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गन्ना ₹600/क्विंटल: अमरोहा में किसानों ने दी 20 अक्टूबर की डेडलाइन — ऐलान नहीं हुआ तो 25 अक्टूबर को गन्ना जलाएंगे, कुशीनगर में सैकड़ों का प्रदर्शन

Aamir Raza Aamir Raza • Sep 26, 2026 • 6 min read
गन्ना ₹600/क्विंटल: अमरोहा में किसानों ने दी 20 अक्टूबर की डेडलाइन — ऐलान नहीं हुआ तो 25 अक्टूबर को गन्ना जलाएंगे, कुशीनगर में सैकड़ों का प्रदर्शन
अंतिम अपडेट: September 26, 2026 1:00 PM IST — यह आर्टिकल नियमित रूप से अपडेट किया जाता है।

🚨 BREAKING: उत्तर प्रदेश में गन्ने के भाव को लेकर किसानों का आंदोलन अब डेडलाइन की शक्ल ले चुका है। अमरोहा में हुई किसान महापंचायत में 2026-27 सत्र के लिए गन्ने का भाव ₹600 प्रति क्विंटल घोषित करने की मांग के साथ सरकार को 20 अक्टूबर तक की डेडलाइन दी गई है — और चेतावनी दी गई है कि अगर तब तक ऐलान नहीं हुआ तो 25 अक्टूबर को किसान गन्ना जलाकर विरोध जताएंगे।

उधर 23 सितंबर को कुशीनगर में सैकड़ों किसानों ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री के नाम 17 सूत्री मांगपत्र सौंपा, जिसमें सबसे पहली मांग गन्ने का भाव ₹600/क्विंटल ही है। इसी बीच केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने चीनी मिलों से कहा है कि बाय-प्रोडक्ट से कमाई बढ़ाकर मिलें किसानों को ₹6,000 प्रति टन (यानी ₹600/क्विंटल) तक चुका सकती हैं। आइए समझते हैं पूरा मामला — मांग क्या है, डेडलाइन क्यों है, और किसानों के लिए आगे क्या हो सकता है।

अमरोहा महापंचायत: 20 अक्टूबर की डेडलाइन, 25 को गन्ना जलाने की चेतावनी

10 सितंबर 2026 को अमरोहा में अतरासी पुल के नीचे नेशनल हाईवे पर भारतीय किसान यूनियन (चौधरी करतार सिंह गुट) की महापंचायत हुई। इसकी अध्यक्षता चौधरी पतराम सिंह ने की, जबकि यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी महावीर सिंह ने मुख्य मांगें रखीं।

महापंचायत की सबसे बड़ी मांग थी — पेराई सत्र 2026-27 शुरू होने से पहले गन्ने का राज्य परामर्श मूल्य (SAP) ₹600 प्रति क्विंटल घोषित किया जाए। किसानों ने साफ कहा कि अगर 20 अक्टूबर तक भाव का ऐलान नहीं हुआ तो 25 अक्टूबर को गन्ना जलाकर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।

गन्ने के भाव के अलावा महापंचायत में तीन और बड़ी मांगें उठीं:

  • महा कॉरिडोर परियोजना को रद्द किया जाए
  • गंगा एक्सप्रेसवे के लिए जमीन का मुआवजा बाजार भाव का 4 गुना दिया जाए
  • दूध के भाव में ₹30 से ₹40 प्रति लीटर की बढ़ोतरी हो

महापंचायत में जिला गन्ना अधिकारी, मुरादाबाद विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष, एसडीओ (बिजली), तहसीलदार और जिला सहकारी बैंक के महाप्रबंधक समेत कई अधिकारी मौजूद रहे, जिन्हें किसानों ने अपनी मांगें सीधे सौंपीं। (स्रोत: चिनीमंडी, 11 सितंबर 2026, हिंदुस्तान के हवाले से)

