कर दी है, ताकि किसानों का गन्ना समय पर सही मिल तक पहुंच सके।

गन्ना आयुक्त ने आवंटन प्रस्ताव क्यों खारिज किया

जागरण और चिनीमंडी की रिपोर्टों के मुताबिक, गड़ौरा मिल पर पिछले पेराई सत्र का किसानों का बकाया गन्ना मूल्य अब भी लंबित है। यही बकाया भुगतान इस सख्त फैसले की सबसे बड़ी वजह बना।

रिपोर्टों में फैसले के तीन कारण सामने आए हैं। पहला, किसानों का बकाया गन्ना मूल्य अब तक नहीं चुकाया गया। दूसरा, मिल की मौजूदा स्थिति को लेकर विभाग में असमंजस बना हुआ है। और तीसरा, लंबित गन्ना मूल्य के भुगतान की जिम्मेदारी अब भी स्पष्ट नहीं हुई है। इन तीनों वजहों से गन्ना आयुक्त ने आगामी पेराई सत्र 2026-27 के लिए मिल के नाम गन्ना आवंटन के प्रस्ताव को स्वीकृति देने से इनकार कर दिया।

कहना होगा कि बकाया भुगतान रखने वाली मिलों के खिलाफ विभाग का यह रुख नया नहीं है। इसी सप्ताह बरेली क्षेत्र की एक चीनी मिल के खिलाफ भी गन्ना आयुक्त ने इसी तरह का आदेश जारी किया था, जिसमें बकाया रखने वाली मिल का अधिकांश गन्ना क्षेत्र दूसरी मिलों को दे दिया गया था। साफ है कि विभाग इस सत्र में बकाया भुगतान को लेकर कोई ढील देने के मूड में नहीं है।

4 मिलों को मिलेगा गड़ौरा का गन्ना, देखें केंद्रवार सूची

गन्ना आयुक्त के आदेश के बाद गड़ौरा मिल के हिस्से का गन्ना चार चीनी मिलों में बांट दिया गया है। जागरण और चिनीमंडी की रिपोर्ट के अनुसार, प्रमुख क्रय केंद्रों का आवंटन इस प्रकार है:

क्रय केंद्रगन्ना (लाख क्विंटल)नई मिल
जयश्री प्रथम1.84पिपराइच (गोरखपुर)
जयश्री द्वितीय1.20हाटा (कुशीनगर)
पिपराकाजी प्रथम व द्वितीय0.78रामकोला (कुशीनगर)
मिश्रौलिया द्वितीय1.20रामकोला (कुशीनगर)

जागरण की विस्तृत रिपोर्ट के मुताबिक, इनके अलावा लेदी, बजहा प्रथम, मिश्रौलिया प्रथम, बैठवलिया और झुलनीपुर क्रय केंद्रों का कुल 8.55 लाख क्विंटल गन्ना हाटा मिल को आवंटित हुआ है। डोमा फार्म, बहुआर, बजही और बजहा द्वितीय केंद्रों से कुल 7.70 लाख क्विंटल गन्ना सिसवा बाजार मिल को मिलेगा, जबकि गड़ौरा मिलगेट के 12.84 लाख क्विंटल गन्ने की आपूर्ति पिपराइच, हाटा और रामकोला मिलों से संयुक्त रूप से कराई जाएगी।

इसका मतलब यह हुआ कि गड़ौरा क्षेत्र के किसान अब अपने गन्ने की आपूर्ति सीधे गड़ौरा मिल को नहीं, बल्कि उनके केंद्र से जुड़ी नई मिल के क्रय केंद्रों के माध्यम से करेंगे। पर्ची और आपूर्ति कैलेंडर भी उसी नई मिल के अनुसार जारी होगा।

जिले में इस साल 1.43 करोड़ क्विंटल गन्ने का अनुमान

महराजगंज जिले में करीब 20 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में गन्ने की खेती होती है। प्रति हेक्टेयर 715 क्विंटल संभावित औसत उत्पादन के आधार पर इस वर्ष जिले से करीब 1.43 करोड़ क्विंटल गन्ना पैदा होने का अनुमान है। विभाग ने केंद्रवार आवंटन सूची पहले से तैयार कर दी है, ताकि पेराई सत्र शुरू होते ही किसानों की आपूर्ति दूसरी मिलों के माध्यम से सुचारू रूप से चल सके।

खड्डा रेता के करीब 3000 किसानों को मिली राहत

इसी बीच कुशीनगर के खड्डा रेता क्षेत्र के किसानों के लिए भी एक अच्छी खबर आई है। लाइव हिन्दुस्तान की रिपोर्ट के अनुसार, खड्डा रेता क्षेत्र के शिवपुर, मरिचहवा, बसंतपुर, नारायणपुर, हरिहरपुर और भैंसहा के बालगोविंद छपरा में गन्ना उगाने वाले करीब 3000 किसानों का गन्ना अब महराजगंज की गड़ौरा चीनी मिल के बजाय आईपीएल चीनी मिल खड्डा को आवंटित किया गया है।

रिपोर्ट के मुताबिक, गड़ौरा मिल में पिछले पेराई सत्र का भुगतान बकाया होने और आपूर्ति में परेशानी के चलते किसान लंबे समय से इस बदलाव की मांग कर रहे थे। किसानों ने सांसद विजय दुबे, विधायक विवेकानंद पांडेय और केन यूनियन चेयरमैन सुप्रियमय मालवीय से खड्डा चीनी मिल को गन्ना आवंटित कराने की मांग की थी, जिसके बाद यह फैसला लिया गया। फैसले के बाद किसानों ने जनप्रतिनिधियों और केन यूनियन चेयरमैन के प्रति आभार जताया है।