कुशीनगर: कलेक्ट्रेट पर सैकड़ों किसान, CM के नाम 17 सूत्री मांगपत्र

अमरोहा के बाद 23 सितंबर 2026 को कुशीनगर में भारतीय किसान संघ के जिलाध्यक्ष आनंद कुमार तिवारी के नेतृत्व में सैकड़ों किसान जिला कलेक्ट्रेट पहुंचे और जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को 17 सूत्री मांगपत्र सौंपा। चेतावनी दी गई कि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन तेज होगा।

प्रमुख मांगें: गन्ना ₹600/क्विंटल; मिल-भाव पर गन्ना बीज; पीएम-किसान ₹12,000/साल; खेती की बिजली मुफ्त + सोलर सब्सिडी; गांव-गांव किसान रजिस्ट्री शिविर; आवारा पशु समस्या का बिहार मॉडल पर हल; नहरों में टेल तक पानी; जलभराव से खराब धान का मुआवजा; ₹5 लाख कैशलेस इलाज; KCC बकाए पर क्रेडिट रिकॉर्ड खराब न हो।

यानी लड़ाई अब सिर्फ गन्ने के भाव की नहीं — पूरी खेती-किसानी की अर्थव्यवस्था पर सरकार से जवाब मांगा जा रहा है। (स्रोत: समरसलील, 23 सितंबर 2026)

गडकरी का बड़ा बयान: “मिलें चाहें तो ₹6,000/टन चुका सकती हैं”

किसानों की मांग को केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के ताजा बयान से भी बल मिला है। 22 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में NFCSF अवॉर्ड्स में उन्होंने मिलों से कहा — सिर्फ चीनी बनाने का दौर गया, मिलों को बायो-रिफाइनरी बनना होगा।

उनके शब्द: “The future of plain sugar is mediocre at best… diversifying into complementary by-products guarantees a strong future.”

गडकरी बोले — CBG, एथेनॉल, बायो-खाद, सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल से कमाई बढ़ाकर मिलें किसानों को ~₹4,000/टन की जगह ₹6,000/टन (₹600/क्विंटल) चुका सकती हैं। आंकड़े: उत्पादन 300-350 लाख टन बनाम खपत 280-300 लाख टन; लागत ₹33-34/किलो बनाम ब्राजील में ₹23/किलो; CBG के 1,908 प्लांट रजिस्टर्ड (132 चालू); ₹23,731 करोड़ की गोबरधन योजना मंजूर। (स्रोत: द हिंदू बिजनेसलाइन, 22 सितंबर 2026)

किसानों का तर्क सीधा है — जब मंत्री खुद ₹6,000/टन संभव बता रहे हैं, तो SAP ₹600 घोषित करने में देरी क्यों?

अभी क्या है स्थिति: SAP ₹400, FRP ₹365 — ऐलान का इंतजार

फिलहाल उत्तर प्रदेश में गन्ने का SAP ₹400 प्रति क्विंटल है, जबकि केंद्र सरकार ने 2026-27 सत्र के लिए FRP ₹365 प्रति क्विंटल तय किया है। 26 सितंबर 2026 तक नए SAP का कोई ऐलान नहीं हुआ है।

याद रहे कि जून 2026 में UP के गन्ना मंत्री अनिल कुमार ने कहा था कि सरकार अगले संशोधन में SAP को ₹400 से ऊपर ले जाने का लक्ष्य रखती है — लेकिन कितना ऊपर, यह अभी साफ नहीं है। उधर किसान नेता राकेश टिकैत, दिगंबर सिंह और गुरनाम सिंह चढ़ूनी खुदरा चीनी का भाव ₹60/किलो के पार जाने का हवाला देकर ₹600-650/क्विंटल की मांग कर रहे हैं। (स्रोत: किसान इंडिया, 18 सितंबर 2026)

मिलों का पक्ष भी जान लीजिए

उद्योग का अपना तर्क है। ISMA-NFCSF (22-23 सितंबर) बोले — अगस्त के उछाल से कोई “विंडफॉल मुनाफा” नहीं हुआ: 17-31 अगस्त में सिर्फ 7.22 लाख टन चीनी ₹4,996.98/क्विंटल पर बिकी (सालाना खपत का 2.5% से कम)। पूरे सत्र का औसत एक्स-मिल भाव ₹4,100/क्विंटल (₹41/किलो) — लागत से नीचे रहा।

ISMA के दीपक बल्लानी के मुताबिक 2025-26 का ₹1.12 लाख करोड़ (97.5%) बकाया चुकाया जा चुका है। खुदरा भाव भी सुधरा — 22 सितंबर को ₹58.02/किलो (एक महीने पहले ₹60.74), UP में ₹55.09/किलो। (स्रोत: बिजनेसलाइन, एग्रीइनसाइट, चिनीमंडी)

यानी दो पहलू हैं — किसान महंगाई के बीच ₹600 मांग रहे हैं, मिलें कह रही हैं मार्जिन पहले से दबाव में है।

आगे क्या: 15 अक्टूबर से पेराई, 20 अक्टूबर डेडलाइन

समय कम है — 15 अक्टूबर 2026 से पेराई शुरू होनी है (बिजनौर में ~10 दिन पहले की तैयारी)। ऐसे में 20 अक्टूबर की डेडलाइन और 25 अक्टूबर के विरोध की चेतावनी अहम है।

नजर रखें: (1) SAP का ऐलान कब और कितना, (2) 20 अक्टूबर तक घोषणा न हुई तो संगठनों का अगला कदम, (3) पर्ची-भुगतान की व्यवस्था, (4) शीर्ष 11 जिलों में गन्ना रकबा 1.6% घटा (17.14 लाख हेक्टेयर) — भाव पर असर संभव।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

Q1. UP में 2026-27 के लिए गन्ने का भाव (SAP) कितना घोषित हुआ है? अभी तक नहीं। मौजूदा SAP ₹400/क्विंटल, केंद्र का FRP ₹365/क्विंटल है। किसान ₹600/क्विंटल मांग रहे हैं।

Q2. अमरोहा महापंचायत में क्या डेडलाइन दी गई है? 20 अक्टूबर 2026 तक ₹600/क्विंटल SAP का ऐलान — नहीं तो 25 अक्टूबर को गन्ना जलाकर विरोध। (महापंचायत: 10 सितंबर, अमरोहा)

Q3. कुशीनगर में किसानों ने क्या मांगें रखीं? 17 सूत्री मांगपत्र — गन्ना ₹600/क्विंटल, PM-किसान ₹12,000/साल, मुफ्त बिजली, आवारा पशु हल, ₹5 लाख कैशलेस इलाज समेत। (23 सितंबर, कुशीनगर)

Q4. गडकरी ने चीनी मिलों से क्या कहा? मिलें बाय-प्रोडक्ट से कमाई बढ़ाकर ₹6,000/टन (≈₹600/क्विंटल) चुका सकती हैं — बायो-रिफाइनरी बनें। (22 सितंबर, नई दिल्ली)

Q5. पेराई सत्र 2026-27 कब शुरू होगा? 15 अक्टूबर 2026 से (सरकारी निर्देश); बिजनौर में ~10 दिन पहले शुरू होने की तैयारी।


यह खबर चिनीमंडी (11 सितंबर 2026), समरसलील (23 सितंबर 2026), द हिंदू बिजनेसलाइन (22 सितंबर 2026), एग्रीइनसाइट और किसान इंडिया (18 सितंबर 2026) की रिपोर्टों के तथ्य-जांच के आधार पर तैयार की गई है। SAP से जुड़ा कोई आधिकारिक ऐलान होते ही यह खबर अपडेट की जाएगी।

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Aamir Raza
लेखक एवं मुख्य संपादक

Aamir Raza

संस्थापक एवं प्रधान संपादक — CaneUp.xyz। उत्तर प्रदेश गन्ना उद्योग, पर्ची कैलेंडर, SAP/MSP मूल्य नीति, ई-गन्ना पोर्टल और किसान अधिकारों पर 10+ वर्षों का जमीनी अनुभव।

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