गड़ौरा मिल के संचालन पर गहराया संकट

बकाया भुगतान के चलते गन्ना आवंटन रद्द होने से गड़ौरा मिल के सामने आगामी पेराई सत्र में संचालन का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। बिना गन्ना आवंटन के मिल का चलना लगभग नामुमकिन होगा।

किसान संगठनों का कहना है कि जब मिल समय पर भुगतान नहीं करती, तो किसानों के पास उससे नाता तोड़ने के अलावा कोई विकल्प नहीं रहता। हालांकि, आवंटन रद्द होने से पुराने बकाए की जिम्मेदारी अपने आप खत्म नहीं हो जाती और पिछले सत्र का बकाया भुगतान अभी भी मिल की ही जिम्मेदारी है।

गड़ौरा क्षेत्र के किसान अब क्या करें

अगर आप गड़ौरा मिल क्षेत्र के गन्ना किसान हैं, तो इन बातों का ध्यान रखें:

  1. अपने क्रय केंद्र का नया आवंटन जांचें — ऊपर दी गई सूची में देखें कि आपका केंद्र अब किस मिल से जुड़ा है। पर्ची और आपूर्ति कैलेंडर उसी नई मिल के अनुसार जारी होगा।
  2. ई-गन्ना ऐप और पोर्टल पर नजर रखें — पर्ची जारी होने की स्थिति, आपूर्ति तिथि और बकाया भुगतान की जानकारी के लिए आधिकारिक पोर्टल ही सबसे भरोसेमंद स्रोत है।
  3. गन्ना काटने और पहुंचाने में देरी न करें — केंद्र बदलने की वजह से शुरुआत में आपूर्ति में थोड़ी उलझन हो सकती है, इसलिए पर्ची मिलते ही समय पर गन्ना पहुंचाएं।
  4. पुराने बकाए का रिकॉर्ड संभालकर रखें — पिछले सत्र का बकाया भुगतान अभी भी मिल की जिम्मेदारी है। भुगतान पर्चियों और रसीदों को संभालकर रखें ताकि वसूली में परेशानी न हो।

जवाब जानिए

गड़ौरा मिल को आगामी सत्र के लिए गन्ना क्यों नहीं मिला? गन्ना आयुक्त ने बकाया गन्ना भुगतान, मिल की मौजूदा स्थिति और भुगतान की जिम्मेदारी स्पष्ट न होने के कारण गड़ौरा मिल का पेराई सत्र 2026-27 का आवंटन प्रस्ताव खारिज कर दिया।

गड़ौरा क्षेत्र का गन्ना अब किन मिलों को जाएगा? पिपराइच (गोरखपुर), हाटा और रामकोला (कुशीनगर) तथा सिसवा बाजार (महराजगंज) मिलों को क्रय केंद्रवार आवंटित किया गया है।

पिछले सत्र में गड़ौरा मिल को कितना गन्ना मिला था? पिछले पेराई सत्र में गड़ौरा मिल को 60.73 लाख क्विंटल गन्ना आवंटित हुआ था।

क्या खड्डा रेता के किसानों का गन्ना भी बदला गया है? लाइव हिन्दुस्तान की रिपोर्ट के अनुसार, खड्डा रेता क्षेत्र के करीब 3000 किसानों का गन्ना गड़ौरा मिल से हटाकर आईपीएल चीनी मिल खड्डा को आवंटित किया गया है।

पुराने बकाया भुगतान का क्या होगा? आवंटन रद्द होने से पुराने बकाए की जिम्मेदारी खत्म नहीं होती। किसानों को अपनी भुगतान रसीदें संभालकर रखनी चाहिए और बकाया वसूली के लिए विभाग के निर्देशों का पालन करना चाहिए।

स्रोत: जागरण, चिनीमंडी, लाइव हिन्दुस्तान

🌾 CaneUp किसान सहायता पोर्टल

अपनी समस्या या सवाल दर्ज करें

गन्ना पर्ची, सट्टा संशोधन, सर्वे, ई-गन्ना ऐप या भुगतान में कोई भी दिक्कत हो, नीचे अपनी जानकारी भरें। हमारी टीम समाधान में आपकी पूरी मदद करेगी।

1 जिला व मिल चुनें
2 गांव व नाम डालें
3 समस्या लिखकर भेजें
उत्तर प्रदेश का अपना जनपद चुनें
आपके जिले से संबंधित चीनी मिलें
इस नंबर पर आपको पर्ची और भुगतान के व्हाट्सएप अपडेट्स मिलेंगे
जितना स्पष्ट लिखेंगे, उतनी जल्दी सटीक समाधान मिलेगा

🔒 आपकी निजी जानकारी 100% सुरक्षित है। हम कोई स्पैम नहीं भेजते। केवल आपकी मिल से जुड़े आधिकारिक अपडेट्स शेयर किए जाते हैं।

✓
Aamir Raza
लेखक एवं मुख्य संपादक

Aamir Raza

संस्थापक एवं प्रधान संपादक — CaneUp.xyz। उत्तर प्रदेश गन्ना उद्योग, पर्ची कैलेंडर, SAP/MSP मूल्य नीति, ई-गन्ना पोर्टल और किसान अधिकारों पर 10+ वर्षों का जमीनी अनुभव।

यह आर्टिकल कैसा लगा?

📬 गन्ना अपडेट पाएं

MSP रेट, पर्ची कैलेंडर, सरकारी योजनाएं — सीधे आपके इनबॉक्स में